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Comeback Tips: शादी और बच्चे के लिए नौकरी से लिया ब्रेक? जानिए दोबारा करियर कैसे बनाएं
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Mon, 16 Feb 2026 03:39 PM IST
सार
career after marriage for women: शादी, बच्चों या माता-पिता की जिम्मेदारी के कारण अक्सर महिलाएं करियर से ब्रेक ले लेती हैं। फिर जब लौटना चाहती हैं तो मन में ढेर सारे सवाल उठते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि वास्तव में आप पहले से ज्यादा मजबूत और समझदार ढंग से करियर में कदम रख सकती हैं।
Comeback Tips For Women After career break: हममें से कई महिलाएं जीवन के किसी न किसी मोड़ पर अपने करियर से ब्रेक लेती हैं, फिर चाहे वह शादी हो, बच्चों की देखभाल, माता-पिता की जिम्मेदारियां या स्वास्थ्य संबंधी कारण। लेकिन जब पेशेवर दुनिया में वापसी का समय आता है तो मन में अनगिनत सवाल उठते हैं, ‘क्या मैं फिर से पहले जैसी दक्षता दिखा पाऊंगी?’,‘क्या कोई मुझे अवसर देगा?’, ‘क्या यह ब्रेक मेरी कमजोरी बन जाएगा?’
असल में शादी और परिवार जीवन का अहम हिस्सा हैं और इन्हें निभाना हर महिला की प्राथमिकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अपने सपनों, पहचान और महत्वाकांक्षाओं को पीछे छोड़ दें। करियर में आया यह ब्रेक जीवन में सिर्फ अनुभव और परिपक्वता जोड़ता है, कमजोरी नहीं। तैयारी, आत्मविश्वास और सही रणनीति के साथ आप न केवल अपने करियर में लौट सकती हैं, बल्कि पहले से भी ज्यादा मजबूत, समझदार और सटीक कदम रख सकती हैं। यह समय आपके लिए एक नई शुरुआत हो सकता है, जहां आप अपने सपनों और जिम्मेदारियों दोनों को संतुलित करते हुए खुद को फिर से पहचान सकती हैं।
फिर से वही आत्मविश्वास
नौकरी सिर्फ कमाई का साधन नहीं, बल्कि आपके लिए आत्मविश्वास, स्वतंत्रता और संपूर्णता का स्रोत है। यह आपको आर्थिक रूप से सक्षम बनाती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत करती है। ऑफिस का काम मानसिक सक्रियता और उद्देश्यपूर्ण जीवन की अनुभूति कराता है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन अधिक अर्थपूर्ण लगता है। घर से बाहर काम करने से आपको दुनिया की बेहतर समझ मिलती है और इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों की परवरिश पर पड़ता है। वे आपको आदर्श के रूप में देखते हैं, जिससे उन्हें भी स्वतंत्र और मजबूत बनने की प्रेरणा मिलती है।
थोड़ी तैयारी की जरूरत
यदि आपको अपने पेशे को छोड़े हुए काफी समय हो चुका है, तो पहले आप जिस भी क्षेत्र में आप काम कर रही थीं, वहां बीते कुछ वर्षों में तकनीक और काम करने के तरीकों में कई बदलाव आ ही चुका होगा। ऐसे में इस अंतराल को लेकर असुरक्षित महसूस करना स्वाभाविक है। आपके मन में यह सवाल भी आ सकता है कि इन नए अपडेट्स के साथ कैसे दोबारा सही शुरुआत होगी। वहीं इस स्थिति में दूसरों को देखकर खुद को कमतर समझना भी लाजमी है। इसलिए नई शुरुआत करने से पहले स्वयं को इस चुनौती के लिए तैयार करें। नए सॉफ्टवेयर और टूल्स सीखने के लिए विभिन्न वेबसाइटों का सहारा लें और छोटे सर्टिफिकेट कोर्स करें। आपकी यह तैयारी आपके आत्मविश्वास बढ़ा देगी और आप अपने करियर में दोबारा मजबूती से कदम रख पाएंगी।
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शादी या बच्चे के बाद नौकरी कैसे करें महिलाएं
- फोटो : Pexel
संपर्क आएंगे काम
