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बिरसा मुंडा जयंती: जनजातीय गौरव दिवस समारोह में वर्चुअली जुड़े PM मोदी, करोड़ों के विकास कामों की सौगात
Fri, 15 Nov 2024 06:33 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 15 Nov 2024 06:33 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आदिवासी समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान राम बनाया। आदिवासी समाज वो है, जिसने भारत की संस्कृति और आज़ादी की रक्षा के लिए सैकड़ों वर्षों की लड़ाई को नेतृत्व दिया।
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जनजतीय गौरव दिवस समारोह में बच्चियों को गाड़ी दी गई
- फोटो : अमर उजाला
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शहडोल के बाणगंगा मेला मैदान पर राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह का आयोजन हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्चुअली रूप से शामिल हुए। समारोह में आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी पहुंचे थे।
जनजातीय गौरव दिवस पर सीएम मोहन यादव ने संबोधित किया।
- फोटो : अमर उजाला
हमें गर्व करना चाहिए जनजातीय नायकों पर : सीएम यादव
सीएम मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय समाज हमारी प्राचीन विरासत और संस्कृति का प्रतीक है, जो सदियों से अपनी परंपराओं और जीवनशैली के साथ समाज को समृद्ध कर रहा है। हमें गर्व करना चाहिए जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा पर, टंट्या मामा पर। मध्यप्रदेश में एक के बाद एक, विकास के कार्य हो रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर भी अनेक सौगातें दी गई हैं। जिस गांव में स्कूल, हॉस्पिटल, खेल का मैदान और पंचायत भवन समेत कुछ भी बनाना होगा, अब सिर्फ पेसा कानून के अंतर्गत प्लान बनाना, राशि देने की जिम्मेदारी हमारी सरकार की होगी। डबल इंजन सरकार में हर गांव के अंदर विकास के काम होंगे। हमारी सरकार आने वाले समय में दूध खरीदी पर बोनस प्रदान करेगी, जिससे दूध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पशुपालकों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा। जनजातीय नायकों को उनके अदम्य साहस और योगदान के लिए पूरा सम्मान दिया जा रहा है। रानी दुर्गावती योजना के तहत श्री अन्न (कोदो-कुटकी व मोटा अनाज) पर 1000 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान देने की घोषणा की गई है।
सीएम ने कहा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गरिमामय उपस्थिति (वर्चुअली) में जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर शहडोल में आयोजित "भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस" कार्यक्रम में सहभागिता कर 229 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का सिंगल क्लिक के माध्यम से भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा जबलपुर एवं छिंदवाड़ा में जनजातीय रणबांकुरों की गौरव गाथा को प्रदर्शित करते जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का लोकार्पण (वर्चुअली) एवं भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती के अवसर पर 150 का स्मारक सिक्का भी जारी किया गया।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय समाज हमारी प्राचीन विरासत और संस्कृति का प्रतीक है, जो सदियों से अपनी परंपराओं और जीवनशैली के साथ समाज को समृद्ध कर रहा है। हमें गर्व करना चाहिए जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा पर, टंट्या मामा पर। मध्यप्रदेश में एक के बाद एक, विकास के कार्य हो रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर भी अनेक सौगातें दी गई हैं। जिस गांव में स्कूल, हॉस्पिटल, खेल का मैदान और पंचायत भवन समेत कुछ भी बनाना होगा, अब सिर्फ पेसा कानून के अंतर्गत प्लान बनाना, राशि देने की जिम्मेदारी हमारी सरकार की होगी। डबल इंजन सरकार में हर गांव के अंदर विकास के काम होंगे। हमारी सरकार आने वाले समय में दूध खरीदी पर बोनस प्रदान करेगी, जिससे दूध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पशुपालकों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा। जनजातीय नायकों को उनके अदम्य साहस और योगदान के लिए पूरा सम्मान दिया जा रहा है। रानी दुर्गावती योजना के तहत श्री अन्न (कोदो-कुटकी व मोटा अनाज) पर 1000 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान देने की घोषणा की गई है।
