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Ujjain Rajnandani Case: रात तीन बजे हुआ आरोपियों का मेडिकल, माधवनगर सीएसपी के कार्यालय में लगी विशेष कोर्ट
Fri, 09 Jun 2023 07:58 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 09 Jun 2023 07:58 PM IST
सार
उज्जैन में राजनंदनी हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। चौंकाने वाली जानकारी अब ये सामने आई है कि सभी आरोपियों का मेडिकल करवाने के लिए गुरुवार देर रात तीन बजे जिला चिकित्सालय ले जाया गया।
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एक युवती और दो युवकों को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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उज्जैन में राजनंदनी हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। चौंकाने वाली जानकारी अब ये सामने आई है कि सभी आरोपियों का मेडिकल करवाने के लिए गुरुवार देर रात तीन बजे जिला चिकित्सालय ले जाया गया। वहीं माधव नगर सीएसपी सचिन परते के ऑफिस को अस्थायी कोर्ट बनाया गया और यहां पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश माननीय शशिकांत वर्मा के सामने सभी आरोपियों को विशेष सुरक्षा के बीच पेश किया गया। इस सारी कवायद के पीछे ये बताया जा रहा है कि आरोपियों की सुरक्षा को लेकर ऐसा किया गया है कि कहीं कोई हमला न कर दे। वहीं नगर निगम ने आरोपियों के मकान तोड़ने की कार्रवाई भी की है।
राजनंदिनी की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने चक्काजाम भी किया था। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
अभिभाषक संघ के सदस्य नही करेंगे आरोपियों की पैरवी
अभिभाषक संघ के अध्यक्ष अशोक यादव ने अमर उजाला को बताया कि घटना उज्जैन के लिए शर्मनाक है, मासूम के साथ इस प्रकार की दरिंदगी करना गलत है। अभिभाषक संघ सदैव ऐसे प्रयासों मे रहता है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो। इसीलिए इस मामले में अभिभाषक संघ का कोई भी सदस्य आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। इसका हमने सर्वानुमति से निर्णय लिया है। अगर इसके बावजूद भी कोई सदस्य आरोपियों की पैरवी करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्यवाही की जाएगी। ऐसे लोगों की पैरवी करने से उनके हौसले बुलंद होते हैं और हम यह कभी नहीं चाहते की ऐसी घटनाएं फिर से हो।
जैसे जैसे आएगी रिपोर्ट वैसे बढ़ेगी धारा
बताया जाता है कि आरोपियों के खिलाफ लगातार धारा बढ़ती जा रही है। कल तक इस मामले मे 364 के साथ 302, 201 तक धाराएं बढ़ाई गई थीं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डायटम टेस्ट रिपोर्ट, विसरा रिपोर्ट, आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मामले मे धारा बढ़ाकर कार्रवाई की जाएगी।
अभिभाषक संघ के अध्यक्ष अशोक यादव ने अमर उजाला को बताया कि घटना उज्जैन के लिए शर्मनाक है, मासूम के साथ इस प्रकार की दरिंदगी करना गलत है। अभिभाषक संघ सदैव ऐसे प्रयासों मे रहता है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो। इसीलिए इस मामले में अभिभाषक संघ का कोई भी सदस्य आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। इसका हमने सर्वानुमति से निर्णय लिया है। अगर इसके बावजूद भी कोई सदस्य आरोपियों की पैरवी करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्यवाही की जाएगी। ऐसे लोगों की पैरवी करने से उनके हौसले बुलंद होते हैं और हम यह कभी नहीं चाहते की ऐसी घटनाएं फिर से हो।
जैसे जैसे आएगी रिपोर्ट वैसे बढ़ेगी धारा
बताया जाता है कि आरोपियों के खिलाफ लगातार धारा बढ़ती जा रही है। कल तक इस मामले मे 364 के साथ 302, 201 तक धाराएं बढ़ाई गई थीं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डायटम टेस्ट रिपोर्ट, विसरा रिपोर्ट, आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मामले मे धारा बढ़ाकर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों के घर तोड़ने की कार्रवाई के पहले बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा था।
