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MP: अमित भटनागर की मेडिकल रिपोर्ट के बाद होगा डिस्चार्ज का निर्णय, मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता और पुलिस में बहस

Thu, 23 Jul 2026 08:45 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 23 Jul 2026 08:45 PM IST
सार

केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर अनशनरत किसान नेता अमित भटनागर पिछले पांच दिनों से आईसीयू में भर्ती हैं। स्वास्थ्य में सुधार के बीच डिस्चार्ज के बाद कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। इस बीच यूथ कांग्रेस नेता अभिषेक परमार को मिलने से रोकने पर अस्पताल में पुलिस से नोकझोंक हुई।

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Ken Betwa link project: Amit Bhatnagar's discharge decision will be made after his medical report
अनशन से बीमार अमित भटनागर का फिलहाल इलाज चल रहा है। - फोटो : अमर उजाला

केन-बेतवा लिंक परियोजना तथा रुन्झ-मझगंवा सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों के मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर 17 दिनों तक अनशन और धरने पर बैठे किसान नेता अमित भटनागर पिछले पांच दिनों से जिला अस्पताल के आईसीयू में उपचाराधीन हैं। अस्पताल में उनका इलाज भारी पुलिस सुरक्षा और निगरानी के बीच चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा, जबकि विश्वस्त सूत्रों के अनुसार डिस्चार्ज के बाद उनके खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक प्रकरणों में आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इधर उनसे मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता और चौकसी पर लगे पुलिसकर्मियों में जमकर नोकझोंक भी हुई।





मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेंद्र गुप्ता और सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने संयुक्त रूप से बताया कि अमित भटनागर की स्वास्थ्य स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। उनका ब्लड प्रेशर अब सामान्य है और डॉक्टरों की टीम उनकी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासनिक एवं पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अमित भटनागर के खिलाफ पहले से विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। ऐसे में डॉक्टरों द्वारा पूरी तरह स्वस्थ घोषित किए जाने और डिस्चार्ज मिलने के बाद पुलिस उन मामलों में वैधानिक कार्रवाई कर सकती है। इसी कारण अस्पताल में उनकी सुरक्षा के लिए पिछले पांच दिनों से पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है।

Ken Betwa link project: Amit Bhatnagar's discharge decision will be made after his medical report
छतरपुर जिला अस्पताल में उपचाररत अमित भटनागर - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर सक्रिय भटनागर
दूसरी ओर अमित भटनागर सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार अपने संदेश जारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में भर्ती किए जाने के बावजूद उनका अनशन समाप्त नहीं हुआ है और वे अस्पताल के भीतर से भी आंदोलन जारी रखे हुए हैं। उन्होंने प्रशासन पर आंदोलन को दबाने, झूठे प्रकरण दर्ज करने और उन्हें जेल भेजने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

17 दिन चला अनशन
गौरतलब है कि अमित भटनागर केन-बेतवा लिंक परियोजना और रुन्झ-मझगंवा सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों के उचित पुनर्वास, पारदर्शी मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर लगातार 17 दिनों तक सत्याग्रह और अनशन पर बैठे रहे। पांच दिन पहले क्षेत्र में हुई भारी बारिश और बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में आंदोलन स्थल खाली कराकर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।

 
Ken Betwa link project: Amit Bhatnagar's discharge decision will be made after his medical report
भटनागर से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता और पुलिस में नोकझोंक हो गई। - फोटो : अमर उजाला
भटनागर से मिलने पहुंचे यूका प्रदेश उपाध्यक्ष को ICU के बाहर रोका
छतरपुर जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती अमित भटनागर से मिलने पहुंचे यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार को गुरुवार को पुलिस ने अस्पताल परिसर में रोक दिया। आईसीयू के बाहर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अभिषेक परमार ने पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अमित भटनागर से मिले बिना वापस नहीं जाएंगे। काफी देर तक चली बहस और धरने की चेतावनी के बाद उन्हें मरीज से मिलने की अनुमति दी गई।

जानकारी के अनुसार, अमित भटनागर का हाल-चाल जानने के लिए अभिषेक परमार अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था और आईसीयू के नियमों का हवाला देते हुए उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इसके बाद अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति बन गई। अभिषेक परमार ने इस दौरान सीएमएचओ से फोन पर भी बात की और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "मैं धरने पर बैठ जाऊंगा, लेकिन अमित भटनागर से मिले बिना नहीं जाऊंगा।" साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि "क्या आईसीयू के बाहर पुलिस का पहरा लगाने से अमित का ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाएगा? यह मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार की व्यवस्था है।"

काफी मशक्कत और बातचीत के बाद पुलिस ने उन्हें आईसीयू में जाकर अमित भटनागर से मिलने की अनुमति दी। मुलाकात के बाद उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। पुलिस का कहना है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों की सुरक्षा और अस्पताल की व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रवेश सीमित रखा गया था। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे प्रशासन की अनावश्यक सख्ती बताते हुए विरोध जताया। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर नजर रखी गई।
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MP: Amit Bhatnagar's discharge decision will be made after his medical report; Congress leader visits him and police argue

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