14 फरवरी यानी की हर प्यार करने वाले के लिए खास दिन। फरवरी के दूसरे सप्ताह का हर दिन प्यार करने वालों के लिए कुछ न कुछ खास लेकर आता है। गुलाब देने से लेकर प्रपोज करने तक हर दिन बेहद खास होता है। भले ही भारतीय समाज में वेलेंटाइन डे को अच्छी दृष्टी से न देखा जाता हो लेकिन इसी भारत में बहुत सी प्यार की कहानियां है। जिनके प्रमाण आज भी है। आगरा का ताजमहल हो या मांडु का किला ये सब अमर प्यार की जीती जागती तस्वीरें पेश करते हैं। तो चलिए जानें ऐसी ही कुछ ऐतिहासिक प्रेम कहानियों के बारे में जो भारत के गौरवशाली इतिहास से निकली हुई हैं।
Valentine Day 2020: भारत के इतिहास में अमर हो गई प्यार की ये कहानियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्यार की निशानी के रूप में पूरी दुनिया में मशहूर ताजमहल मुगल बादशाह शाहजहां और मुमताज के अमर प्रेम की कहानी कहता है। शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज के लिए सफेद संगमरमरों का किला बनवाया जो ताजमहल के नाम से मशहूर है। ताजमहल में बादशाह और उनकी बेगम की कब्र बनी हुई है।
राजपूतों के शौर्य से तो पूरा इतिहास भरा पड़ा है। इसी में से एक थे पृथ्वीराज चौहान। चौहान राजवंश के राजा पृथ्वीराज को अपने दुश्मन कन्नौज के राजा जयचंद की बेटी संयुक्ता से प्रेम हो गया। जयचंद को जब इस बारे में पता चला तब वो काफी क्रोधित हुए और संयुक्ता के स्वंयवर का आयोजन किया। इस स्वयंवर में उन्होंने कई राजकुमारों को बुलाया लेकिन जयचंद ने पृथ्वीराज को निमंत्रण नहीं दिया और अपने दरबार के बाहर उसका एक पुतला बनवाकर दरबान के तौर पर खड़ा कर दिया। संयुक्ता से जब वरमाला डालने के लिए कहा तब वो उस सभा में मौजूद सभी राजकुमारों को छोड़ कर द्वार पर चली गयी और पृथ्वीराज के पुतले को माला पहना दी। उस पुतले के पीछे पृथ्वीराज पहले से मौजूद थे और सबके सामने वो संयुक्ता को अपने साथ भगा कर ले गए।
मध्यप्रदेश के मालवा राज्य के राजा बाजबहादुर की प्रेम गाथा यहां के किलों में आज भी गूंजती है। शिकार पर निकले हुए राजा को एक साधारण स्त्री रूपमती से प्रेम हो गया। दुनिया की परवाह न करते हुए बाजबहादुर ने रूपमती से विवाह किया और उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकारा।
मराठों के जांबांज योद्धा बाजीराव की प्रेम कहानी पर फिल्म बनने के बाद लोगों का ध्यान इनकी अद्भुत प्रेम कहानी पर गया। बाजीराव ने बुंदेलखंड के राजा छत्रसाल की बेटी मस्तानी से प्रेम हो गया। हांलाकि उनके इस विवाह को समाज की मान्यता नहीं मिली। लेकिन जीवन के अंत तक दोनों की सांसे एक दूसरे से बंधी रहीं।