Sologamy : प्यार एक ऐसी भावना है, जो आपको किसी दूसरे के प्रति समर्पित होने, उनकी परवाह करने और उनके साथ रहने के लिए प्रोत्साहित करती है। यही प्यार जब अपने परिवार से अलग किसी अन्य के लिए आप महसूस करते हैं तो उनके साथ शादी के बंधन में बंधकर रहना चाहते हैं। भारतीय संस्कृति में शादी को भी बहुत ही पवित्र रिश्ता माना जाता है। जिसमें एक लड़का और लड़की एक परिवार में आते हैं और जन्मों जन्मों के रिश्ते में बंध जाते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में प्यार या शादी दो अलग जेंडर के बीच की बात नहीं रह गई। कई ऐसी शादियां देखने को मिली, जहां दो लड़कों ने शादी की तो कहीं दो लड़कियां ने धूमधाम और रीति रिवाजों के साथ शादी की। कुल मिलाकर शादी दो लोगों के बीच का रिश्ता होता है। लेकिन हाल में खुद से शादी करने का चलन शुरू हुआ है।खुद से शादी करने के इस ट्रेंड को सोलोगैमी कहा जाता है। चलिए जानते हैं कि कैसे बिना पार्टनर के लोग कर रहे शादी? क्या है सोलोगैमी? क्यों खुद से शादी करना चाहते हैं लोग?
Sologamy: आ गया खुद से शादी करने का ट्रेंड, जानें सोलोगैमी के बारे में
क्या है सोलोगैमी
अगर आप खुद से उसी तरह का प्यार करते हैं, जिस तरह का प्यार दो लोग एक दूसरे से करते हैं, तो शादी करने के लिए दो लोगों की जरूरत ही नहीं। आप खुद से शादी कर सकते हैं। ऐसे लोग जो अपने मन मुताबिक जीना चाहते हैं और उन्हें किसी साथी की जरूरत नहीं है, तो सोलोगैमी शादी की ओर रुख करते हैं।
कब हुई सोलोगैमी की शुरुआत
भले ही भारत में पहली सोलोगैमी शादी होने जा रही है लेकिन इस तरह की शादी का इतिहास पुराना है। पहली बार सोलोगैमी का अस्तित्व अमेरिका से पाया गया। साल 1993 में अमेरिका की एक महिला ने खुद से शादी की थी। उस महिला का नाम लिंडा बारकर था। लिंडा ने सेल्फ मैरिज के लिए 75 मेहमानों को न्योता दिया था। उसके बाद पश्चिमी देशों में सोलोगैमी का ट्रेंड बढ़ा और अब भारत तक पहुंच गया।
भारत में सोलोगैमी
हाल ही में सोलोगैमी यानी खुद से शादी करने का एक नया मामला सामने आया है। गुजरात के वडोदरा में क्षमा बिंदु नाम की लड़की खुद से शादी 11 जून को शादी करने जा रही हैं। शादी के लिए बकायदा पूरी तैयारी की जा रही है। भारत की ये पहली सोलोगैमी शादी है, जिसमें मंडप होगा, शादी की कसमें वादें होंगे, मेहमान होंगे, दुल्हन होगी, जयमाला होगी, सिंदूर होगा, दहेज होगा, शादी के बाद हनीमून होगा लेकिन दूल्हा नहीं होगा। खुद से शादी करने का ये आइडिया क्षमा बिंदू को क्यों आया, खुद उनसे जान लीजिए।
सोलोगैमी करने की वजह
क्षमा बिंदू के मुताबिक, वह शादी करना ही नहीं चाहती थीं। हालांकि वह दुल्हन बनना चाहती हैं। लगभग हर लड़की दुल्हन बनना चाहती है। वह शादी के खूबसूरत जोड़े को पहनना चाहती है लेकिन उसके लिए किसी और के साथ रिश्ते में बंधने को तैयार नहीं होती। ऐसा ही क्षमा बिंदू के भी विचार थे। इसलिए उन्होंने शादी के लिए किसी साथी को तलाश न करने का फैसला लिया और खुद से ही शादी करने का सोचा। सोलोगैमी को लेकर आपके कई सारे सवाल होंगे। शादी के बाद आपका रिलेशनशिप स्टेटस मैरिड हो जाता है। क्योंकि आपने खुद से ही शादी की है तो इस शादी में आपका पार्टनर आप खुद ही होते हैं। आप सामाजिक, आर्थिक तौर पर खुद पर आश्रित होते हैं।