सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Starting this academic session, colleges in the state with fewer than 75 students

Himachal: प्रदेश में इस सत्र से 75 से कम विद्यार्थियों वाले कॉलेज होंगे बंद, उच्च शिक्षा ढांचे में होगा बदलाव

संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 30 Apr 2026 05:00 AM IST
विज्ञापन
सार

प्रदेश में कम विद्यार्थी संख्या वाले कॉलेजों को लेकर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ऐसे संस्थानों की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।

Starting this academic session, colleges in the state with fewer than 75 students
शिक्षा सचिव राकेश कंवर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में कम विद्यार्थी संख्या वाले कॉलेजों को लेकर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ऐसे संस्थानों की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। इस सत्र दाखिलों की प्रक्रिया के बाद जिन कॉलेजों में 75 से कम विद्यार्थी होंगे, उन्हें बंद किया जाएगा। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्नातक कार्यक्रम अब विद्यार्थी संख्या के आधार पर संचालित होंगे। अधिक नामांकन वाले कॉलेजों में चार वर्षीय डिग्री कार्यक्रम, जबकि कम नामांकन वाले संस्थानों में तीन वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित होंगे।

Trending Videos

इस फैसले का असर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के छोटे कॉलेजों पर पड़ सकता है। हालांकि शिक्षा विभाग का तर्क है कि संसाधनों का बेहतर उपयोग और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम जरूरी है। कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि वे नामांकन, फैकल्टी उपलब्धता और बुनियादी ढांचे से संबंधित जानकारी तैयार रखें। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि जिन कॉलेजों में 75 से कम छात्र नामांकित हैं, वहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे कॉलेजों के विद्यार्थियों को बड़े संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश के 50 कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स होंगे शुरू
 प्रदेश में उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के दौरान बताया गया कि प्रदेश के करीब 50 कॉलेजों में बी.वोक कोर्स शुरू किए जाएंगे। पारंपरिक डिग्री के साथ कौशल आधारित कोर्स जोड़ने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में इसका सीधा लाभ मिलेगा। इन पाठ्यक्रमों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्किल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बी.वोक कोर्स के माध्यम से छात्रों को उद्योग से जुड़ी व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में स्नातक स्तर पर विदेशी भाषाओं को भी शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, प्रोजेक्ट वर्क और कम्युनिटी आउटरीच को पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाएगा। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि कॉलेजों को स्थानीय उद्योगों और संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए ह ताकि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव मिल सके। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed