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Rajasthan: स्कूलों की बदहाली पर गुढ़ा का सरकार पर हमला, वीडियोग्राफी बैन पर बोले- पारदर्शिता खत्म कर रही सरकार
Wed, 19 Aug 2026 07:55 AM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2026 07:55 AM IST
सार
स्कूलों की बदहाली और नए वीडियोग्राफी नियमों पर राजेंद्र गुढ़ा ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। गुढ़ा ने शिक्षा बजट बढ़ाने की मांग भी की।
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राजेंद्र गुढ़ा, पूर्व मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और स्कूल परिसरों में फोटो, वीडियोग्राफी व लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक के सरकारी आदेश को लेकर पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने सवाल उठाए हैं। गुढ़ा ने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों की इमारतें 50 से 60 साल या उससे भी अधिक पुरानी हैं लेकिन उनके रखरखाव और सुरक्षा पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने सरकार से स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ठोस योजना तैयार करने की मांग की।
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गुढ़ा ने कहा कि सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत कोई नई समस्या नहीं है। उन्होंने नरेश मीणा के आंदोलन के दौरान एक स्कूल में धरना दिए जाने और बाद में छत गिरने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनका कहना था कि बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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गुढ़ा ने स्कूल परिसरों में फोटो, वीडियोग्राफी और लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने के सरकार के आदेश पर सवाल करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता के लिए रिकॉर्डिंग और वीडियोग्राफी की व्यवस्था होने में आखिर परेशानी क्या है? उन्होंने शिक्षा मंत्री के कथित बयान पर भी कटाक्ष किया, जिसमें मंत्री ने ऐसे आदेश की जानकारी होने की बात से अनभिज्ञता जताई थी।
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गुढ़ा ने कहा कि यदि शिक्षा विभाग से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण आदेश जारी होता है और शिक्षा मंत्री को ही उसकी जानकारी नहीं होती, तो यह सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए उसकी योजना क्या है?
पूर्व मंत्री ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए बजट बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने सुझाव दिया कि विधायकों को मिलने वाली विकास राशि का एक हिस्सा स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं पर खर्च किया जाना चाहिए। इसके साथ ही सांसदों और सरकार को भी स्कूलों के विकास के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए।
गुढ़ा ने सरकार के बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि जब राज्य का कुल बजट करीब छह लाख करोड़ रुपये है, तो शिक्षा के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान पर्याप्त नहीं माना जा सकता। उन्होंने सरकार से आने वाले वर्षों के लिए स्कूल भवनों, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की मांग की।