दुश्मन देश पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। 17 मई 2025 को हिसार से गिरफ्तार की गई 'ट्रैवल विथ जो' यूट्यूब चैनल चलाने वाली ज्योति मल्होत्रा अब एक और गंभीर सवाल के घेरे में है- क्या उसने बाड़मेर के बॉर्डर इलाकों में वीडियो शूट करने की अनुमति ली थी या बिना इजाजत ही सीमावर्ती क्षेत्र में व्लॉगिंग की?
Rajasthan News: बाड़मेर बॉर्डर तक पहुंच गई थी जासूसी के आरोपों में घिरी यूट्यूबर ज्योति, इजाजत ली थी या नहीं?
Barmer News: बाड़मेर स्थित भारत-पाक सीमा अति संवेदनशील मानी जाती है। यहां किसी भी बाहरी व्यक्ति को जाने से पहले जिला प्रशासन, बीएसएफ और पुलिस थानों से अनुमति लेनी होती है। लेकिन आरोपी ज्योति ने यहां वीडियो शूट किए थे, जिसके लिए अनुमति लेने या न लेने का मामला गर्मा गया है।
दरअसल, करीब एक डेढ़ साल पहले 'ट्रैवल विथ जो' नामक चैनल पर अपलोड किए गए व्लॉग्स में ज्योति ने बाड़मेर से मुनाबाव तक का सफर दिखाया है। वीडियो में वह ट्रेन से यात्रा करती नजर आती हैं और यात्रियों से बॉर्डर इलाके को लेकर कई सवाल भी पूछती हैं। इन वीडियो में सीमावर्ती क्षेत्रों के दृश्य, लोकेशन और बातचीत स्पष्ट रूप से दिख रही हैं, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है।
अब सवाल यह है कि क्या ज्योति ने इन इलाकों में घुसने और शूटिंग करने से पहले स्थानीय प्रशासन या बीएसएफ से कोई अनुमति ली थी या नहीं? इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी पूछताछ में जुटी कई टीमें
ज्योति मल्होत्रा को गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही केंद्रीय और राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं। एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि क्या वह वास्तव में पाकिस्तान की किसी एजेंसी से जुड़ी थी या उसकी गतिविधियां सिर्फ एक ट्रैवल व्लॉगर तक सीमित थीं?
पूछताछ में यह भी पता लगाया जा रहा है कि बॉर्डर इलाके की यात्रा और वीडियो शूटिंग के दौरान क्या उसे कोई स्थानीय मदद मिली थी या उसने फर्जी पहचान या बहाने के जरिए परमिशन हासिल की थी।
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पुराने वीडियो
ज्योति के यूट्यूब चैनल पर मौजूद पुराने वीडियो अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम सबूत बनते जा रहे हैं। इनमें दिख रहा है कि उसने राजस्थान के सरहदी इलाकों की यात्रा की थी, जहां तक पहुंचने के लिए आम नागरिकों को विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है। यात्रियों से बॉर्डर को लेकर किए गए सवाल, स्टेशन और आसपास के दृश्यों को वीडियो में शामिल किया गया है, जो संवेदनशील सूचनाओं के लीक की आशंका को जन्म देता है।
क्या थी उसकी मंशा? जांच के घेरे में हर कदम
फिलहाल एजेंसियां ज्योति मल्होत्रा की मंशा, संपर्क और यात्रा के मकसद की गहनता से जांच कर रही हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी जुटाने की कोशिशें जारी हैं, वहीं उसके पुराने रिकॉर्ड, यात्राओं और मुलाकातों का ब्यौरा भी खंगाला जा रहा है। बाड़मेर बॉर्डर तक एक यूट्यूबर का पहुंच जाना और वहां वीडियो शूट कर उसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना, अपने आप में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी की ओर इशारा करता है। यह मामला अब केवल एक यूट्यूबर की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया तंत्र की सतर्कता की भी गंभीर परीक्षा बन चुका है।