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इंदौर: आखिर क्यों व्यापारियों के लाड़ले बन गए शिवराज, जानिए क्यों आया मुख्यमंत्री को गुस्सा और क्यों घबराए अफसर

Wed, 02 Mar 2022 06:00 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Wed, 02 Mar 2022 06:00 PM IST
सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मप्र के मुख्यमंत्री हैं और मप्र और यहां के बाशिंदों की नब्ज को अच्छे से समझते हैं। सत्ता और संगठन में तालमेल की बात हो या प्रशासनिक कसावट के तरीके, हर मामले में शिवराज माहिर हैं। 

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Indore: After all, why did Shivraj become the darling of the traders.. know why the Chief Minister got angry and why the officers panicked...!
इंदौर एयरपोर्ट पर व्यापारियों ने किया सीएम शिवराज का स्वागत - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। कभी अपनी कार्यशैली के कारण तो कभी भाषणों के कारण। लेकिन इन दोनों वजहों के अलावा वे अपनी ही पार्टी के राजनीतिक विरोधियों के कारण भी सुर्खियों में रहते हैं लेकिन जो भी हो मामा के विशेषण से खुद को मप्र में स्थापित करने वाले शिवराज का टाइगर वाला रुतबा कायम है। वैसे तो इसकी बानगी गाहे-बगाहे नजर आती रहती है, लेकिन ताजा मामला सीएम के सपनों के शहर इंदौर का है जहां के व्यापारी इन दिनों मुख्यमंत्री से बेहद खुश हैं। इतने खुश हैं कि उनकी तारीफ में कसीदें पढ़ रहे हैं तो दिल खोलकर स्वागत कर रहे हैं। अब विरोधी चाहे लेटर वॉर करे या व्यंग्यात्मक प्रशंसा..मगर शिवराज यही कहते नजर आएंगे कि टाइगर अभी जिंदा है। 


दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मप्र के मुख्यमंत्री है और मप्र और यहां के बाशिंदों की नब्ज को अच्छे से समझते हैं। सत्ता और संगठन में तालमेल की बात हो या प्रशासनिक कसावट के तरीके, हर मामले में शिवराज माहिर हैं। मप्र में सत्ता भले ही उमा भारती की बदौलत मिली हो लेकिन इसे निरंतर काबिज रखने का काम शिवराज सिंह चौहान ने ही किया है और यही वजह है कि दिल्ली दरबार से तल्खी के बावजूद सीएम शिवराज का कोई विकल्प अब तक मप्र में तैयार नहीं हो सका है। इसी का फायदा सीएम शिवराज को मिल रहा है और वे भी कोई चूक नहीं कर रहे। जब जहां मौका मिलता है वे मैदान लूट लेते हैं और कुर्सी पर टकटकी लगाए रखने वाले उनके विरोधी देखते ही रह जाते हैं।

नाराज होकर सीएम ने ली थी अफसरों की क्लास
पिछले दिनों इंदौर जिले में मेरी पॉलिसी मेरे हाथ अभियान का शुभारंभ हुआ। इसमें शामिल होने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान आए थे। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी  उपस्थित थे। कार्यक्रम हुआ और प्रशासनिक अफसरों ने राहत की सांस ली, लेकिन कार्यक्रम में जो रूप शिवराज का था वह कार्यक्रम खत्म होते ही बदल गया और उन्होंने पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की क्लास ले ली। वजह यह थी कि इंदौर के कुछ व्यापारियों ने पुलिस की शिकायत की थी। वसूली के आरोप लगे थे। सीएम ने अपनी ही शैली में कहा कि मेरे सपनों के शहर में इंदौर में यह सब नहीं चलने दूंगा। जो भी इसके पीछे हो उस पर कार्रवाई की जाए और व्यापारियों की बैठक बुलाकर समस्याएं सुनी जाएं। इसकी रिपोर्ट मुझे दें कि क्या हुआ है। इसके बाद अफसर हरकत में आए और माथे का पसीना पोंछते हुए व्यापारियों की बैठक की तैयारी में जुट गए। व्यापारियों ने बैठक में अपनी समस्या बताई और कई बातें प्रशासन के सामने रखी।
Indore: After all, why did Shivraj become the darling of the traders.. know why the Chief Minister got angry and why the officers panicked...!
बैठक में व्यापारियों ने बताई थी अपनी समस्याएं - फोटो : सोशल मीडिया
बैठक में बोले थे व्यापारी-सैंपलिंग के नाम पर परेशान करती है पुलिस
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा था कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिवस व्यापारियों  द्वारा की गई शिकायतों संबंधी ख़बरों पर गहरी नाराज़गी जताई थी। उन्होंने कहा था कि इंदौर में सियागंज क्षेत्र व्यापार की रीढ़ है। इंदौर के व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए। उनके व्यापार में कोई अवरोध नहीं होना चाहिए। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि व्यापार में यदि कहीं कोई दिक़्क़त आ रही है तो उन्हें परस्पर समन्वय से दूर किया जाएगा। कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा अगर गलतियां की गई हैं तो उसे समूचे तंत्र से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।  

