पहली नजर का प्यार! इस बारे में आपलोगों ने सुना तो होगा ही! हो सकता है आपलोगों में से बहुतों को पहली नजर में प्यार हुआ भी हो! एक ऐसे समय में जब कोरोना महामारी के कारण दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन चल रहा है, लोग अपने दोस्तों और परिचितों से दूर हैं, जाहिर है कि बहुत सारे प्रेमी जोड़े भी एक दूसरे से जुदा होंगे। लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के बीच छत और बालकोनी के साथ सोशल मीडिया के जरिए भी लोग एक-दूसरे के करीब हो रहे हैं। इस बीच लोगों में नजदीकियां आ रही हैं, नए रिश्ते भी बन रहे हैं और नए अहसासों के जरिए प्यार भी पनप रहा है। इस बीच इटली के वेराना शहर से पहली नजर के प्यार का एक किस्सा सामने आया है।
कोरोना के दौर में इश्क: इटली के वे रोमियो और जूलियट, जिन्हें पहली नजर में हुआ प्यार
कोरोना संक्रमण काल में एक ओर लोग दुख और निराशा झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ सकारात्मक और कुछ सुखद अहसास भी सामने आ रहे हैं। आपको या आपके किसी दोस्त, किसी रिश्तेदार को अगर पहली नजर का प्यार हुआ हो तो आप इसे समझ पाएंगे। लॉकडाउन के बीच इटली के वेरोना शहर में पनपी यह प्रेम कहानी आपको रूमानियत से भर सकती है। यहां 38 साल के मिशेले डी अल्फासो को अपने घर के सामने रहने वाली पाओला एग्नेली से प्यार हो गया।
पाओला, मिशेले से एक साल बड़ी हैं। दोनों को पहली नजर में ही प्यार हो गया, जब वे दोनों एक शाम अपनी-अपनी बालकनी में खड़े थे और संगीत का आनंद ले रहे थे। मालूम हो कि कोरोना महामारी से इस जंग में इटली के कई शहरों में लोग अपनी बालकनी में आकर संगीत बजाते हैं और कोरोना योद्धाओं के प्रति सम्मान जताते हुए एकता का संदेश देते हैं। तो हुआ यूं कि मिशेले भी एक शाम अपनी बालकनी में खड़े थे और दूसरी ओर पाओला अपनी बालकनी में वायलिन बजा रही थीं।
विदेशी अखबार द टाइम की रिपोर्ट के मुताबिक, पाओला के संगीत ने मिशेले का ध्यान खींचा और उन्हें पहली ही नजर में पाओला ने प्रभावित कर दिया। दोनों का घर आमने-सामने है। मिशेले जिस बिल्डिंग में रहते हैं, उसके सामने वाली बिल्डिंग की छठी मंजिल पर पाओलो अपनी मां और बहन के साथ रहती हैं। मिशेले की बहन सिल्विया और पाओला की पुरानी जान-पहचान थी। पाओला की बहन लीजा एग्नेली भी वायलिन बजाती हैं।
शाम में म्यूजिक सेशन यानी जिस वक्त सभी अपनी बालकनी में आकर संगीत बजाते हैं, उस दौरान पाओला और मिशेले की नजरें एक-दूसरे से मिली और कुछ देर तक वे दोनों एक-दूसरे को देखते रहे। यह 17 मार्च की शाम थी। पाओला की बहन लीजा जब हर दिन की तरह वायलिन बजा रही थीं तो पाओला उनकी मदद के लिए बालकनी में गई थीं। तभी दोनों ने एक-दूसरे को देखा।
