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Yoga Poses For Eyes: आंखों की थकान और धुंधलापन दूर करने के लिए बेस्ट योग एक्सरसाइज
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Sun, 07 Jun 2026 12:17 PM IST
सार
Yoga Poses For Eyes: अगर कम उम्र में आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम हो रही है तो कुछ योगासनों का अभ्यास करें। ये योगासन आपकी आंखों की रोशनी को ठीक रखेंगे।
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योग से कैसे बढ़ाएं आंखों की रोशनी?
- फोटो : AI
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Yoga Poses For Eyes: आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन पर काम करने की वजह से आंखों पर काफी दबाव पड़ता है। इसका सीधा असर आंखों की रोशनी पर देखने को मिलता है, खासकर युवाओं और बच्चों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।
योग से कैसे बढ़ाएं आंखों की रोशनी?
- फोटो : AI
1. पाल्मिंग
पाल्मिंग एक बेहद आसान और प्रभावी योग अभ्यास है, जिसे किसी भी समय किया जा सकता है। इसमें सबसे पहले दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर हल्का गर्म किया जाता है, फिर आंखें बंद करके उन पर हथेलियों को धीरे-धीरे रखा जाता है। इससे आंखों को पूरी तरह अंधेरे और गर्माहट का अनुभव मिलता है, जिससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है। यह अभ्यास लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद होने वाली थकान, जलन और तनाव को कम करने में मदद करता है। नियमित रूप से पाल्मिंग करने से आंखों में ताजगी महसूस होती है और मानसिक तनाव भी कम होता है।
पाल्मिंग एक बेहद आसान और प्रभावी योग अभ्यास है, जिसे किसी भी समय किया जा सकता है। इसमें सबसे पहले दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर हल्का गर्म किया जाता है, फिर आंखें बंद करके उन पर हथेलियों को धीरे-धीरे रखा जाता है। इससे आंखों को पूरी तरह अंधेरे और गर्माहट का अनुभव मिलता है, जिससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है। यह अभ्यास लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद होने वाली थकान, जलन और तनाव को कम करने में मदद करता है। नियमित रूप से पाल्मिंग करने से आंखों में ताजगी महसूस होती है और मानसिक तनाव भी कम होता है।
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योग से कैसे बढ़ाएं आंखों की रोशनी?
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2. त्राटक
त्राटक योग में किसी एक स्थिर बिंदु, जैसे मोमबत्ती की लौ या किसी चिन्ह पर बिना पलक झपकाए ध्यान केंद्रित किया जाता है। शुरुआत में कुछ सेकंड के लिए किया जाता है और धीरे-धीरे समय बढ़ाया जाता है। यह अभ्यास आंखों की फोकस करने की क्षमता को मजबूत करता है और मानसिक एकाग्रता बढ़ाता है। त्राटक न केवल आंखों के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह दिमाग को शांत करने और तनाव कम करने में भी सहायक होता है। नियमित अभ्यास से दृष्टि स्थिर होती है और ध्यान शक्ति में सुधार आता है।
त्राटक योग में किसी एक स्थिर बिंदु, जैसे मोमबत्ती की लौ या किसी चिन्ह पर बिना पलक झपकाए ध्यान केंद्रित किया जाता है। शुरुआत में कुछ सेकंड के लिए किया जाता है और धीरे-धीरे समय बढ़ाया जाता है। यह अभ्यास आंखों की फोकस करने की क्षमता को मजबूत करता है और मानसिक एकाग्रता बढ़ाता है। त्राटक न केवल आंखों के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह दिमाग को शांत करने और तनाव कम करने में भी सहायक होता है। नियमित अभ्यास से दृष्टि स्थिर होती है और ध्यान शक्ति में सुधार आता है।
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3. आंख घुमाने का व्यायाम
इस अभ्यास में आंखों को धीरे-धीरे ऊपर, नीचे, दाएं और बाएं घुमाया जाता है। इसके बाद गोलाकार दिशा में भी आंखों को घुमाया जाता है। यह सरल व्यायाम आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और उनकी लचीलापन को बढ़ाता है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में जकड़न और भारीपन महसूस होता है, जिसे यह व्यायाम कम करता है। इसे दिन में 2-3 बार करने से आंखें अधिक स्वस्थ और सक्रिय रहती हैं।
इस अभ्यास में आंखों को धीरे-धीरे ऊपर, नीचे, दाएं और बाएं घुमाया जाता है। इसके बाद गोलाकार दिशा में भी आंखों को घुमाया जाता है। यह सरल व्यायाम आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और उनकी लचीलापन को बढ़ाता है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में जकड़न और भारीपन महसूस होता है, जिसे यह व्यायाम कम करता है। इसे दिन में 2-3 बार करने से आंखें अधिक स्वस्थ और सक्रिय रहती हैं।
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योग से कैसे बढ़ाएं आंखों की रोशनी?
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4. ब्लिंकिंग व्यायाम
आज के समय में लगातार मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन देखने के कारण लोग कम पलक झपकाते हैं, जिससे आंखों में सूखापन बढ़ जाता है। ब्लिंकिंग व्यायाम में जानबूझकर बार-बार आंखें खोलना और बंद करना शामिल है। इससे आंखों में प्राकृतिक नमी बनी रहती है और ड्राई आई की समस्या कम होती है। यह अभ्यास आंखों की सफाई और आराम के लिए भी जरूरी माना जाता है। नियमित रूप से इसे करने से आंखों में जलन और थकान कम महसूस होती है।
आज के समय में लगातार मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन देखने के कारण लोग कम पलक झपकाते हैं, जिससे आंखों में सूखापन बढ़ जाता है। ब्लिंकिंग व्यायाम में जानबूझकर बार-बार आंखें खोलना और बंद करना शामिल है। इससे आंखों में प्राकृतिक नमी बनी रहती है और ड्राई आई की समस्या कम होती है। यह अभ्यास आंखों की सफाई और आराम के लिए भी जरूरी माना जाता है। नियमित रूप से इसे करने से आंखों में जलन और थकान कम महसूस होती है।