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सूजी के गोल-गप्पे हो सकते हैं खतरनाक, दूर करें ये खाने से जुड़े मिथक
Wed, 03 Feb 2016 01:18 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Wed, 03 Feb 2016 01:18 PM IST
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सूजी के गोल-गप्पे हो सकते हैं खतरनाक, दूर करें ये खाने से जुड़े मिथक
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सूजी के गोल्गप्पे होते हैं खतरनाक। चीनी की जगह गुड़ और शहद के सेवन अगर ज्यादा करते हैं तो सेहत पर हो सकता है उल्टा असर।
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सूजी सेहत के लिए अच्छी नहीं होती है। ये एक मिथक है। सूजी के गोलगप्पे खाने में चाहे आपके कितनी भी पसंदीदा क्यो ना हो लेकिन इनको खाने से पहले हो जाए सावधान। ये हो सकते हैं खतरनाक आपकी सेहत के लिए। सूजी मैदे को दानेदार हिस्सा होता है। लेकिन रिफाइन करने के बाद इसके ऊपर से कई जरुरी परतें निकल जाती हैं जिससे सिर्फ स्टार्च बचता है
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शहद और गुड़ चीनी से बेहतर विकल्प हैं कम मीठे का। अगर आप चीनी की जगह शहद और गुड़ का प्रयोग इस वजह से करते आ रहे क्योंकि ये कम मीठा है तो आप गलत है। इसमें प्राकृतिक मिठास होती है जिसे रिफाइन नहीं किया जा सकता है। इसलिए ये भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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देसी घी नुकसान करता है ये एक मिथक है कि देसी घी कोलेस्ट्राल बढ़ाता है। देसी घी में 65 प्रतिशत सेचुरेटेड फेट है और 32 प्रतिशत मूफा होता है। मूफा सबसे महत्वपूर्ण वसा है। ये ऑलिव ऑयल में भी पाया जाता है।
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सेब और केले ज्यादा देर बाहर रखने पर भूरे हो जाते हैं जिसकी वजह उसमें आयरन होना है।
ऐसा नहीं है सेब और केले में सबसे ज्यादा फाइबर होता है ना कि आयरन। इनके भूरे हो जाने की वजह है इसमें मौजूद एंजाइम में रिएक्शन होना। ये एंजाइम हवा में मौजूद ऑक्सीजन का संपर्क पाकर रंग बदल लेते हैं।
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