Parenting Mistakes: बच्चों का स्वभाव माता पिता का लालन पालन पर निर्भर करता है। अभिभावक जिस तरह से अपने बच्चे को संभालते हैं और सीख देते हैं, उसी के मुताबिक वह बर्ताव करते हैं। कई बच्चे शर्मीले व शांत होते हैं तो कई बच्चे चुलबुले और शरारती होते हैं। माता पिता के अलावा ऐसा स्वभाव जन्मजात भी उनसे जुड़ जाता है। आसपास के माहौल का भी कुछ असर होता है।
Parenting Tips: अभिभावक की इन गलतियों के कारण बच्चे का आत्मविश्वास हो सकता है कम
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तुलना करना
कई बार अभिभावक दूसरे बच्चे से अपने बच्चे की तुलना कर देते हैं। बच्चे को आगे बढ़ाने और पढ़ाई से लेकर खेलकूद में प्रथम लाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उनके सामने दूसरे बच्चे की तारीख करते हैं। इस कारण बच्चा खुद को कम महसूस करने लग सकता है। बच्चे में ईर्ष्या, हिंसा और द्वेष की भावना आ जाती है। माता पिता के तुलना करने से बच्चे के आत्मविश्वास पर ठेस पहुंचती है।
उत्साहवर्धन न करना
बच्चे की गलतियों या शैतानी पर अभिभावक डांटते हैं तो उनके अच्छे कार्यों पर बच्चे का उत्साहवर्धन भी करना चाहिए। माता पिता की तारीफ और प्रोत्साहन बच्चे को मजबूत व्यक्तित्व का बनाते हैं, वहीं जब अभिभावक बच्चे का उत्साहवर्धन नहीं करते हैं तो उनके मन को ठेस पहुंचती है। माता पिता की तारीफ न मिलने से वह निराश हो जाते हैं और आत्मविश्वास खो देते हैं।
अधिक सख्ती करना
अभिभावक को बच्चे को अनुशासन में रहना सीखना चाहिए, लेकिन कई बार बच्चे को अनुशासित बनाने के लिए वह अधिक सख्ती कर जाते हैं। अभिभावक की जरूरत से ज्यादा सख्ती बच्चे के मन में डर भर देती है। इस कारण बच्चे अपने मन की बात शेयर नहीं कर पाते और उनमें आत्मविश्वास कम होने लगता है।
मर्जी थोपना
बच्चे में भले ही अनुभव की कमी होती है लेकिन उनके खुद के विचार और सपने होते हैं। अक्सर माता पिता बच्चे के विचारों या बातों को बेकार का समझ कर टाल देते हैं या महत्व नहीं देते हैं। इससे बच्चे का आत्मविश्वास कम होता है। अभिभावक अपनी मर्जी के कार्य करने के लिए बच्चों से उम्मीद रखते हैं और अगर बच्चा उनके मन मुताबिक कार्यों में दिलचस्पी नहीं लेता, तो उसपर मर्जी थोपने लगते हैं। इससे बच्चे का खुद पर से भरोसा कम होने लगता है।