हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात और शनिवार को कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। हमीरपुर में पुंग खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ने से उसमें चार वाहन और दो लोग फंस गए। प्रशासन की मदद से इन्हें रेस्क्यू किया गया। रोहड़ू में पब्बर नदी में नेपाली महिला बह गई। सूचना के बाद महिला की तलाश जारी है। भूस्खलन से शिमला-कालका नेशनल हाईवे पर शनिवार को घंटों आवाजाही बाधित रही।
हिमाचल: भारी बारिश का कहर, हमीरपुर में उफनती खड्ड में फंसे चार वाहन, पब्बर नदी में बही महिला
पुंग खड्ड में तीन टिप्पर और एक जेसीबी खड्ड(छोटी नदी) में फंस गई। इसके साथ ही एक टिप्पर चालक और दो अन्य मजदूर खड्ड में फंस गए। टिप्पर चालक जान बचाने के लिए टिप्पर के ऊपर चढ़ गया। दमकल विभाग की टीम ने चालक को बचा लिया है। इसके अलावा खनन सामग्री भरने वाले दो मजदूर भी खड्ड में फंसे रहे।
कालका-शिमला एनएच पांच पर परवाणू, तंबू मोड़, चक्की मोड़, जाबली व सनवारा में पहाड़ों से भूस्खलन हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने चंडीगढ़ से सोलन की ओर आ रहे लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। उन्होंने धर्मपुर से परवाणू तक पहाड़ी वाली लेन को अस्थायी तौर पर बंद करने के निर्देश जारी किए। जिला सोलन में बारिश से दो दिन में लोक निर्माण विभाग को 22.85 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
सिरमौर में बारिश के चलते आठ सड़कें बंद रहीं। ददाहू तहसील के खूड़ गांव में एक पक्के मकान को भी नुकसान पहुंचा है। कुल्लू जिलं में एक दर्जन सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं। सेब तुड़ान भी प्रभावित हुआ है।
शुक्रवार रात को सुजानपुर टीहरा में सबसे अधिक 107, हमीरपुर में 38, बलद्वाड़ा में 22, कंडाघाट में 20, गगल में 19, पच्छाद-नयनादेवी में 18, कसौली में 14, नगरोटा में 13, सोलन में 12, शिमला-मंडी-पांवटा साहिब में 11 और सुंदरनगर में 10 मिलीमीटर बारिश हुई। शनिवार को पालमपुर में सबसे अधिक 40.5, धर्मशाला में 14.0, बिलासपुर में 9.5, भुंतर में 9.0, नाहन में 7.0, सोलन-कांगड़ा-मंडी में 5.0 और शिमला में 4.0 मिलीमीटर बारिश हुई।
