परिवार सबके जीवन का एक ऐसा स्तंभ है जो सुख हो या दुख हर घड़ी में आपके साथ होता है। सिर्फ सुख-दुख का साथी ही नहीं बल्कि परिवार एकजुटता, प्रेम, मित्रता और संवेदनशीलता का प्रतीक है। इसका महत्त्व हर एक के जीवन में समान है। 15 मई को हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम 'परिवार और जलवायु अभियान' है। दिन पर दिन छोटे होते जा रहे परिवार में नई पीढ़ी का परिवार का मूल समझ पाना मुश्किल है। ऐसे में आज की पीढ़ी के बच्चों को परिवार की महत्ता समझाना बेहद जरुरी है।
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परिवार दिवस 2019: सिंगल फैमिली में बड़े हो रहे बच्चों को ऐसे सिखाएं 'संयुक्त परिवार' का महत्त्व
Wed, 15 May 2019 03:03 PM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Wed, 15 May 2019 03:03 PM IST
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परिवार में एकजुटता की पहली सीढ़ी है कि हम स्वार्थी होने की बजाए दूसरे के बारे में सोचें यानी खुद से पहले परिवार के सदस्यों के बारे में सोचें। परिवार में पत्नी और मां हमेशा ऐसा करती है जब वह परिवार के दूसरे सदस्यों को पहले खाना खिलाती हैं और खुद आखिर में खाती हैं। हमें भी उनसे सीखकर इस भावना को अपने व्यवहार में उतारना चाहिए।
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परिवार हो या समाज अगर आप तनावरहित जीवन जीना चाहते हैं तो माफ करना सीखें और भूल जाने की नीति अपनाएं। अपने बच्चों को भी यही सिखाएं। अगर किसी की बातों को भूलने के बजाए सोचते रहेंगे तो मनमुटाव खत्म नहीं होगा और रिश्तों में दरार यही से शुरू हो जाती है।
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बड़ों से सम्मान के साथ बात करना, परिवार में किसी को जरूरत हो तो उनकी मदद करना ये सारी चीजें भी शिष्टाचार का ही हिस्सा हैं। साथ ही, इंसान को पसंद या नापसंद करने का कारण उनका व्यवहार और शिष्टाचार ही होता है।
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घर के हर काम का बोझ एक ही व्यक्ति पर न डालें। आप भी काम में बराबर हाथ बटाएं क्योंकि आप परिवार के बड़े हैं तो आपकी जिम्मेदारी बनती है कि परिवार के सभी सदस्यों के बीच घर के काम की जिम्मेदारी बांट दें।