व्यापारियों की ओर से रमेश खंडेलवाल ने कहा कि पुलिस द्वारा आए दिन व्यापारियों से सैंपलिंग के नाम पर परेशानी पैदा की जाती है। व्यापारियों का कहना था कि पुलिस को सैंपलिंग का अधिकार नहीं है। यह अधिकार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के पास है। व्यापारियों द्वारा बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा सैंपलिंग के नाम पर धौंस दी जाती है और व्यापारियों को थाने में बैठाया जाता है। इस पर प्रभारी पुलिस कमिश्नर मनीष कपूरिया ने बैठक में कहा कि इन सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। संवाद उच्च स्तर पर रखा जाएगा और व्यापारियों को कोई भी असुविधा नहीं होने दी जाएगी।  संभागायुक्त डॉ. पवनकुमार शर्मा ने कहा था कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि इंदौर में व्यापार जगत को शासन-प्रशासन का पूरा संरक्षण सुनिश्चित होना चाहिए।  इस संबंध में दोषियों को चिन्हित भी किया जाएगा। 

मातहतों के साथ टीआई को भी मिली सजा
बैठक हुई और इसका नतीजा भी निकला। जिन पुलिसकर्मियों की गलती पाई गई उन पर गाज गिरी। एक थाना प्रभारी को भी लाइन अटैच किया गया। सूत्रों के मुताबिक शिकायत के बाद जांच में पाया गया कि कुछ पुलिसकर्मी अनधिकृत रूप से व्यापारियों की दुकानों में सैंपलिंग के बहाने जाते थे और परेशान करते थे। इनमें आरक्षक से लेकर प्रधान आरक्षक और एसआई तक शामिल थे। इस पर इनको लाइन अटैच किया। थाना प्रभारी को भी सजा मिली क्योंकि यह माना गया कि थाना प्रभारी अधीनस्थों पर अंकुश नहीं लगा सके जिस कारण पुलिस की छवि खराब हुई। टीआई को भी लाइन हाजिर कर दिया गया। 

व्यापारियों के लाड़ले बन गए शिवराज
पुलिस-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से व्यापारी खुश हो गए। इतने खुश हुए कि जब मंगलवार रात को सीएम शिवराज सिंह चौहान इंदौर पहुंचे तो व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि इतनी जल्दी उनके निर्देश पर कार्रवाई भी हो गई। सियागंज व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल  ने इस बात के लिए मुख्यमंत्री का आभार माना कि उनकी वाजिब शिकायत पर उन्होंने तुरंत ही संज्ञान लिया और दोषियों पर कार्रवाई भी करवा दी। इससे व्यापारियों का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने भरोसा भी दिलाया कि इंदौर को व्यापार-व्यवसाय के मामले में भी नंबर वन बनाएंगे। जवाब में मुख्यमंत्री ने भी कहा कि यदि कोई अधिकारी परेशान करता है तो सीधे उन्हें बताया जाए। सीएम के ये कहने के बाद व्यापारियों के लिए सीएम किसी टाइगर से कम नहीं थे जिनके कारण व्यापारियों की बड़ी परेशानी हल हो गई। कई समय से जिस समस्या से जूझ रहे थे वह सीएम की थोड़ी सी नाराजगी से सुलझ गई और इसीलिए इंदौर के व्यापारी सीएम की प्रशंसा कर नहीं थक रहे। बार-बार उनको धन्यवाद दे रहे हैं। यह बात इंदौर भी जान रहा है और इंदौर के मार्फत मप्र भी कि आखिर क्यों सीएम  व्यापारियों के लाड़ले बन गए। 
Indore: After all, why did Shivraj become the darling of the traders.. know why the Chief Minister got angry and why the officers panicked...!
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का सीएम के नाम पत्र - फोटो : सोशल मीडिया

सीहोर के सहारे विजयवर्गीय का लेटरवॉर
अब बात करते हैं भाजपा महासचिव कैलाश  विजयवर्गीय के पत्र की। सीहोर में पं. प्रदीप मिश्रा की कथा निरस्त हुई तो विजयवर्गीय ने सीएम शिवराज को पत्र लिखा। पत्र में सीहोर प्रशासन पर गुस्सा जाहिर किया और सीएम से कहा कि बीते 17 सालों से आप इस प्रदेश के मुखिया हैं। ऐसी कौनसी विपदा आ गई कि पं. प्रदीप मिश्रा पर इतना दबाव बनाना पड़ा कि उन्हें भारी मन से कथा समाप्त करनी पड़ी। सीएम से सवाल किए कि शिवराज जी ऐसे कई अनगिनत सवाल हैं जिनका जवाब नहीं मिल रहा है। अकर्मण्य प्रशासन का असर आपकी छवि पर पड़ रहा है। और भी कई बातें इस पत्र में लिखी। राजनीतिक जानकार इस पत्र को प्रशासन के माध्यम से सीएम पर ही राजनीतिक अटैक करना बता रहे हैं क्योंकि अंततः प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान हैं और सीहोर उनका गृह जिला है। बगैर हाईलेवल की चर्चा के लोकल लेवल पर अधिकारी इस तरह का निर्णय ले ले यह समझ नहीं आता। चूंकि कैलाश विजयवर्गीय और शिवराज सिंह चौहान की राजनीतिक अदावत भी बरसों से जारी है और कई किस्से भी सामने आते रहते हैं। अब सीहोर प्रकरण के सहारे विजयवर्गीय ने जरूर लेटर वॉर का उपयोग किया है लेकिन सीएम इसे किस तरह से जवाब देते हैं इसका हर कोई इंतजार कर रहा है।

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