साल 2021 भी कोरोना वायरस के खतरे की संभावना और संक्रमण से बचाव के लिए उपाय करते करते बीत गया। इस साल भी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए कई प्रतिबंधों के बीच रहना पड़ा। लाॅकडाउन, कोविड गाइडलाइन, वर्क फ्राॅम होम व अन्य कई तरह के नियम कायदे साल 2021 में भी जारी रहे। हालांकि साल का अंत होते-होते प्रतिबंधों में कुछ रियायत मिली। लगभग साल भर से ज्यादा समय से बंद कई चीजें दोबारा खुलीं। लोग अपने पुराने जीवन में कुछ हद तक वापस लौटे लेकिन साल का आधे से ज्यादा दिन इन पाबंदियों के इर्द-गिर्द रहे। इस दौरान लोग कई चीजों का इस्तेमाल नहीं कर सके। घर पर ये चीजें अलमारी में पड़े-पड़े धूल छानती रही। बच्चों से लेकर बड़ों तक ने कई ऐसी चीजों का इस्तेमाल बंद कर दिया, जो कभी उनके आम जीवन का हिस्सा थीं और रोजाना इस्तेमाल में आती थीं। चलिए जानते हैं उन चार चीजों के बारे में जिनका इस साल कोरोना काल में नहीं हुआ इस्तेमाल।
Year Ender 2021: कोरोना काल में इन चार चीजों का नहीं हुआ इस्तेमाल, रखे-रखे चढ़ गई धूल
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ऑफिस टिफिन
कोरोना काल आने के साथ ही कई ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया। इसके तहत कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश जारी किया गया। लोग अपने घर से ही ऑफिस का काम करने लगे। वैसे तो साल के अंत तक कई ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम की सुविधा खत्म करते हुए दोबारा कर्मचारी काम पर लौट आएं है लेकिन अभी भी कई सेक्टर में वर्क फ्रॉम होम जारी है। ऐसे में घर पर काम करने वाले कर्मचारियों के ऑफिस टिफिन का इस्तेमाल एकदम बंद हो गया। उनके टिफिन पर धूल जम गई।
यूनिफॉर्म
स्कूल लगभग डेढ़ साल से बंद रहे। बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन होने लगी। बीच में बोर्ड परीक्षाओं के लिए 9 से 12वीं तक के छात्रों के स्कूल खुले। बाद में छोटे बच्चों के भी स्कूल खुले। साल के आखिरी महीनों में प्राइमरी के बच्चों के लिए भी ऑफलाइन क्लास शुरू की गई लेकिन बच्चों को ऑनलाइन पढ़ना है या ऑफलाइन, ये पूरी तरह से अभिभावकों के फैसले पर छोड़ दिया गया। ऐसे में अब तक कई ऐसे बच्चे हैं, जो स्कूल गए ही नहीं। इन बच्चों ने लगभग डेढ साल से स्कूल यूनिफार्म को नहीं पहना है।
स्कूल बैग
स्कूल यूनिफार्म की तरह की बच्चों के स्कूल बैग भी धून छान रहे हैं। कई सारे बच्चे स्कूल नहीं जा रहे। ऐसे में उनके स्कूल बैग का अब तक इस्तेमाल नहीं हो सका है।
पासपोर्ट
कोरोना वायरस के कारण ट्रैवल बैन हो गया। देश के अंदर और विदेशों तक की कई फ्लाइट्स पर रोक लगा दी गईं। बाद में सरकार ने ये ट्रैवल बैन हटाया लेकिन अधिकतर लोगों ने देश से बाहर जाने की हिम्मत नहीं की। कोरोना के मामले अब भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा, कभी भी लॉकडाउन या ट्रैवल बैन की संभावना आदि के चलते कई लोगों ने यात्रा ही नहीं की। ऐसे में उनके पासपोर्ट का इस्तेमाल इस साल नहीं हो सका।