भगवान शिव को गृहस्थ का देवता माना जाता है। लड़किया अच्छा पति पाने के लिए भगवान शिव की पूजा करती हैं तो वहीं महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए उनके व्रत रखती हैं। सावन का महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय होता है। इसी महीने में भोलेनाथ और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इस बार सावन की शिवरात्रि श्रावण 9 अगस्त यानि आज मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं पंडित विवेक खंकरीयाल से ऐसी 5 खास बातें जो हर शादीशुदा जोड़े को भगवान शिव और मां पार्वती से अपने खुशहाल जीवन के लिए जरूर सीखनी चाहिए।
सावन शिवरात्रि 2018: सुखी जीवन के लिए हर जोड़े को भगवान शिव से सीखनी चाहिए ये 5 चीजें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समानता का अधिकार
भगवान शिव ही एकमात्र ऐसे देवता है जिन्हें अर्धनारीश्वर कहा जाता है। अर्धनारीश्वर शब्द का मतलब होता है कि शंकर की आधी प्रतिमा पुरुष की है और आधी स्त्री की । अपने इस स्वरूप से वो शादीशुदा लोगों को ये समझाते हैं कि पति-पत्नी भले ही शरीर अलग हो लेकिन मन से दोनों एक ही हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि पति-पत्नी के बीच कई झगड़े तो सिर्फ खुद को बड़ा दिखाने की वजह से हो जाते हैं।
प्यार
भगवान शिव और माता पार्वती का साथ उन सभी लोगों के लिए एक उदाहरण है जो विवाह करते समय बैंक बैलेंस और खूबसूरती को पहली अहमियत देते हैं। माता पार्वती ने भस्मधारी, गले में सर्प की माला वाले शिव को पसंद करके ऐसे लोगों को बताया है कि एक अच्छे गृहस्थ जीवन के लिए दोनों के बीच प्यार और समर्पण जरूरी है न कि पैसा और खूबसूरती।
ईमानदार
हर लड़की चाहती है कि उसे अपना जीवनसाथी भोले बाबा जैसा सीधा और प्यार करने वाला मिले। जो उसकी किसी बात को अनसुना न करें। भगवान शिव माता पार्वती से कितना प्यार करते थे ये इसी बात से पता चलता है कि जब माता पार्वती भगवान शिव के हुए अपमान से दुखी होकर सती हो गई थीं तो भगवान ने रौद्र रूप धारण करके दुनिया का विनाश करना शुरू कर दिया था। हालांकि बाद में वो देवताओं के समझाने के बाद शांत भी हो गए थे।
एक अच्छा मुखिया
जिस तरह परिवार का मुखिया अलग-अलग विचार होने के बावजूद अपने पूरे घर को एक साथ लेकर चलता है ठीक उसी तरह भगवान शिव भी अपने परिवार को एक साथ रखते हैं। उदाहरण के लिए भगवान शिव के गले में सांप की माला है जो कि उनके पुत्र गणेश के वाहन चूहे का शत्रु होता है। बावजूद इसके दोनों में कोई बैर नहीं देखा जाता। ठीक उसी तरह मां गौरी का वाहन का शेर और भगवान शिव का वाहन है बैल वो भी एक दूसरे के शत्रु होते हैं बावजूद इसके दोनों मिलकर रहते हैं। भगवान शिव ऐसे गृहस्थ के देवता हैं जो विषम परिस्थितियों में भी अपने परिवार को साथ लेकर चलते हैं।