- फोटो : सोशल मीडिया
एसपी ने माना- अनहोनी की आशंका में लगाई जाती है अस्थायी कोर्ट
राजनंदनी की हत्या के मामले में एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि सभी आरोपियों को अभिरक्षा में लेने के बाद उन्हें माननीय न्यायाधीश शशिकांत वर्मा की अस्थायी कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से एक महिला आरोपी को जेल भेज दिया गया, जबकि एक युवती और 2 युवकों को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। आपने बताया कि अभी इस मामले में और भी साक्ष्य एकत्रित किया जाना है। इसीलिए आरोपियों की पुलिस रिमांड मांगी गई है। इस मामले में जल्द ही चालानी कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों ने जब एसपी सचिन शर्मा से पूछा कि इस प्रकार से कंट्रोल रूम पर अस्थायी कोर्ट क्यों बनाई गई तो उनका कहना था कि ऐसा कुछ विशेष नहीं है यह रिमांड प्रक्रिया है जब ऐसा लगता है कि कुछ ऐसी परिस्थितियां है जब कोई अनहोनी होनी हो सकती है तो उसमें ऐसा किया जाता है।
राजनंदनी की हत्या के मामले में एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि सभी आरोपियों को अभिरक्षा में लेने के बाद उन्हें माननीय न्यायाधीश शशिकांत वर्मा की अस्थायी कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से एक महिला आरोपी को जेल भेज दिया गया, जबकि एक युवती और 2 युवकों को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। आपने बताया कि अभी इस मामले में और भी साक्ष्य एकत्रित किया जाना है। इसीलिए आरोपियों की पुलिस रिमांड मांगी गई है। इस मामले में जल्द ही चालानी कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों ने जब एसपी सचिन शर्मा से पूछा कि इस प्रकार से कंट्रोल रूम पर अस्थायी कोर्ट क्यों बनाई गई तो उनका कहना था कि ऐसा कुछ विशेष नहीं है यह रिमांड प्रक्रिया है जब ऐसा लगता है कि कुछ ऐसी परिस्थितियां है जब कोई अनहोनी होनी हो सकती है तो उसमें ऐसा किया जाता है।
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नगर निगम ने आरोपियों के घर तोड़ दिए।
- फोटो : सोशल मीडिया
नगर निगम ने तोड़ा आरोपियों का मकान
आरोपियों का मकान गिराने के लिए गुरुवार को नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए मकान के बाहर एक नोटिस चस्पा किया था। नोटिस में लिखा था कि यह भवन बिना अनुज्ञा प्राप्त करें बिना स्वीकृति के जी प्लस-1 वन अवैध निर्माण कर लिया गया है इससे संबंधित दस्तावेज नगर निगम के झोन अधिकारी के समक्ष पेश किए जाएं। अगर समय सीमा में यह दस्तावेज पेश नहीं किए जाते हैं तो फिर मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 307 प्रावधानों के अंतर्गत एक पक्षीय कार्रवाई कर अवैध निर्माण को हटा दिया जाएगा। इसे कार्रवाई को शुक्रवार को अंजाम दिया गया जिसमें आरोपी के मकान का अवैध निर्माण तोड़ दिया गया है। कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम के साथ बड़ी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की है।
आरोपियों का मकान गिराने के लिए गुरुवार को नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए मकान के बाहर एक नोटिस चस्पा किया था। नोटिस में लिखा था कि यह भवन बिना अनुज्ञा प्राप्त करें बिना स्वीकृति के जी प्लस-1 वन अवैध निर्माण कर लिया गया है इससे संबंधित दस्तावेज नगर निगम के झोन अधिकारी के समक्ष पेश किए जाएं। अगर समय सीमा में यह दस्तावेज पेश नहीं किए जाते हैं तो फिर मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 307 प्रावधानों के अंतर्गत एक पक्षीय कार्रवाई कर अवैध निर्माण को हटा दिया जाएगा। इसे कार्रवाई को शुक्रवार को अंजाम दिया गया जिसमें आरोपी के मकान का अवैध निर्माण तोड़ दिया गया है। कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम के साथ बड़ी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की है।