सीएम ने कहा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गरिमामय उपस्थिति (वर्चुअली) में जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर शहडोल में आयोजित "भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस" कार्यक्रम में सहभागिता कर 229 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का सिंगल क्लिक के माध्यम से भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा जबलपुर एवं छिंदवाड़ा में जनजातीय रणबांकुरों की गौरव गाथा को प्रदर्शित करते जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का लोकार्पण (वर्चुअली) एवं भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती के अवसर पर 150 का स्मारक सिक्का भी जारी किया गया।
जनजातीय गौरव दिवस पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने संबोधित किया।
- फोटो : अमर उजाला
विकास की सौगात
कार्यक्रम के दौरान 229.66 करोड़ रुपए की लागत से 76 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। जिसमें 68.15 करोड़ रूपये की लागत से 33 विकास कार्यों का लोकार्पण और 161.51 करोड़ रुपए की लागत के 43 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। वहीं हितग्राहियों को मसूर किट वितरण, पीएम किसान, सीएम किसान, आहार अनुदान, निःशुल्क साइकिल वितरण, मोटराईज्ड ट्रायसाइकिल, सीसीएल (कैस क्रेडिट लिमिट), मुद्रा लोन, आयुष्मान कार्ड़, वन धन योजना आदि दिया गया।
राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में पारंपरिक लोकनृत्यों गुदुम्ब, शैला, करमा, रीना नृत्यों की प्रस्तुतियां लोक कलाकारों द्वारा दी गई। इसके लिए डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला समेत प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिलों से आदिवासी के कलाकार प्रस्तुति दिया। जनजातीय गौरव दिवस समारोह में महिला बाल विकास विभाग, वन विभाग, शिक्षा एवं ट्रायवल विभाग, आजीविका मिशन, हथकरघा विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी लगाई गई।
कार्यक्रम के दौरान 229.66 करोड़ रुपए की लागत से 76 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। जिसमें 68.15 करोड़ रूपये की लागत से 33 विकास कार्यों का लोकार्पण और 161.51 करोड़ रुपए की लागत के 43 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। वहीं हितग्राहियों को मसूर किट वितरण, पीएम किसान, सीएम किसान, आहार अनुदान, निःशुल्क साइकिल वितरण, मोटराईज्ड ट्रायसाइकिल, सीसीएल (कैस क्रेडिट लिमिट), मुद्रा लोन, आयुष्मान कार्ड़, वन धन योजना आदि दिया गया।
राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में पारंपरिक लोकनृत्यों गुदुम्ब, शैला, करमा, रीना नृत्यों की प्रस्तुतियां लोक कलाकारों द्वारा दी गई। इसके लिए डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला समेत प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिलों से आदिवासी के कलाकार प्रस्तुति दिया। जनजातीय गौरव दिवस समारोह में महिला बाल विकास विभाग, वन विभाग, शिक्षा एवं ट्रायवल विभाग, आजीविका मिशन, हथकरघा विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी लगाई गई।
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जनजातीय गौरव दिवस समारोह में मौजूद आमजन।
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर पर भड़के सीएम, पत्रकारों ने जताया विरोध
समारोह में जैसे ही मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के बाद राज्यपाल का उद्बोधन शुरू हुआ। स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने नारेबाजी शुरू कर दी। शहडोल के पत्रकार जिला अस्पताल में पदस्थ सिविल सर्जन डॉक्टर जीएस परिहार का विरोध कर रहे थे। मुर्दाबाद के नारे सुनकर सीएम मंच पर बैठते ही नाराज हो गए। उन्होंने कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह को बुलाया और तल्ख तेवर में फटकार लगाई। उसके बाद कलेक्टर और एसपी मंच से उतरकर सीधे विरोध कर रहे पत्रकारों के बीच पहुंचे। वहां कलेक्टर और पत्रकारों के बीच गहमा गहमी की स्थिति निर्मित हो गई। जिसके बाद कलेक्टर वापस मंच की तरफ चले गए। इस दौरान राज्यपाल का उद्बोधन चल रहा था। कुछ देर बाद फिर सीएम और राज्यपाल जनता पर पुष्प बरसाने आए तब भी पत्रकारों ने मुर्दाबाद के नारे लगाकर विरोध जताया। जिस पर सीएम ने कलेक्टर को कुछ आवश्यक निर्देश दिया।
