सवाई माधोपुर जिले में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। जड़ावता गांव में पानी के तेज बहाव से खेतों की मिट्टी कटकर करीब 50 फीट गहरी और कई किलोमीटर लंबी खाई बन गई। तेज बारिश से कई मकान और एक मंदिर ढह गए, जबकि अमरूदों के बाग पूरी तरह बर्बाद हो गए।
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गांव में घुसा पानी
- फोटो : अमर उजाला
गांव में तबाही का मंजर
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी बारिश उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। एक ग्रामीण ने बताया कि तीन दिन पहले रात को बिना हवा और आंधी के अचानक तेज बारिश शुरू हुई। पानी इतना वेगवान था कि सड़क और खेत बह गए। इसी बहाव में दो दुकानें, दो मकान और एक मंदिर ध्वस्त हो गए। कटाव के कारण कई घरों में दरारें आ चुकी हैं और उनके गिरने का खतरा बना हुआ है।
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बाढ़ से हाहाकार
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प्रशासन अलर्ट, एनडीआरएफ की टीम तैनात
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन मंत्री मौके पर पहुंचे। राहत-बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम तैनात कर दी गई है। अधिकारी पानी का बहाव गांव से बाहर मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। बारिश से पांच-छह गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई मुख्य सड़कें और चौराहे कट जाने से यातायात पूरी तरह ठप है। ग्रामीणों ने बताया कि जड़ा और दुब्बी बनास का चौराहा बह गया है, जिससे लोगों को लंबा चक्कर लगाकर गुजरना पड़ रहा है।
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भारी नुकसान
- फोटो : अमर उजाला
भारी नुकसान, खेत उजड़े
ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 10 से 20 बीघा जमीन पानी में बह चुकी है। खेतों में लगे अमरूद के पेड़ जड़ों समेत उखड़ गए हैं। वहीं, गांव में बनी पानी की टंकी और बांध भी खतरे में बताए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर बारिश का दौर जारी रहा तो तबाही और बढ़ सकती है।
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हालात अभी भी गंभीर
- फोटो : अमर उजाला
हालात अब भी गंभीर
प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बारिश बंद नहीं होती, तब तक खतरा टला नहीं है। गांव में बनी विशाल खाई इस बात की गवाही देती है कि पानी का बहाव कितना तेज रहा होगा।