{"_id":"58e34f2f4f1c1bc06e5b5867","slug":"top-5-reasons-teenagers-commit-suicide","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"एक्जाम स्ट्रेस या कुछ और, बच्चे क्यों कर रहे हैं सुसाइड?","category":{"title":"Relationship","title_hn":"रिलेशनशिप","slug":"relationship"}}
एक्जाम स्ट्रेस या कुछ और, बच्चे क्यों कर रहे हैं सुसाइड?
amarujala.com- presented by: कुशमिता राणा
Updated Tue, 04 Apr 2017 01:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोज अखबार के पन्ने पलट लीजिए। बच्चों की सुसाइड की खबरें मिल जाएंगी। लेकिन क्या कभी हम उनके कारणों को जानने के बाद अपने बच्चों के जीवन को संवारने की कोशिश करते हैं? हम आपको बताते हैं टीनएज बच्चों के जीवन में 5 सबसे बड़ो कारण और उनसे बचने के उपाय। इस उपायों को अपनाकर आप भी अपने बच्चे के जीवन को संवार सकते हैं और बचा सकते हैं उन्हे ऐसा कदम उठाने से भी।
एक्जाम स्ट्रेस या कुछ और, बच्चे क्यों कर रहे हैं सुसाइड?
परीक्षा का दबाव नए जमाने के बच्चों पर इस कदर हावी हुआ है कि कई बचपन इसकी भेंट चढ़ गए हैं। एक्जाम का ये स्ट्रेस उन पर इस कदर हावी होता है कि बोर्ड एक्जाम आने से पहले कई मौतों की खबर आती है और कई बच्चे परीक्षा में फेल होने बाद मौत का रास्ता चुन लेते हैं।
दरअसल बचपन से ही बच्चों पर अच्छे नंबर लाने के लिए पेरेंट्स और टीचर्स जो प्रेशर बनाते हैं, यही प्रेशर उनके तनाव का कारण बनता है। वहीं परीक्षाओं में पेरेंट्स और टीचर्स की उम्मीदों पर खरा ना उतरने पर उनका तनाव और बढ़ जाता है। इस तनाव के खत्म करने के लिए छात्रों को सिर्फ एक ही रास्ता नजर आता है, आत्महत्या।
क्या करें- पेरेंट्स और टीचर्स को बच्चें पर दवाब बनाने से अच्छा ये समझना चाहिए कि हर बच्चे की पसंद और टेलेंट एक जैसा नहीं होता। अपने बच्चे के हुनर को समझे और उसे आगे बढने के लिए प्रेरित करें।
दरअसल बचपन से ही बच्चों पर अच्छे नंबर लाने के लिए पेरेंट्स और टीचर्स जो प्रेशर बनाते हैं, यही प्रेशर उनके तनाव का कारण बनता है। वहीं परीक्षाओं में पेरेंट्स और टीचर्स की उम्मीदों पर खरा ना उतरने पर उनका तनाव और बढ़ जाता है। इस तनाव के खत्म करने के लिए छात्रों को सिर्फ एक ही रास्ता नजर आता है, आत्महत्या।
क्या करें- पेरेंट्स और टीचर्स को बच्चें पर दवाब बनाने से अच्छा ये समझना चाहिए कि हर बच्चे की पसंद और टेलेंट एक जैसा नहीं होता। अपने बच्चे के हुनर को समझे और उसे आगे बढने के लिए प्रेरित करें।
एक्जाम स्ट्रेस या कुछ और, बच्चे क्यों कर रहे हैं सुसाइड?
सिंगल चाइल्ड के दौर में मां-बाप बच्चे को बचपन से ही लाड़ लड़ाने के चक्कर में उसकी हर ख्वाहिश को पूरा करते हैं। पेरेंट्स की यही आदत बच्चो को जिद्दी बना देती है। जिसका खामियाजा पेरेंट्स को भुगतना पड़ता हैं। बच्चे की हर छोटी बड़ी इच्छा पूरी होने के बाद जब उन्हें किसी चीज के लिए मना किया जाता है तो ये उन्हें बर्दाश्त नहीं होता और वो इतने सेसेटिव हो जाते हैं कि बिना कुछ सोचे समझे, किसी की परवाह किये बिना सुसाइड कर लेते हैं।
क्या करें- पेरेंट्स को बचपन से ही बच्चे में ना सुनने की आदत डालनी चाहिए। उनकी इच्छा तो पूरी करें लेकिन सिर्फ जरुरी। पेरेंट्स को बच्चें में शुरु से ही चीजों को बर्दाश्त करने की आदत डालनी चाहिए, ताकि बड़े होकर वो जिद्दी ना हो जाएं। बच्चे को समझाये कि क्या उनके लिए जरुरी क्या नहीं।
क्या करें- पेरेंट्स को बचपन से ही बच्चे में ना सुनने की आदत डालनी चाहिए। उनकी इच्छा तो पूरी करें लेकिन सिर्फ जरुरी। पेरेंट्स को बच्चें में शुरु से ही चीजों को बर्दाश्त करने की आदत डालनी चाहिए, ताकि बड़े होकर वो जिद्दी ना हो जाएं। बच्चे को समझाये कि क्या उनके लिए जरुरी क्या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक्जाम स्ट्रेस या कुछ और, बच्चे क्यों कर रहे हैं सुसाइड?
तलाक
बच्चों में आत्महत्या करने का एक बड़ा कारण मां-बाप का तलाक भी सामने आया है। तलाक का बच्चों के दिमाग पर गलत असर पड़ता है। उन्हें मां-बाप दोनो का प्यार नहीं मिल पाता। ऐसे में जब वो दूसरे बच्चों को उनके पेरेंट्स के साथ देखते हैं तो उन्हें अपने जीवन में कमी नजर आने लगती है, इसके कारण वो चिड़चिड़े होने लगते है। कई केसों में सामने आया है कि ऐसे हालातों में बच्चें सुसाइड तक कर लेते हैं।
क्या करें- जितना हो सके पेरेंट्स इस बात का खास ख्याल रखें कि वो अपने रिश्ते का असर बच्चों पर ना पड़ने दें। पेरेंट्स के रिश्ते में आई दरार का असर बच्चे के प्यार पर ना पड़ने दें, अपने बच्चे को भरपूर प्यार करें।
क्या करें- जितना हो सके पेरेंट्स इस बात का खास ख्याल रखें कि वो अपने रिश्ते का असर बच्चों पर ना पड़ने दें। पेरेंट्स के रिश्ते में आई दरार का असर बच्चे के प्यार पर ना पड़ने दें, अपने बच्चे को भरपूर प्यार करें।
विज्ञापन
एक्जाम स्ट्रेस या कुछ और, बच्चे क्यों कर रहे हैं सुसाइड?
नशे की लत
ड्रग्स और शराब की लत के कारण बच्चों को कब उनके जीवन खत्म करने पर मजबूर कर देती है, ये पता भी नही चलता। गलत दोस्त इसका बड़ा कारण हैं। दोस्ती की वजह से बच्चे एक बार एक्सपेरिमेंट करते है और धीरे-धीरे इस जानलेवा आदत का शिकार हो जाते हैं।
क्या करें- अपने बच्चों के दोस्तो पर खास नजर रखें वो किस तरह के दोस्त बनाते हैं इसमें उनकी मदद करें और उन्हें सिखायें कि सही दोस्तों का चुनाव कैसे करना है।
क्या करें- अपने बच्चों के दोस्तो पर खास नजर रखें वो किस तरह के दोस्त बनाते हैं इसमें उनकी मदद करें और उन्हें सिखायें कि सही दोस्तों का चुनाव कैसे करना है।