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Char Dham Yatra Alert: भारी बारिश और खराब मौसम में भी कैसे पूरी करें चार धाम यात्रा? यहां जानें जरूरी टिप्स
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Fri, 15 May 2026 02:57 PM IST
सार
Char Dham Yatra 2026: अगर आप भी चार धाम यात्रा पर जाने का प्लान कर रहे हैं तो आपको ये जानने की जरूरत है बारिश और ओलावृष्टि के दौरान आपको कैसे अपना ध्यान रखना है। इसके लिए आपको तैयारी भी पहले से करनी होगी।
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भारी बारिश और ओलावृष्टि में ऐसे करें सुरक्षित यात्रा
- फोटो : AI
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Char Dham Yatra 2026: चार धाम यात्रा 2026 की शुरुआत कुछ ही दिन पहले हुई है। ऐसे में देशभर से श्रद्धालु उत्तराखंड की पवित्र यात्रा पर निकलने की तैयारी कर रहे हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि एक कठिन और चुनौतीपूर्ण तीर्थ यात्रा भी मानी जाती है।
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भारी बारिश और ओलावृष्टि में ऐसे करें सुरक्षित यात्रा
- फोटो : AI
मौसम की जानकारी जरूर लें
चार धाम यात्रा के दौरान मौसम सबसे बड़ा फैक्टर होता है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम कभी भी बदल सकता है, इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले और यात्रा के दौरान लगातार मौसम अपडेट चेक करते रहना जरूरी है। बारिश या ओलावृष्टि की स्थिति में यात्रा रोकने या रास्ता बदलने का निर्णय भी लेना पड़ सकता है। इसके लिए मोबाइल ऐप्स, स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।
चार धाम यात्रा के दौरान मौसम सबसे बड़ा फैक्टर होता है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम कभी भी बदल सकता है, इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले और यात्रा के दौरान लगातार मौसम अपडेट चेक करते रहना जरूरी है। बारिश या ओलावृष्टि की स्थिति में यात्रा रोकने या रास्ता बदलने का निर्णय भी लेना पड़ सकता है। इसके लिए मोबाइल ऐप्स, स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।
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भारी बारिश और ओलावृष्टि में ऐसे करें सुरक्षित यात्रा
- फोटो : AI
सही कपड़े पहनें और साथ रखें
हिमालयी क्षेत्रों में तापमान अचानक गिर सकता है, इसलिए गर्म और वाटरप्रूफ कपड़े पहनना बेहद जरूरी है। रेनकोट, विंडप्रूफ जैकेट और थर्मल कपड़े यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाते हैं। साथ ही मजबूत ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज पहनना चाहिए ताकि बारिश में फिसलन वाले रास्तों पर संतुलन बना रहे और चोट लगने का खतरा कम हो।
हिमालयी क्षेत्रों में तापमान अचानक गिर सकता है, इसलिए गर्म और वाटरप्रूफ कपड़े पहनना बेहद जरूरी है। रेनकोट, विंडप्रूफ जैकेट और थर्मल कपड़े यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाते हैं। साथ ही मजबूत ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज पहनना चाहिए ताकि बारिश में फिसलन वाले रास्तों पर संतुलन बना रहे और चोट लगने का खतरा कम हो।
भारी बारिश और ओलावृष्टि में ऐसे करें सुरक्षित यात्रा
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आवश्यक दवाइयां साथ रखें
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और मौसम बदलाव के कारण स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस की दवाइयां साथ रखना जरूरी है। अगर कोई पुरानी बीमारी है तो उसकी नियमित दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में साथ रखें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और मौसम बदलाव के कारण स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस की दवाइयां साथ रखना जरूरी है। अगर कोई पुरानी बीमारी है तो उसकी नियमित दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में साथ रखें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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भीड़ और जोखिम वाले रास्तों से बचें
बारिश के दौरान पहाड़ी रास्ते अधिक खतरनाक हो जाते हैं क्योंकि भूस्खलन और फिसलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में भीड़ वाले या जोखिम भरे रास्तों से बचना चाहिए। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना और केवल सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करना यात्रा को सुरक्षित बनाता है।
बारिश के दौरान पहाड़ी रास्ते अधिक खतरनाक हो जाते हैं क्योंकि भूस्खलन और फिसलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में भीड़ वाले या जोखिम भरे रास्तों से बचना चाहिए। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना और केवल सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करना यात्रा को सुरक्षित बनाता है।