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जानिए इस घंटी की कहानी जिसकी तलाश कर रही सीबीआई

Thu, 08 Oct 2015 01:08 PM IST
Updated Thu, 08 Oct 2015 01:08 PM IST
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जानिए इस घंटी की कहानी जिसकी तलाश कर रही सीबीआई

heritage bell theft at IIAS shimla.

पांच साल खाक छानने के बाद खाली हाथ रही पुलिस के बाद अब सीबीआई इस ऐतिहासिक घंटी की तलाश करेगी। अंग्रेजी शानसनकाल का गवाह रही यह दुर्लभ बड़ी घंटी कई मायनों में अहम थी। आइए जानते हैं इसकी पूरी कहानी...

जानिए इस घंटी की कहानी जिसकी तलाश कर रही सीबीआई

heritage bell theft at IIAS shimla.

कहते हैं कि साल 1903 में नेपाल के राजा ने अपने भारत दौरे के दौरान यहां के तत्कालीन वायसराय लार्ड कर्जन को यह बहुमूल्य घंटी तोहफे के तौर पर दी थी। अष्टधातु से बनी यह घंटी करीब 30 किलो वजनी थी। इसमें राइस पुलिंग जैसे कई गुण विद्यमान थे।

जानिए इस घंटी की कहानी जिसकी तलाश कर रही सीबीआई

heritage bell theft at IIAS shimla.

लकड़ी के स्टैंड समेत इसका वजन करीब 70 किलो के आसपास था। वर्तमान समय में इसकी कीमत अरबों रुपए आंकी जाती है। वायसराय ने भी इस तोहफे को स्वीकार किया और इसे शिमला के इस सबसे खूबसूरत भवन में रख दिया।

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जानिए इस घंटी की कहानी जिसकी तलाश कर रही सीबीआई

heritage bell theft at IIAS shimla.

यह वहीं एडवांस स्टडी भवन है जहां भारत पाक समझौते के अलावा कई ऐतिहासिक बैठकें व फैसले लिए गए थे। यह घंटी भी इसी भवन के ठीक बाहर बालकनी में गेट पर रखी गई थी।

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heritage bell theft at IIAS shimla.

यहां आने वाले सैलानियों को भी संस्‍थान प्रशासन इस घंटी की कहानी बताता था। इसी दौरान शातिरों की भी इस पर नजर पड़ चुकी थी। मगर चोरी करना आसान नहीं था क्योंकि दिन रात पूरे परिसर में सुरक्षा का कड़ा पहरा रहता था।

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