Monsoon Me Immunity Badhane Wale Pranayam: बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक और हरियाली तो लेकर आता है, लेकिन इसी मौसम में वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम, फ्लू, एलर्जी और पाचन संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ जाती हैं। वातावरण में बढ़ी हुई नमी और बैक्टीरिया-फंगस की सक्रियता के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ सकता है। ऐसे समय में केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय प्राकृतिक तरीकों से इम्यूनिटी मजबूत करना अधिक लाभदायक माना जाता है।
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Immunity Boosting Pranayama: मानसून में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले 7 असरदार प्राणायाम, वायरल संक्रमण से मिलेगा बचाव
Wed, 05 Aug 2026 10:28 AM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Wed, 05 Aug 2026 10:28 AM IST
सार
Pranayama Ke Fayde: मानसून में नमी और मौसम में बदलाव के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, भस्त्रिका और उज्जायी जैसे प्राणायाम फेफड़ों को मजबूत बनाने, तनाव कम करने और शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। नियमित अभ्यास के साथ संतुलित आहार और पर्याप्त नींद भी जरूरी है।
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मानसून प्रायाणाम
- फोटो : AI
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अनुलोम विलोम प्राणायाम
- फोटो : Amar Ujala
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
- अनुलोम-विलोम सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित प्राणायामों में से एक है।
- यह शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर करता है।
- श्वसन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है।
- मानसून में वायरल संक्रमण और सांस संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए इसका नियमित अभ्यास उपयोगी माना जाता है।
- प्रतिदिन 10 मिनट तक आरामदायक मुद्रा में बैठकर धीरे-धीरे इसका अभ्यास करें।
कपालभाति प्राणायाम
- फोटो : Amar Ujala
कपालभाति प्राणायाम
- कपालभाति फेफड़ों की सफाई और श्वसन क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।
- यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है।
- कपालभाति प्राणायाम ऊर्जा का स्तर बढ़ा सकता है।
- बारिश के मौसम में सुस्ती और थकान महसूस होने पर नियमित अभ्यास लाभदायक हो सकता है।
- हालांकि उच्च रक्तचाप, गर्भावस्था या गंभीर हृदय रोग की स्थिति में इसे डॉक्टर या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।
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भ्रामरी प्राणायाम
- फोटो : Amar Ujala
भ्रामरी प्राणायाम
- भ्रामरी प्राणायाम मानसिक तनाव कम करने और मन को शांत रखने के लिए जाना जाता है।
- लगातार तनाव रहने पर इम्यून सिस्टम प्रभावित हो सकता है।
- भ्रामरी का नियमित अभ्यास तनाव कम करता है।
- नींद बेहतर और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, जिससे शरीर संक्रमण से लड़ने में अधिक सक्षम बन सकता है।
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भस्त्रिका प्राणायाम
- फोटो : Amar Ujala
भस्त्रिका प्राणायाम
- भस्त्रिका प्राणायाम शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है।
- यह श्वसन प्रणाली को सक्रिय रखने में मदद करता है।
- मानसून में इसका अभ्यास सांस लेने की क्षमता में सुधार करता है।
- यह आसन सक्रिय बनाए रखने में सहायक हो सकता है।