मेरठ डीएम दीपक मीणा ने कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं बागपत में भी कांवड़ यात्रा पर 200 कैमरों की निगरानी रहेगी। साथ ही कांवड़ियों की स्वास्थय व्यवस्था की भी देखभाल की जाएगी।
Kanwar Yatra 2022: वन-वे हुआ ट्रैफिक, सीसीटीवी कैमरों से होगी कांवड़ियों की निगरानी
हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाईवे और सड़कें केसरिया रंग में रंगने लगे हैं। कांवड़ियों की सेवा में जनता ने पलक पांवड़े बिछा दिए हैं। भोजन, चाय, मेडिकल सेवा के शिविर लगातार खुलते जा रहे हैं। कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं।
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कांवड़ियों की मदद के लिए लगाए साइन बोर्ड
मेरठ के मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी ने बताया कि कांवड़ियों के लिए पानी पीने के लिए हैंडपंप की मरम्मत पूरी की जा चुकी है। हैंडपंप पर अगले हैंडपंप की दूरी भी लिखी गई है। इससे कांवड़ियों को परेशानी नहीं होगी। साइन बोर्ड भी गंगनहर पटरी पर लगा दिए गए हैं, जिससे कोई रास्ता नहीं भटकेगा। वहीं, 24 घंटे तक चलने वाले कंट्रोल रूम का नंबर भी चस्पा कर दिया गया है। परेशानी होने पर तुरंत सूचना दी जा सके। इसके अलावा विकास खंड रोहटा के अंतर्गत गंगनहर पटरी पर जटपुरा से भोला झाल तक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कांवड शिविरों में सर्फाइ कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। मोबाईल टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। शिविरों में डिस्पोजल वेस्ट गड्ढा तैयार किया गया है। इन सभी कार्य को ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया है।
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वन वे हुआ ट्रैफिक, धड़ाम हुई व्यवस्था
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कांवड़ियों के आवागमन के चलते ट्रैफिक को वनवे कर दिया गया है। ट्रैफिक के वन वे होते ही व्यवस्था धड़ाम हो गई और जाम से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कांवड़ यात्रा को लेकर जगह-जगह पर बैरिकेडिंग कर दी गई है, हाईवे के एक और कांवड़ियां चल रहे हैं तो दूसरी ओर ट्रैफिक को निकाला जा रहा है। ट्रैफिक की व्यवस्था के लिए लगाए गए पुलिसकर्मी भी फेल हो गए। बुधवार को दिनभर हाईवे पर ट्रैफिक व्यवस्था धड़ाम रही। मोदीपुरम चेक पोस्ट से लेकर दुल्हैड़ा चुंगी तक ज्यादा जाम लगा हुआ था। कांवड़ मार्ग पर सिर्फ कांवड़ियों को ही चलने की अनुमति दी गई है।
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शिविर लगाने की तैयारी में जुटे लोग
शिवरात्रि नजदीक आते देख ग्रामीण क्षेत्रों में भी महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। सरूरपुर रजबहे की पटरी पर सेवादार दिनभर भंडारे व शिविर लगाने की तैयारी में जुटे रहे। सरूरपुर कॉलेज के पास बुधवार को सरधना कांवड़ संघ की तरफ से भंडारा व दो सेवा शिविर लगाए गए। जिनकी तैयारी में कांवड़ संघ के कार्यकर्ता देर शाम तक लगे रहे। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सेवा करने पर उन्हें शांति मिलती है व खुशी का अनुभव होता है।
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हरिद्वार मार्ग पर अब चलेंगे सिर्फ कांवड़िए
बुधवार से कांवड़ियों की संख्या बढ़ गई है यातायात के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। मुजफ्फरनगर-हरिद्वार मार्ग पर अब कांवड़िये ही चलेंगे। अन्य लोगों के लिए इस मार्ग को बंद कर दिया गया है। आमजन से अपील की गई है कि 21 से 26 जुलाई के बीच हरिद्वार मार्ग पर चलने से बचें। जनपद की सीमा पुरकाजी की भूराहेड़ी व खतौली की भंगेला पुलिस चेक पोस्ट तक वन-वे यातायात व्यवस्था बनाई गई है, वह चलती रहेगी। नई व्यवस्था के चलते भारी वाहनों के लिए रामपुर तिराहा से देवबंद व हरिद्वार वाला मार्ग खुला रहेगा, लेकिन यहां पर भी वाहनों को कम किया जा रहा है। हरिद्वार से आकर सीधे मेरठ-दिल्ली जाने वाले वाहन सहारनपुर से वहलना नहीं जाएंगे बल्कि वह जानसठ मार्ग पर पुल के नीचे से सिखेड़ा, मीरापुर, मवाना से मेरठ जाएंगे। इसमें कार आदि वाहनों के लिए भी यहीं व्यवस्था लागू रहेगी।
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