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शिवरात्रि 2019: सुखी जीवन के लिए हर जोड़े को भगवान शिव से सीखनी चाहिए ये 5 चीजें
Wed, 20 Feb 2019 01:43 PM IST
प्रशांत राय
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत राय
Updated Wed, 20 Feb 2019 01:43 PM IST
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- फोटो : shiv
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भगवान शिव को गृहस्थ का देवता माना जाता है। सभी लड़कियां अच्छा पति पाने के लिए भगवान शिव की पूजा करती हैं तो वहीं महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए उनके व्रत रखती हैं। शिवरात्रि सभी के लिए खास होता है। इस दिन हिन्दू धर्म के लोग श्रद्धा पूर्वक भगवान शिव की अराधना करते हैं। देश के सभी बड़े-छोटे भगवान शिव के मंदिरों में पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं पंडित विवेक खंकरीयाल से ऐसी 5 खास बातें जो हर शादीशुदा जोड़े को भगवान शिव और मां पार्वती से अपने खुशहाल जीवन के लिए जरूर सीखनी चाहिए।
shiv temple
समानता का अधिकार
भगवान शिव ही एकमात्र ऐसे देवता है जिन्हें अर्धनारीश्वर कहा जाता है। अर्धनारीश्वर शब्द का मतलब होता है कि शंकर की आधी प्रतिमा पुरुष की है और आधी स्त्री की । अपने इस स्वरूप से वो शादीशुदा लोगों को ये समझाते हैं कि पति-पत्नी भले ही शरीर अलग हो लेकिन मन से दोनों एक ही हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि पति-पत्नी के बीच कई झगड़े तो सिर्फ खुद को बड़ा दिखाने की वजह से हो जाते हैं।
भगवान शिव ही एकमात्र ऐसे देवता है जिन्हें अर्धनारीश्वर कहा जाता है। अर्धनारीश्वर शब्द का मतलब होता है कि शंकर की आधी प्रतिमा पुरुष की है और आधी स्त्री की । अपने इस स्वरूप से वो शादीशुदा लोगों को ये समझाते हैं कि पति-पत्नी भले ही शरीर अलग हो लेकिन मन से दोनों एक ही हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि पति-पत्नी के बीच कई झगड़े तो सिर्फ खुद को बड़ा दिखाने की वजह से हो जाते हैं।
shiv parivar
प्यार
भगवान शिव और माता पार्वती का साथ उन सभी लोगों के लिए एक उदाहरण है जो विवाह करते समय बैंक बैलेंस और खूबसूरती को पहली अहमियत देते हैं। माता पार्वती ने भस्मधारी, गले में सर्प की माला वाले शिव को पसंद करके ऐसे लोगों को बताया है कि एक अच्छे गृहस्थ जीवन के लिए दोनों के बीच प्यार और समर्पण जरूरी है न कि पैसा और खूबसूरती।
भगवान शिव और माता पार्वती का साथ उन सभी लोगों के लिए एक उदाहरण है जो विवाह करते समय बैंक बैलेंस और खूबसूरती को पहली अहमियत देते हैं। माता पार्वती ने भस्मधारी, गले में सर्प की माला वाले शिव को पसंद करके ऐसे लोगों को बताया है कि एक अच्छे गृहस्थ जीवन के लिए दोनों के बीच प्यार और समर्पण जरूरी है न कि पैसा और खूबसूरती।
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shiv parvati
ईमानदार
हर लड़की चाहती है कि उसे अपना जीवनसाथी भोले बाबा जैसा सीधा और प्यार करने वाला मिले। जो उसकी किसी बात को अनसुना न करें। भगवान शिव माता पार्वती से कितना प्यार करते थे ये इसी बात से पता चलता है कि जब माता पार्वती भगवान शिव के हुए अपमान से दुखी होकर सती हो गई थीं तो भगवान ने रौद्र रूप धारण करके दुनिया का विनाश करना शुरू कर दिया था। हालांकि बाद में वो देवताओं के समझाने के बाद शांत भी हो गए थे।
हर लड़की चाहती है कि उसे अपना जीवनसाथी भोले बाबा जैसा सीधा और प्यार करने वाला मिले। जो उसकी किसी बात को अनसुना न करें। भगवान शिव माता पार्वती से कितना प्यार करते थे ये इसी बात से पता चलता है कि जब माता पार्वती भगवान शिव के हुए अपमान से दुखी होकर सती हो गई थीं तो भगवान ने रौद्र रूप धारण करके दुनिया का विनाश करना शुरू कर दिया था। हालांकि बाद में वो देवताओं के समझाने के बाद शांत भी हो गए थे।
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shiv shankar
एक अच्छा मुखिया
जिस तरह परिवार का मुखिया अलग-अलग विचार होने के बावजूद अपने पूरे घर को एक साथ लेकर चलता है ठीक उसी तरह भगवान शिव भी अपने परिवार को एक साथ रखते हैं। उदाहरण के लिए भगवान शिव के गले में सांप की माला है जो कि उनके पुत्र गणेश के वाहन चूहे का शत्रु होता है। बावजूद इसके दोनों में कोई बैर नहीं देखा जाता। ठीक उसी तरह मां गौरी का वाहन का शेर और भगवान शिव का वाहन है बैल वो भी एक दूसरे के शत्रु होते हैं बावजूद इसके दोनों मिलकर रहते हैं। भगवान शिव ऐसे गृहस्थ के देवता हैं जो विषम परिस्थितियों में भी अपने परिवार को साथ लेकर चलते हैं।
जिस तरह परिवार का मुखिया अलग-अलग विचार होने के बावजूद अपने पूरे घर को एक साथ लेकर चलता है ठीक उसी तरह भगवान शिव भी अपने परिवार को एक साथ रखते हैं। उदाहरण के लिए भगवान शिव के गले में सांप की माला है जो कि उनके पुत्र गणेश के वाहन चूहे का शत्रु होता है। बावजूद इसके दोनों में कोई बैर नहीं देखा जाता। ठीक उसी तरह मां गौरी का वाहन का शेर और भगवान शिव का वाहन है बैल वो भी एक दूसरे के शत्रु होते हैं बावजूद इसके दोनों मिलकर रहते हैं। भगवान शिव ऐसे गृहस्थ के देवता हैं जो विषम परिस्थितियों में भी अपने परिवार को साथ लेकर चलते हैं।