सब्सक्राइब करें

चैत्र नवरात्रि: सरूंड की पहाड़ी पर विराजमान हैं चिलाय माता, 282 सीढ़ियां और सात द्वार पार कर होते हैं दर्शन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़ Published by: कोटपुतली ब्यूरो Updated Mon, 23 Mar 2026 06:00 AM IST
सार

Chaitra Navratri 2026: सरूंड गांव का चिलाय माता मंदिर 650 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित प्रमुख आस्था स्थल है। पांडवों से जुड़ी मान्यता और विशेष परंपराओं के कारण यहां नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जो इसे क्षेत्र का महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र बनाता है।
 

विज्ञापन
Chaitra Navratri: Chilay Mata Resides on Sarund Hill; Believed to Protect Nearly 100 Villages
चैत्र नवरात्रि 2026 - फोटो : अमर उजाला

कोटपूतली-बहरोड़ जिले के सरूंड गांव में स्थित चिलाय माता मंदिर स्थानीय श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर लगभग 650 फीट ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है, जहां तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 282 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। मुख्य प्रवेश के बाद सात द्वारों को पार कर भक्त माता के दर्शन करते हैं।


 
पांडवों से जुड़ी मान्यता
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान की थी। यहां विराजमान चिलाय माता को ग्रामीण क्षेत्रों में रोगों और संकटों से रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।
 

Trending Videos
Chaitra Navratri: Chilay Mata Resides on Sarund Hill; Believed to Protect Nearly 100 Villages
पहाड़ी पर स्थित चिलाय माता मंदिर - फोटो : अमर उजाला

इतिहास और मान्यताओं का उल्लेख
मंदिर के महंत नंदकिशोर शर्मा के अनुसार, मुगल काल में सम्राट अकबर ने इस प्रतिमा की शक्ति की परीक्षा लेने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। बाद में यहां एक गुंबद का निर्माण करवाया गया।
 
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Chaitra Navratri: Chilay Mata Resides on Sarund Hill; Believed to Protect Nearly 100 Villages
चैत्र नवरात्रि 2026 - फोटो : अमर उजाला

परिसर में अन्य देवस्थल और परंपराएं
मंदिर परिसर में एक पीपल का पेड़ स्थित है, जिस पर श्रद्धालु कलावा बांधकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इसके अलावा चौंसठ योगिनियां, भैरू बाबा और शनिदेव के मंदिर भी यहां स्थापित हैं, जिन्हें मुख्य मंदिर की रक्षा करने वाला माना जाता है। यहां माता को मदिरा का भोग लगाने की परंपरा भी प्रचलित है।

पढ़ें- चैत्र नवरात्रि 2026: वागड़ का पावागढ़ कहलाने वाला नंदनी माता धाम; आस्था, इतिहास और प्राकृतिक रहस्य का संगम
 

Chaitra Navratri: Chilay Mata Resides on Sarund Hill; Believed to Protect Nearly 100 Villages
मंदिर के पास लगीं दुकानें - फोटो : अमर उजाला

नवरात्र और मेलों का विशेष महत्व
नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अष्टमी और नवमी के दिन विशेष मेला आयोजित होता है, जिसमें दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि सरूंड माता करीब 100 गांवों की रक्षा करती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, माता की कृपा से गांव में बीमारियों का प्रभाव नहीं पड़ता। कोरोना काल के दौरान जनहानि नहीं होने को भी इसी आस्था से जोड़ा जाता है।
 

विज्ञापन
Chaitra Navratri: Chilay Mata Resides on Sarund Hill; Believed to Protect Nearly 100 Villages
चिलाय माता - फोटो : अमर उजाला

दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीढ़ियों पर फाइबर शेड और रेलिंग लगाई गई है। पहाड़ी तक सामग्री पहुंचाने के लिए रोप-वे ट्रॉली की व्यवस्था भी की गई है। सरूंड माता को कई समाजों द्वारा कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है। जयपुर, दिल्ली, सीकर, अलवर, नारनौल, पाटन और कोलकाता सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर में मुंडन, जात, जलवा और भंडारे जैसे धार्मिक आयोजन भी आयोजित किए जाते हैं।


अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed