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चैत्र नवरात्रि 2026: वागड़ का पावागढ़ कहलाने वाला नंदनी माता धाम; आस्था, इतिहास और प्राकृतिक रहस्य का संगम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो Updated Sun, 22 Mar 2026 06:00 AM IST
सार

Chaitra Navratri: बांसवाड़ा का नंदनी माता धाम वागड़ का पावागढ़ कहलाता है। यह धार्मिक आस्था, पौराणिक मान्यताओं और प्राकृतिक रहस्यों का केंद्र है। सुगम मार्ग और विशेष परंपराओं के कारण यह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।

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Chaitra Navratri: Nandni Mata Dham Known as Pavagadh of Wagad Confluence of Faith, History Natural Mysteries
चैत्र नवरात्रि 2026 - फोटो : अमर उजाला

नंदनी माता मंदिर राजस्थान के दक्षिणांचल में निम्बाहेड़ा-दाहोद राष्ट्रीय राजमार्ग 56 पर स्थित है। बांसवाड़ा जिला मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर बड़ोदिया कस्बे के पास अरावली पर्वतमाला की ऊंची चोटी पर विराजमान यह धाम समुद्रतल से लगभग 1384 फीट (422 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है। यहां से वागड़ अंचल का विस्तृत और मनोरम दृश्य दिखाई देता है, जिसके कारण इसे वागड़ का पावागढ़ भी कहा जाता है।


 

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Chaitra Navratri: Nandni Mata Dham Known as Pavagadh of Wagad Confluence of Faith, History Natural Mysteries
बड़ोदिया गांव के समीप पहाड़ी पर अवस्थित नंदिनी माता मंदिर - फोटो : अमर उजाला

धार्मिक मान्यता और पौराणिक संदर्भ
नंदनी माता धाम को लेकर प्रचलित मान्यता के अनुसार यह द्वापर युग में कंस के हाथों मुक्त हुई शक्ति का स्थल है। लोक विश्वास है कि मां नंदनी यशोदा के गर्भ से उत्पन्न हुई थीं और कंस द्वारा मारने के प्रयास के दौरान वह उसके हाथों से मुक्त होकर आकाश मार्ग से उड़ती हुई इस पर्वत पर आकर स्थापित हुईं। इस कथा का उल्लेख दुर्गा सप्तशती के 11वें अध्याय के 42वें श्लोक में भी मिलता है, जिससे इस स्थान की धार्मिक महत्ता और गहरी हो जाती है।
 

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नंदिनी माता मंदिर - फोटो : अमर उजाला

मंदिर की संरचना और आस्था का केंद्र
मुख्य मंदिर में सिंहवाहिनी, अष्टभुजाधारी मां नंदनी की श्वेत वर्ण की पाषाण प्रतिमा स्थापित है। यह धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक और भौगोलिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। यहां प्रतिवर्ष चारों नवरात्रों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
 

Chaitra Navratri: Nandni Mata Dham Known as Pavagadh of Wagad Confluence of Faith, History Natural Mysteries
मंदिर विकास के लिए आर्थिक सहयोग देती महिला श्रद्वालु - फोटो : अमर उजाला

क्या कहती हैं लोककथाएं और परंपराएं?
नंदनी माता धाम से जुड़ी कई लोककथाएं प्रचलित हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां नंदनी बड़ोदिया के गरबा मंडलों में आई थीं, जहां कुम्हार प्रजाति के एक व्यक्ति द्वारा पहचान जानने के प्रयास पर देवी ने श्राप दिया।
 

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नवरात्रि में श्रृंगारित नंदिनी माता की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला

इसी कारण बड़ोदिया में आज भी कुम्हार जाति के परिवार नहीं बसे हैं। इसके अलावा एक परंपरा के अनुसार मंदिर परिसर में होली प्रज्वलित होने के बाद ही बड़ोदिया और आसपास के गांवों में होली जलाई जाती है।

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