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पीयू शोधार्थी की माैत: सामने आया ज्योति के अंतिम पलों का सच, परिजनों ने क्यों कर दिया शव लेने से इन्कार

Wed, 29 Jul 2026 07:56 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Wed, 29 Jul 2026 07:56 AM IST
सार

चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की पीएचडी स्कॉलर ज्योति की मंगलवार को करंट लगने से मौत हो गई। ज्योति हरियाणा की रहने वाली थी। इसके बाद यूनिवर्सिटी में बवाल हो गया।

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Death of Chandigarh PU research scholar Jyoti Family refuses to claim body demands CBI probe
पीयू में रिसर्च स्काॅलर की माैत - फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी की शोध छात्रा ज्योति की मौत पर परिजनों को शक है। परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया है। जीएमएसएच-16 पहुंचे परिवार ने मौत के कारणों पर सवाल उठाते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। 


परिजनों का कहना है कि जब तक जांच के लिखित आदेश नहीं मिलते और मौत का सही कारण सामने नहीं आता, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

मृतका के चाचा जितेंद्र कुमार ने कहा कि परिवार को अब तक मौत के कारणों की संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि मृतका की मां को अभी तक सिर्फ यही जानकारी दी गई थी कि बेटी अस्पताल में भर्ती है जबकि पिता को उसकी मौत की सूचना दी गई। बेटी की मौत की खबर मिलने के बाद पिता की हालत भी खराब हो गई है।

जितेंद्र कुमार ने कहा कि उन्हें बताया जा रहा है कि ज्योति की मौत करंट लगने से हुई है लेकिन शरीर पर करंट लगने का कोई निशान दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में परिवार इस दावे को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं ज्योति के साथ कोई अन्य घटना तो नहीं हुई। 

मृतका के मामा सुनील ने कहा कि बिना निष्पक्ष जांच और मौत के सही कारणों का खुलासा हुए परिवार शव नहीं लेगा। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि जांच के लिखित आदेश मिलने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। परिजनों ने बताया कि ज्योति परिवार की सबसे बड़ी संतान थी और उसका एक छोटा भाई भी है। अस्पताल में पीयू के डीएसडब्ल्यू, वार्डन, विभाग प्रभारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
Death of Chandigarh PU research scholar Jyoti Family refuses to claim body demands CBI probe
ज्योति के चाचा से बात करते छात्र - फोटो : अमर उजाला
चीख सुनते ही दौड़े थे कर्मचारी और छात्र, हॉकी स्टिक की मदद से छुड़ाया
साउथ कैंपस में मंगलवार सुबह 8.45 बजे पीएचडी रिसर्च स्कॉलर ज्योति की करंट लगने से माैत हो गई। ज्योति जब बारिश के पानी में उतरे करंट की चपेट में आई तो उसकी दर्दनाक चीख सुनकर आसपास मौजूद कर्मचारी और छात्र दौड़ पड़े। लेकिन सड़क पर फैले करंट के कारण कोई भी तुरंत उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

कुछ सेकंड तक सभी बेबस होकर देखते रहे। इसके बाद एक छात्र ने अपनी जान की परवाह किए बिना हॉकी स्टिक की मदद से उसे करंट वाले हिस्से से बाहर खींचा। उस समय तक ज्योति की सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।

घटनास्थल के पास मौजूद आउटसोर्स कर्मचारी वंश राज ने बताया कि सुबह बारिश के बीच अचानक तेज चीख सुनाई दी। उन्होंने देखा कि ज्योति सड़क पर गिर चुकी थी और उसके हाथ में मौजूद छाता दूर जा गिरा था। वह तुरंत उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन पानी में तेज करंट महसूस होते ही पीछे हटना पड़ा।

उन्होंने बैग पकड़कर उसे खींचने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके। तभी हॉकी का अभ्यास कर लौट रहे एक छात्र ने सूझबूझ दिखाते हुए हॉकी स्टिक से ज्योति को करंट वाले हिस्से से बाहर खींचा। इसके बाद दो अन्य छात्रों की मदद से उसे सुरक्षित स्थान पर लाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय तक उसकी सांसें चल रही थीं। एंबुलेंस बुलाकर उसे तुरंत जीएमएसएच-16 ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Death of Chandigarh PU research scholar Jyoti Family refuses to claim body demands CBI probe
वीसी दफ्तर में घुसे विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
वैज्ञानिक बनने का सपना अधूरा छोड़ गई होनहार बेटी
पीयू की शोधार्थी ज्योति के पिता रविंद्र किसान हैं। परिवार में एक भाई और एक बहन हैं। उसका भाई पवन गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में कार्यरत है। परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि ज्योति बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी, अनुशासित और मेहनती थी। प्रारंभिक शिक्षा गांव से करने के बाद महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) से बीएससी, हिसार से एमएससी की और अब पंजाब यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी विषय में पीएचडी कर रही थी। परिजनों ने बताया कि ज्योति करीब दो महीने पहले ही अपने घर आई थी। 

बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में शोध कर वैज्ञानिक के रूप में देश की सेवा करना उनका सपना था। वह अपने शोध कार्य को लेकर बेहद गंभीर रहती थी। घर आने पर भी वह पौधों पर शोध और प्रयोग करती रहती थी। ज्योति के मामा सुरेंद्र ने बताया कि फोन पर हादसे की सूचना मिलने पर पूरा परिवार सदमे में है और बहन राजबाला सहित सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि अभी तक परिजनों की ओर से कोई आरोप- प्रत्यारोप नहीं लगाए गए हैं।
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वीसी आफिस के बाहर हंगामा - फोटो : अमर उजाला
भड़के छात्रों का वीसी दफ्तर के बाहर हंगामा
वहीं ज्योति की करंट लगने से मौत के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह करीब 11:30 बजे बड़ी संख्या में छात्र एक्सईएन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ एक्सईएन के इस्तीफे की मांग उठाई। दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारी वीसी कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान छात्रों ने वीसी कार्यालय का गेट तोड़ दिया जिसके बाद करीब तीन घंटे तक सुरक्षा कर्मियों और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की होती रही।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि कुलपति स्वयं बाहर आकर घटना पर माफी मांगें और विश्वविद्यालय की ओर से ठोस कार्रवाई का आश्वासन दें। छात्रों ने पूरे मामले की स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट, मृतक शोधार्थी के परिवार को उचित मुआवजा, कुलपति के इस्तीफे तथा ज्योति के भाई को पंजाब यूनिवर्सिटी में निशुल्क शिक्षा देने की मांग रखी।
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विद्यार्थियों ने निकाला कैंडल मार्च - फोटो : अमर उजाला
कैंडल मार्च निकालकर ज्योति को श्रद्धांजलि दी
दूसरी ओर, हादसे के विरोध में छात्रों का गुस्सा पूरे दिन देखने को मिला। शाम करीब साढ़े छह बजे छात्र-छात्राओं ने कैंडल मार्च निकालकर ज्योति को श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की कई इमारतों में बिजली व्यवस्था जर्जर है।

पुराने हॉस्टलों के आसपास खुले बिजली बॉक्स, जलभराव और सुरक्षा संबंधी शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। छात्रों का कहना था कि तकनीकी कर्मचारियों की कमी और रखरखाव में लापरवाही के कारण विद्यार्थियों की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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