Rajasthan News: कैसे आमने-सामने आए रविंद्र सिंह भाटी और छोटू सिंह रावणा? जानें पूरी इनसाइड स्टोरी
कैंसर पीड़ित बच्चे के वीडियो पर रावणा की एक टिप्पणी ने विवादित रूप ले लिया । धमकियों से तंग आकर रावणा ने विधायक भाटी समेत पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। अब पूरे मामले की जांच सीआईडी-क्राइम ब्रांच करेगी।
विस्तार
राजस्थान की राजनीति में युवाओं के बीच गहरी पैठ रखने वाले शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और मशहूर भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब सोशल मीडिया से निकलकर कानून के दरवाजे तक जा पहुंची है। बुधवार को रावणा अपने समाज के लोगों के साथ शिव थाने पहुंचे और विधायक भाटी समेत पांच अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। भाटी के खिलाफ पुलिस ने बीएनएस की धारा 352 और 79 के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले ने पूरे राजस्थान की सियासत में हलचल मचा दी है। आइए जानते हैं कि इस पूरे विवाद की असली जड़ क्या है।
क्या है विवाद की वजह
इस पूरे विवाद की शुरुआत एक बच्चे के वीडियो पर छोटू सिंह रावणा के कमेंट से हुई। इसमें एक बच्चे ने स्विमिंग पूल के उद्घाटन पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी को आमंत्रित किया था। इस वीडियो के बाद विधायक ने बच्चे से वीडियो कॉल पर बातचीत भी की, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
इसी बीच एक अन्य वीडियो सामने आया, जिसमें एक कैंसर पीड़ित बच्चा भावुक होकर कहता नजर आया कि उसने विधायक को कई बार कॉल और मैसेज किए, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। इस वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा और छोटू सिंह रावणा ने कमेंट करते हुए लिखा- “काश बेटा, आप रील स्टार होते तो सारे नेता आपके पास होते।” छोटू सिंह का आरोप है कि इस टिप्पणी से नाराज होकर विधायक भाटी ने उन्हें फोन पर धमकाया।
अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे रावणा
किसी का राजनीतिक टूल नहीं बनना चाहिए- रविंद्र भाटी
छोटू सिंह रावणा के लगाए गए आरोपों के बाद रविंद्र सिंह भाटी ने सफाई देते हुए कहा कि वह (छोटू सिंह रावणा) एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं। जिम्मेदार व्यक्ति को टिप्पणी या प्रतिक्रिया देते समय वास्तविकता जान लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी का राजनीतिक टूल नहीं बनना चाहिए। कोई जरूरतमंद उनके पास आता है तो उसे मना नहीं करते। जब कभी ऐसा विषय सामने आता है तो उसे गंभीरता से लेते हैं। इसके बाद भी अगर कोई नैरेटिव बनाने के लिए इस तरह की बातें करता है, तो यह गलत है।
मेरे एक कमेंट से दिल्ली में हलचल- छोटू सिंह रावणा
छोटू सिंह रावणा ने कहा कि अगर वह राजनीति में आते हैं, तो इससे आपको (रविंद्र भाटी) को क्यों डर लग रहा है। वह कहते हैं कि तू मेरे लेवल का नहीं है, लेकिन मेरे एक कमेंट ने दिल्ली तक हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि यह तो अच्छा हुआ कि मैंने गाली नहीं लिखी, मैंने तो प्यार से बच्चे के लिए लिखा था। अगर गाली लिखी होती तो शायद मैं मारा जाता। आग कहां तक पहुंच चुकी है, इसके बारे में जरा सोचिए।
यह तस्वीर 14 मार्च 2025 की है, जब छोटू सिंह रावणा के पिता का निधन हुआ था। उस दौरान रविंद्र सिंह भाटी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे।
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तीन वर्षों में कौम को तोड़ने का काम किया
रावणा ने सौगंध खाते हुए कहा कि जो अलख आज जगी है, उसे मैं ज्वाला में न बदल दूं तो मेरा नाम छोटू सिंह नहीं। उन्होंने भाटी पर आरोप लगाते हुए कहा कि नेताजी कहते हैं कि 36 कौम को साथ लेकर चलते हैं, लेकिन उन्होंने सभी को साथ लेकर नहीं चला। बीते तीन वर्षों में कौम को तोड़ने का काम किया है।
हालांकि, मामले की जांच सीआईडी-क्राइम ब्रांच करेगी। इसके बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।