समारोह में जैसे ही मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के बाद राज्यपाल का उद्बोधन शुरू हुआ। स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने नारेबाजी शुरू कर दी। शहडोल के पत्रकार जिला अस्पताल में पदस्थ सिविल सर्जन डॉक्टर जीएस परिहार का विरोध कर रहे थे। मुर्दाबाद के नारे सुनकर सीएम मंच पर बैठते ही नाराज हो गए। उन्होंने कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह को बुलाया और तल्ख तेवर में फटकार लगाई। उसके बाद कलेक्टर और एसपी मंच से उतरकर सीधे विरोध कर रहे पत्रकारों के बीच पहुंचे। वहां कलेक्टर और पत्रकारों के बीच गहमा गहमी की स्थिति निर्मित हो गई। जिसके बाद कलेक्टर वापस मंच की तरफ चले गए। इस दौरान राज्यपाल का उद्बोधन चल रहा था। कुछ देर बाद फिर सीएम और राज्यपाल जनता पर पुष्प बरसाने आए तब भी पत्रकारों ने मुर्दाबाद के नारे लगाकर विरोध जताया। जिस पर सीएम ने कलेक्टर को कुछ आवश्यक निर्देश दिया।
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जनजातीय गौरव दिवस समारोह में मौजूद आमजन।
- फोटो : अमर उजाला
समारोह के दौरान कांग्रेस विधायक बैठे सांकेतिक धरने पर
शहडोल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने सांकेतिक धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ शहर के अंबेडनगर नगर चौक पर बैठकर विरोध किया। इस दौरान पुलिस मौजूद थी। दरअसल गौरव दिवस कार्यक्रम के दौरान कार्ड में नाम नहीं लिखने को लेकर कांग्रेसी विधायक नाराज हैं। राज्य सरकार की ओर से जो आमंत्रण पत्र दिया गया है उसमें सिर्फ शहडोल के विधायकों का नाम था, इसके बाद अनूपपुर कलेक्टर ने एक और आमंत्रण पत्र बंटवाया जिसमें अनूपपुर विधायक बिसाहुलाल सिंह का भी नाम लिखवाया गया। कोतमा विधायक दिलीप जायसवाल का नाम बतौर राज्यमंत्री कार्ड में शामिल था। पुष्पराजगढ़ विधायक ने कहा कि मेरे कांग्रेसी होने के कारण नाम कार्ड में नहीं लिखा गया। यह जनजातीय समुदाय का अपमान है।
कार्यक्रम के बीच में ही पंडाल खाली
बाणगंगा मेला मैदान में आयोजित गौरव दिवस का कार्यक्रम पूरा होने के पहले पंडाल हो गया खाली, प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन के पहले सीएम और राज्यपाल का संबोधन हो जाने के बाद, पब्लिक पीएम का भाषण सुनने के पहले उठकर जाने लगीं, हालांकि प्रशासन के लोगों ने उठकर जा रही जनता को रोकने का असफल प्रयास किया और कार्यक्रम के बीच में ही पंडाल लगभग खाली हो गया।
शहडोल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने सांकेतिक धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ शहर के अंबेडनगर नगर चौक पर बैठकर विरोध किया। इस दौरान पुलिस मौजूद थी। दरअसल गौरव दिवस कार्यक्रम के दौरान कार्ड में नाम नहीं लिखने को लेकर कांग्रेसी विधायक नाराज हैं। राज्य सरकार की ओर से जो आमंत्रण पत्र दिया गया है उसमें सिर्फ शहडोल के विधायकों का नाम था, इसके बाद अनूपपुर कलेक्टर ने एक और आमंत्रण पत्र बंटवाया जिसमें अनूपपुर विधायक बिसाहुलाल सिंह का भी नाम लिखवाया गया। कोतमा विधायक दिलीप जायसवाल का नाम बतौर राज्यमंत्री कार्ड में शामिल था। पुष्पराजगढ़ विधायक ने कहा कि मेरे कांग्रेसी होने के कारण नाम कार्ड में नहीं लिखा गया। यह जनजातीय समुदाय का अपमान है।
कार्यक्रम के बीच में ही पंडाल खाली
बाणगंगा मेला मैदान में आयोजित गौरव दिवस का कार्यक्रम पूरा होने के पहले पंडाल हो गया खाली, प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन के पहले सीएम और राज्यपाल का संबोधन हो जाने के बाद, पब्लिक पीएम का भाषण सुनने के पहले उठकर जाने लगीं, हालांकि प्रशासन के लोगों ने उठकर जा रही जनता को रोकने का असफल प्रयास किया और कार्यक्रम के बीच में ही पंडाल लगभग खाली हो गया।
