{"_id":"68d57cb6dea96ee95504a84f","slug":"the-durga-devi-temple-near-the-rajwada-is-244-years-old-even-the-maharaja-used-to-come-to-pay-his-respects-2025-09-25","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इंदौर के शक्ति स्थल: 244 साल पुराना है राजबाड़ा के समीप बना दुर्गा देवी मंदिर, महाराजा भी आते थे शीश नवाने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंदौर के शक्ति स्थल: 244 साल पुराना है राजबाड़ा के समीप बना दुर्गा देवी मंदिर, महाराजा भी आते थे शीश नवाने
Navratri 2025: राजबाड़ा स्थित दुर्गा देवी मंदिर लगभग 244 वर्ष पुराना मराठा स्थापत्य का उत्कृष्ट नमूना है। 2017 में इसका जीर्णोद्धार हुआ। किंवदंती अनुसार होलकर महाराजा को स्वप्न में देवी ने मूर्ति प्रतिष्ठित करने का आदेश दिया था। मंदिर में महिषासुर मर्दिनी रूपी देवी विराजमान हैं और पूजा परंपरा पुजारी परिवार की पांचवीं पीढ़ी निभा रही है।
विज्ञापन
1 of 3
इंदौर के राजबाड़ा के समीप दुर्गा देवी का प्राचीन मंदिर है।
- फोटो : अमर उजाला
Link Copied
राजबाड़ा के समीप दुर्गा देवी का प्राचीन मंदिर है। यह नगर के अति प्राचीन देवी मंदिरो में से एक है। होलकर राजाओं का मुख्य कार्य स्थल और प्रशासनिक क्षेत्र राजबाड़ा होने से देवी देवताओ के प्राचीन मंदिर भी इसी क्षेत्र में हैं। दुर्गा देवी मंदिर का निर्माण करीब 244 साल पहले किया गया था। होलकर महाराजा मल्हारराव होलकर और उनके बाद रहे महाराजा भी यहां देवी के समक्ष शीश नवाने आते थे।
2017 में हुआ जीर्णोद्धार
दुर्गा देवी मंदिर मराठा स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट नमूना है। मंदिर की बनावट देखकर जाहिर होता है कि मंदिर प्राचीन काल का है। जीर्णशीर्ण होने के कारण 2017 में पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की विशेष रूचि के चलते इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया और मंदिर को पुन: भव्य स्वरूप प्रदान किया गया। जीर्णोद्धार में मंदिर का गर्भगृह, मंदिर सिंहासन, ऊपर का हिस्सा, परिक्रमा मार्ग के साथ मूर्तियां की पुनः स्थापना की गई थी। इस कार्य से मंदिर का प्राचीन वैभव फिर दिखने लगा।
मंदिर के पूजन कार्य देखने वाले पुजारी के अनुसार यह मंदिर करीब 244 वर्ष (1781) का निर्मित है। वर्ष 1781 के फागुन माह की शुक्ल पक्ष की द्वादशी को मूर्ति स्थापित की गई, इसलिए होली के दो दिन पहले मंदिर का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इंदौर के इतिहास की उपलब्ध पुस्तकों में ऐसी कोई जानकारी प्राप्त नहीं होती है। इतिहास की कुछ पुस्तकों में इस मंदिर की स्थापना का काल महाराजा मल्हारराव होलकर द्वितीय (1811-1833) के कार्यकाल में मंदसौर संधि और इंदौर के राजधानी बनने के बाद होने का उल्लेख है।
वर्ष 1781 के फागुन माह की शुक्ल पक्ष की द्वादशी को मूर्ति स्थापित की गई थी
- फोटो : अमर उजाला
होलकर राजा को आया था स्वप्न
ऐसी किंवंदती है कि तत्कालीन होलकर महाराजा को स्वप्न में देवी ने कहा कि महेश्ववर में नर्मदा से मूर्ति निकाल कर प्रतिष्ठित करो। इसके बाद मूर्ति की खोज आरंभ हुई और देवी की मूर्ति प्राप्त हुई जिसे हाथी पर बैठाकर नगर में लाया गया। सुभाष चौक में हाथी रूक गया और आगे जाने को तैयार ही नहीं हुआ, इसलिए जिस स्थान पर वर्तमान में मंदिर है, उसी स्थल पर देवी मूर्ति स्थापित कर मंदिर का निर्माण किया गया।
महिषासुर मर्दिनी का है रूप
मंदिर में स्थापित मूर्ति देवी के महिषासुर मर्दिनी का स्वरूप है। मूर्ति के चेहरे पर स्व निर्मित तिल का निशान है। मुख्य मूर्ति के समीप देवी काली और सरस्वती की छोटी प्रतिमा भी है। मंदिर परिसर में तीन शिवलिंग भी हैं। देवी महिषासुर मर्दिनी के स्वरूप अलग अवस्था में देखने को मिलते हैं। अष्टभुजा धारी देवी के आठों हाथों में शस्त्र हैं।
दुर्गा देवी मंदिर मराठा स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट नमूना है।
- फोटो : अमर उजाला
दर्शन के लिए आते थे राजपरिवार के सदस्य
देवी के दर्शन के लिए राजपरिवार के सदस्य आते थे। महाराजा मल्हारराव होलकर यहां नियमित दर्शन के लिए आया करते थे। चूंकि राजबाड़ा होलकर रियासत का मुख्य कार्यालय था, इसलिए सरदार और वरिष्ठ अधिकारी भी देवी दर्शन के लिए यहां आया करते थे।
पुजारी की पांचवीं पीढ़ी कर रही पूजा
दुर्गा देवी मंदिर की पूजा का दायित्व वर्तमान में पुजारी परिवार की पांचवीं पीढ़ी के पंडित उदय एरंडोलकर निभा रहे हैं। मंदिर को लेकर मराठी परिवारों में काफी श्रद्धा है। देवी का श्रृंगार भी मराठी शैली में किया जाता है। नवरात्र में दो बार श्रृंगार किया जाता है। नवरात्र की दशमी को पूरण पोळी का भोग लगाया जाता है। मंदिर में पूजन पाठ और अनुष्ठान होते रहते हैं। चूंकि यह मंदिर नगर के मध्य और व्यापारी क्षेत्र के करीब है, इसलिए अनेक लोग यहां नित्य दर्शन और देवी मां का नमन के बाद ही दैनंदिनी काम के लिए जाते हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X