कई बार नौकरी संपर्कों से ही मिलती है। इसलिए पुराने सहकर्मियों, दोस्तों और नेटवर्क से फिर से जुड़ें। कभी-कभी कॉफी पर मिलें, हालचाल पूछें और बातचीत को जीवंत रखें। अपनी ऑनलाइन प्रोफाइल अपडेट करें और साफ बताएं कि आप काम पर लौटने के लिए तैयार हैं। शुरुआत छोटे प्रोजेक्ट्स से करे, यह आपके अनुभव और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ाएगा। इस समय अधिक सैलरी से ज्यादा सीखने और अनुभव को प्राथमिकता दें। जब आपका काम उत्कृष्ट होगा, तो बेहतर सैलरी और अवसर अपने आप आएंगे। सही नेटवर्क और आपकी मेहनत करियर में वापसी को सफल बनाएगी।
फ्रीलांसिंग बेहतर
यदि यह आपका पहला प्रयास है, तो फ्रीलांसिंग एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें आप घर से काम करके अपने सपनों की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं। परिवार के साथ रहते हुए भी यह करियर की शुरुआत के लिए सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। आप नौकरी के विज्ञापन देखें और समझें कि कौन-कौन से काम उपलब्ध हैं और कंपनियां किस तरह के कर्मचारियों की तलाश में हैं। अपने कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों के लेख पढ़ अपना मार्गदर्शन करें। सीखते रहें, नेटवर्क बनाएं और छोटे कदमों से अपने करियर की मजबूत नींव तैयार करें।
रिटर्नशिप प्रोग्राम की मदद
आप रिटर्नशिप प्रोग्राम की मदद ले सकती हैं। आजकल कई बड़ी कंपनियां विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए रिटर्नशिप प्रोग्राम चलाती हैं, जो ब्रेक के बाद करियर में वापसी करना चाहती हैं। रिटर्नशिप प्रोग्राम आमतौर पर तीन से चार महीने के होते हैं और इसके लिए कुछ भुगतान भी किया जाता है। इन कार्यक्रम में प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और स्थायी नौकरी के अवसर भी मिल जाते हैं। आप इंटरनेट के माध्यम से इनकी जानकारी हासिल कर सकती हैं। इसके अलावा, कौशल नवीनीकरण प्रशिक्षण और नेटवर्किंग जैसे विकल्प भी करियर को फिर से गति देने में मदद करते हैं। यह कार्यक्रम बदलते नौकरी बाजार के साथ प्रासंगिक बने रहने के लिए नए कौशल सीखने या मौजूदा कौशल को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं।
रिज्यूमे में वर्क गैप
जब आप दोबारा काम पर लौटने के लिए तैयार हों, तो सबसे पहले अपने रिज्यूमे को बेहतर और मजबूत बनाएं। रिज्यूमे में केवल वर्क गैप के बारे में न बताएं, बल्कि उस दौरान (जैसे बच्चे की परवरिश करते हुए) सीखे गए नए कौशल, जिम्मेदारी निभाना, बजट बनाना, टाइम मैनेजमेंट और मल्टीटास्किंग को भी शामिल करें। आप ऑनलाइन ग्राफिक डिजाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आधुनिक फॉर्मेट में रिज्यूमे भी बना सकती हैं। साक्षात्कार में पूछे जाने वाले सवाल कभी-कभी पेचीदा हो सकते हैं, इसलिए किसी जानकार के साथ बैठकर इसकी तैयारी करें। शुरुआत में थोड़ा तनाव महसूस होना स्वाभाविक है। खुद पर भरोसा रखें, अपनी उपलब्धियों को याद रखें और इंटरव्यू में अपने ब्रेक के बारे में आत्मविश्वास के साथ स्पष्ट रूप से बताएं।
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कामकाजी महिलाओं की जिम्मेदारी
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आपके पीछे देखभाल
जब आप नौकरी की तलाश करें, तो साथ में अपनी अन्य जिम्मेदारियों जैसे बच्चों या बुजुर्गों की देखभाल के विकल्प भी खोजें। इससे आप काम पर लौटते समय सहज और आत्मविश्वासपूर्ण महसूस करेंगी। आकस्मिक परिस्थितियों के लिए परिवार, दोस्तों, प्लेग्रुप के माता-पिता, दादा-दादी या अन्य रिश्तेदारों की मदद लेना फायदेमंद होता है। बुजुर्गों की देखभाल के लिए पूरे दिन के लिए सहायिका रख सकती हैं, जो उनकी स्वच्छता, दवा प्रबंधन, भोजन, गतिशीलता और मानसिक जुड़ाव जैसी जरूरतों का ध्यान रखती हैं। इससे वे सुरक्षित और आरामदायक महसूस करेंगे और आप बिना चिंता के काम कर सकेंगी। साथ ही काम पर लौटने से एक सप्ताह पहले बच्चों और परिवार को नई दिनचर्या के लिए तैयार करना और देखभालकर्ताओं से योजना साझा करना समस्याओं को पहले पहचानने और हल करने में मदद करता है। वहीं सहकर्मियों के अनुभव जानना भी प्रेरक और उपयोगी होता है।
