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इंदौर: कबाड़ से रच दिया सुंदर कलाकृतियों का संसार, अमेरिका से लेकर सिंगापुर तक पहुंची इंदौर के देवल की कलाकृतियां

Mon, 04 Apr 2022 05:59 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Mon, 04 Apr 2022 05:59 PM IST
सार

कबाड़ हमेशा कबाड़ नहीं होता, इसे कलाकृतियों में भी ढाला जा सकता है। यह सच कर दिखाया है इंदौर के कलाकार देवल वर्मा ने जो  कबाड़ से सुंदर कलाकृतियां बनाते हैं। भारत का नक्शा भी बनाया है जिसे सोने की चिड़िया नाम दिया है। 

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Indore: A world of beautiful artifacts made from junk, the works of Deval of Indore reached from America to Singapore
अपने द्वारा बनाए गए हाथी के साथ खड़े देवल - फोटो : सोशल मीडिया
कबाड़ के बारे में तो सभी जानते हैं, मगर क्या ये पता है कि इस कबाड़ को सुंदर कलाकृतियों में भी ढाला जा सकता है...? जी हां, इंदौर के एक कलाकार ने यह मुमकिन कर दिखाया है और मेटल स्क्रैप व इंडस्ट्रियल वेस्ट से सुंदर कलाकृतियां बनाई है। भारत का नक्शा भी बनाया है। 

 
Indore: A world of beautiful artifacts made from junk, the works of Deval of Indore reached from America to Singapore
इस तरह तैयार किया है भारत का नक्शा - फोटो : सोशल मीडिया

ये कलाकार है इंदौर के देवल वर्मा। अद्भुत कला के धनी देवस मेटलिक कबाड़ से कीमती और आकर्षक कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं। ये कलाकृतियां इतनी सुंदर होती है कि देश ही नहीं विदेश में भी इनकी मांग है। इनको देखकर हर कोई देवल की कला का मुरीद हो जाता है। देवल बताते हैं कि वे यह काम 5 सालों कर रहे हैं और अभी तक 6 हजार किलो से ज्यादा मेटल स्क्रैप को रिसाइकल कर चुके हैं। दुबई, अमेरिका, इटली, सिंगापुर में उनकी कलाकृति भेजी जा चुकी है। देवल ने भारत का नक्शा भी तैयार किया है जिसे सोने की चिड़िया नाम दिया है।
Indore: A world of beautiful artifacts made from junk, the works of Deval of Indore reached from America to Singapore
इस तरह बनाई भगवान बुद्ध की कलाकृति - फोटो : सोशल मीडिया

बचपन से ही था कला से लगाव
देवल के अनुसार जिस तरह से दुनिया में मैटलिक स्क्रैप, ई-वेस्ट, प्लास्टिक स्क्रैप, बढ़ता जा रहा है उसे देखते हुए हर व्यक्ति को इस पर काम करना चाहिए और अपना योगदान देना चाहिए। उन्हें बचपन से ही कला से लगाव था।मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद प्रोडक्ट डिजाइन कोर्स किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही  यह काम करने लगे। इससे पहले आर्ट वर्क बनाते रहे हैं। देवल अब तक हाथी के असल आकार का मेटल हाथी बना चुके हैं। साथ ही भगवान बुद्ध, गणपति, बाघ, उल्लू, चील, मछलियां आदि कलाकृतियां बनाई हैं। 
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Indore: A world of beautiful artifacts made from junk, the works of Deval of Indore reached from America to Singapore
इस तरह नजर आता है हाथी, जिसका वजन है करीब 1200 किलो - फोटो : सोशल मीडिया

इस तरह बनाई हाथी की कलाकृति
देवल ने जो हाथी बनाया है वह14 फीट लंबा और 9 फीट ऊंचा है। इसका वजन लगभग 1200 किलो है।  इसे बनाने में दो महीने लगे। इसमें फूड इंडस्ट्री का मेटल स्क्रैप इस्तेमाल किया है। तगारियां, तवे, मांडे बनाने के कढ़िले इस्तेमाल किए। हाथी की देह पर झु़र्रियां दिखाने के लिए स्प्रिंग का प्रयोग किया। सूंड बनाने के लिए रॉड लगाई और घुटनों को साकार करने के लिए ब्रेक डिस्क का उपयोग किया। खास तरह का जैम स्टोन आंखों में फिट किया है। देवल ने बताया कि किसी कलाकृति को बनाने के लिए उसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। हाथी बनाने से पहले मैं और मेरी पूरी टीम कई बार चिड़ियाघर गई। हाथी के खड़े रहने से लेकर चलने के तरीके, शारीरिक बनावट सबकुछ देखा। इसके बाद बना सके। देवल हार्ले डेविडसन और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों के लोगो भी डिजाइन कर चुके हैं। वे सुदामा नगर स्थित अपने स्टूडियो और वर्कशॉप में ये कृतियां तैयार रचते हैं।
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Indore: A world of beautiful artifacts made from junk, the works of Deval of Indore reached from America to Singapore
समाचार एजेंसी से चर्चा करते देवल - फोटो : सोशल मीडिया
देवल ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। प्रोडक्ट डिजाइन का कोर्स भी किया है। उनकी टीम उनका साथ देती है। 
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