गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में कई जिंदगियां की जलकर खाक नहीं हुईं, बल्कि कई परिवारों के सुनहरे सपने और बेहतर भविष्य भी जलकर खाक हो गया। जो परिवार अपने बच्चों की सफलता और उनकी बेहतर जिंदगी के लिए कड़ी मेहनत रहे थे वो आग में जल गई। ऐसा ही हुआ है बाड़मेर के रहने वाले एमबीबीएस छात्र और उसके परिवार के साथ।
Plane Crash: मजदूर पिता का पसीना, बेटा और डॉक्टर बनने का सपना, विमान हादसे में सब खाक; खाना खाते समय आई मौत
Ahmedabad Plane Crash: एक पिता अपने बेटे को मजदूरी कर एमबीबीएस करा रहे थे, लेकिन विमान हादसे में उसकी मौत हो गई। जिस हॉस्टल की बिल्डिंग पर विमान गिरा उस समय बाड़मेर का जयप्रकाश खाना खा रहा था। हादसे में उसका 30 फीसदी शरीर जल गया और उस पर दीवार का मलबा गिर गया।
दरअसल, अहमदाबाद विमान हादसे में बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना क्षेत्र के बोर चारणान गांव में रहने वाले एमबीबीएस छात्र जयप्रकाश जाट (20) की मौत हो गई। जयप्रकाश अहमदाबाद में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। वह एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र था। जिस समय एयर इंडिया का विमान हॉस्टल पर गिरा जयप्रकाश उस समय मैस में खाना खा रहा था। हादसे में जयप्रकाश का शरीर 30 फीसदी जल गया, साथ उसके ऊपर दीवार का मलबा भी गिर गया। जिससे उसकी मौत हो गई। बेटे की मौत की सूचना मिलने पर परिवार बाड़मेर से अहमदाबाद पहुंचा। जयप्रकाश का शव परिजनों को सौंपा गया और वे उसे गांव लेकर रवाना हुए। शाम करीब पांच बजे जयप्रकाश का शव गांव पहुंचा, आज ही उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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पिता मजदूरी कर बेटे को एमबीबीएस करा रहे थे
जानकारी के अनुसार, जयप्रकाश के पिता धर्माराम जाट बालोतरा की एक कपड़ा फैक्ट्रियों में मजदूरी करते हैं। उन्होंने दिन-रात मेहनत करके बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। घर में पैसों की कमी के कारण उन्होंने कर्म लेकर जयप्रकाश को पढ़ाई के लिए कोटा भेजा था। इस दौरान उसने कड़ी मेहनत की और 2023 में नीट में 675 नंबर हासिल किए। उसे अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिला था। 16 जून से शुरू उसके एमबीबीएस सेंकेंड ईयर के एग्जाम होने वाले थे। कुछ साल की मेहनत के बाद जयप्रकाश डॉक्टर बन जाता, अपने और परिवार के सपने पूरे करता।
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घर कॉल कर कहा था खाना खाने मैस जा रहा हूं
जयप्रकाश के भाई मंगलाराम ने बताया कि कल शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे उसका कॉल आया था। उसने कहा था कि खाना खाने मैस जा रहा हूं, फोन की बैटरी डाउन है। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। मंगलाराम ने भाई ने यह भी बताया कि मैस जाने से पहले उसके साथियों ने उससे बाहर चलकर आम लेकर आने के लिए कहा था। लेकिन, उसने मैस जाने की बात कहकर मना कर दिया। अगर, वह दोस्तों के साथ चल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
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स्थानीय नेता और कलेक्टर मौके पर
एमबीबीएस के छात्र जयप्रकाश का शव उसके गांव पहुंच गया है। आज ही उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जयप्रकाश के घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ है। स्थानीय नेताओं समेत बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी, पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना समेत तमाम अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
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