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Indore News: इंदौर का 'किलर' बायपास, हर महीने जा रही जानें, अपनी सुरक्षा स्वयं करें!

अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Fri, 26 Sep 2025 04:23 PM IST
सार

Indore News: इंदौर का बायपास धूल, गड्ढों और ट्रैफिक पुलिस की गैरमौजूदगी के कारण एक खतरनाक 'हादसों का मार्ग' बन चुका है, जहां हर महीने गंभीर दुर्घटनाओं में लोगों की जानें जा रही हैं। 

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Indore News Bypass road traffic accident crime management
बायपास पर निकलने में भी लोग अब डरने लगे हैं। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
इंदौर में लगातार हादसे बढ़ते जा रहे हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के पास इन्हें रोकने का कोई रास्ता नहीं है। तमाम बैठकों, दावों और आदेशों के बावजूद शहर के हादसों में कमी नहीं आ रही है। इंदौर का बायपास हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। यहां पर कई ब्लैक स्पाट हैं, जहां लगातार लोगों की जान जा रही है। इन सबके बावजूद आपको यहां पर कभी भी न तो ट्रैफिक पुलिस दिखेगी न ही व्यवस्थाओं में सुधार नजर आएगा। 




 धूल से दृश्यता होती है कम 
बायपास पर चल रहे निर्माण कार्यों की वजह से इतनी धूल उड़ती है कि वाहन चालकों को सामने से आ रही गाड़ियां नजर ही नहीं आती। रात के समय तो दृश्यता बिल्कुल कम हो जाती है और आसपास के वाहन भी नजर नहीं आते हैं। 

गड्ढे और गिट्टी बन रहे वजह
पूरे बायपास पर जगह-जगह सर्विस रोड पर गड्ढे बने हुए हैं। कई जगह गिट्टी और मुरम डालकर इन्हें भर दिया गया है तो कई जगह सिर्फ गड्ढों के आगे बोर्ड लगा दिए गए हैं। इतना ही नहीं ट्रैफिक पुलिस भी यहां नहीं रहती है।  बायपास पर कई जगह अन्य मार्ग आकर मिलते हैं। इन मार्गों से तेजी से आने वाले वाहन सीधे बायपास पर जाते हैं। यहां पर ट्रैफिक मैनेज करने के लिए कई बार विभाग पुलिसकर्मियों को तैनात कर देता है लेकिन अधिकांश समय पुलिस नदारद रहती है। लोग जाम से जूझते रहते हैं। 

संकेतकों की कमी 
बायपास पर पहले हर जगह संकेतक लगे थे। फ्लाय ओवर और अन्य निर्माण कार्यों के चलते सभी जगह संकेतक या तू टूट गए या फिर हटा दिए गए। रात में भी चालकों को जरूरी निशान कहीं नजर नहीं आते। इससे हादसे बढ़ जाते हैं। 
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Indore News Bypass road traffic accident crime management
बायपास पर अपने आसपास चल रहे वाहन भी धूल से नहीं दिखते। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
हर महीने हो रहे बड़े हादसे
मई - कनाड़िया थाना क्षेत्र के नेमावर ब्रिज के पास अनियंत्रित ट्रक सड़क पर पलट गया। इस हादसे में एक कार और एक बाइक चपेट में आ गए। पुलिस ने रेस्क्यू कर कार सवार लोगों को बाहर निकाल लिया है। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, 3 गंभीर घायल हुए। 

जून - बायपास पर धार्मिक यात्रा पर जा रही एक बस अचानक धीमे हुए ट्रक से टकरा गई। इसमें एक की मौत हो गई है और कई गंभीर घायल हो गए। इंदौर में बायपास पर स्पीड ब्रेकर की वजह से बड़ा हादसा हो गया। धार्मिक यात्रा पर निकली एक बस स्पीड ब्रेकर के कारण अचानक धीमे हुए ट्रक से टकरा गई। इससे एक की मौत हो गई और पांच गंभीर घायल हैं। हादसा बायपास पर वाटर लिलि के सामने हुआ। 

जुलाई - तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में बायपास स्थित ब्रिज के पास रात करीब 2 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में दो इंजीनियरिंग छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी दोस्त देर रात शहर घूमने निकले थे, इसी दौरान बायपास पर ब्रिज के पास कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। 

अगस्त - बिचौली मर्दाना ब्रिज के पास हादसा हुआ। यहां एक तेज रफ्तार तूफान वाहन अचानक सड़क पर खड़े एक ट्रक से टकरा गया। एक युवक की मौत हो गई, जबकि लगभग 14 लोग घायल हो गए। हादसे में घायल यात्रियों ने बताया कि वे सभी सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में शामिल होकर लौट रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

इच्छाशक्ति की कमी
शहर के वरिष्ठ आर्किटेक्ट अतुल शेठ ने कहा कि आज इंदौर और इंदौर के आसपास चल रहे निर्माण कार्यों की लंबी सूची है। इनमें हो रही लेटलतीफी की वजह से आम जनता तकलीफ में है। इन सब कामों को समय पर पूरा करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने जो गुजरात में सूत्र अपनाया था वही यहां पर भी लागू करना चाहिए। पीएम मोदी जब भी किसी काम का मुहूर्त करते थे तो मुहूर्त पट्टीका पर तीन जानकारी अवश्य लिखवाते थे। जो आमजन को हमेशा काम के दौरान दिखती रहती थी।
1. काम की अंतिम लागत
2. कार्य पूर्ण होने की तिथि
3. ऊपरोक्त दोनों के लिए जिम्मेदार अधिकारी का नाम
इन तीनों बातों के तय होने के बाद ही पीएम मोदी इस कार्य का उद्घाटन करते थे। इससे गुजरात निर्माण कार्यों में एक रोल माडल बन सका। यह काम मप्र में करने में क्या समस्या है ? यहां के जनप्रतिनिधि और अधिकारी यह क्यों नहीं कर पा रहे हैं। यहां पर वह इच्छाशक्ति की कमी दिखती है। 
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