ढेर सारे हैं रास्ते
अगर आप फिलहाल नौकरी की तलाश नहीं कर पा रही हैं, तो बेकिंग, टिफिन सेवा, कला प्रशिक्षण या कोचिंग पढ़ाने जैसे काम शुरू कर सकती हैं। इसके अलावा, यदि आपको बागवानी का शौक है, तो छोटे-छोटे पौधे तैयार करके उन्हें ई-कॉमर्स या सोशल मीडिया पर बेच सकती हैं। आजकल हर्बल उत्पादों की काफी मांग है। यदि आप इन्हें बनाने की प्रक्रिया दिखाकर ऑनलाइन बेचेंगी, तो खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ेगी। साथ ही, सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर इन्हें सिखाना भी एक अच्छा विकल्प है। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से आपके सब्सक्राइबर बढ़ते हैं और संख्या बढ़ने पर इससे आय भी होती है।
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महिलाओं के लिए काम के विकल्प
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विकल्प की कमी नहीं
करियर काउंसलर संजीव कुमार आचार्य बताते हैं, यदि आपके पास तकनीकी पृष्ठभूमि है तो आप सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स या क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में दोबारा करियर शुरू कर सकती हैं। वहीं यदि आप शिक्षण क्षेत्र से जुड़ी रही हैं तो स्कूल, कॉलेज और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पढ़ाने के कई अवसर उपलब्ध हैं। आप घर बैठे ऑनलाइन ट्यूटर के रूप में भी शुरुआत कर सकती हैं।
कंटेंट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट ऐसे क्षेत्र हैं, जहां आप अपनी रुचि और कौशल के अनुसार काम चुन सकती हैं। अकाउंटिंग, ऑडिटिंग और फाइनेंशियल प्लानिंग का अनुभव रखने वाली महिलाओं के लिए बैंक और वित्तीय संस्थानों में अच्छे अवसर मिलते हैं।
रिक्रूटमेंट और टैलेंट एक्विजिशन जैसे क्षेत्रों में भी ब्रेक के बाद वापसी अपेक्षाकृत आसान मानी जाती है। इस समय डिजिटल मार्केटिंग एक तेजी से बढ़ता क्षेत्र है। छोटे ऑनलाइन कोर्स करके आप एसईओ, एसईएम और सोशल मीडिया मार्केटिंग में करियर बना सकती हैं।
डिजाइनिंग में रुचि रखने वाली महिलाएं फैशन या इंटीरियर डिजाइनिंग जैसे विकल्प चुन सकती हैं। इस दौरान आप अपने पुराने सहयोगियों की मदद लें।
नजरिया होता है व्यापक
आर्यभट्ट कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वर्षा सिंह बताती हैं, अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं घर और परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने व्यक्तिगत विकास को पीछे छोड़ देती हैं। वे हमेशा खुद से पहले दूसरों की जरूरतों के बारे में सोचती हैं, जबकि यह जरूरी है कि वे अपनी इच्छाओं और भावनाओं को भी महत्व दें।
कई बार वे खुद को केवल रिश्तों के माध्यम से ही पहचानने लगती हैं और उन्हीं में बंधकर रह जाती हैं। इससे उन्हें आत्माभिव्यक्ति का समय नहीं मिल पाता और धीरे-धीरे निराशा बढ़ने लगती है। यह निराशा आगे चलकर जीवन में तनाव, विवाद और झगड़ों का कारण बनती है, जिसका असर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
इसलिए महिलाओं के लिए बेहद जरूरी है कि वे रोज अपने लिए कुछ समय निकालें, चाहे वह आधा घंटा ही क्यों न हो। इस समय में वे वह करें, जो उन्हें खुशी देता हो, जैसे डायरी लिखना, टहलना, योग या जॉगिंग करना या फिर दोस्तों से बात करना। इससे आपका सोचने का नजरिया व्यापक होता है और मन हल्का महसूस करने लगता है।
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