परीक्षा में नकल पड़ी महंगी: कनीकी शिक्षा बोर्ड ने 215 छात्र छह माह, 18 एक साल के लिए किए प्रतिबंधित
हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला की ओर से आयोजित बहुतकनीकी सेमेस्टर परीक्षाओं में पिछले साढ़े तीन वर्षों में नकल के मामलों में 233 विद्यार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
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तकनीकी शिक्षा में बढ़ती नकल की प्रवृत्ति विद्यार्थियों के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला की ओर से आयोजित बहुतकनीकी सेमेस्टर परीक्षाओं में पिछले साढ़े तीन वर्षों में नकल के मामलों में 233 विद्यार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इनमें से 215 विद्यार्थियों को छह महीने तक परीक्षा से वंचित किया गया, जबकि 18 विद्यार्थियों पर एक वर्ष तक परीक्षा देने पर रोक लगाई गई। वहीं, दो विद्यार्थियों पर लगे आरोप सिद्ध नहीं होने के कारण उन्हें राहत दी गई। नकल रोकने के लिए बोर्ड की ओर से उड़नदस्तों के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाती है। इसके बावजूद नकल के मामले सामने आ रहे हैं। नकल के मामलों की जांच के लिए गठित कमेटी प्रत्येक मामले की गहन पड़ताल करती है।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित विद्यार्थियों पर परीक्षा देने से प्रतिबंध लगाया जाता है। विभिन्न सत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिसंबर 2023 में 74 मामले सामने आए, जिनमें 66 विद्यार्थियों को छह महीने और सात को एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया, जबकि एक को राहत मिली। जून 2024 में 29 मामलों में 27 विद्यार्थियों को छह महीने और दो को एक वर्ष के लिए रोका गया। दिसंबर 2024 में 40 मामलों में 32 को छह महीने और आठ को एक वर्ष तक परीक्षा से वंचित किया गया। जून 2025 में 50 मामलों में 48 विद्यार्थियों को छह महीने और एक को एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया, जबकि एक को राहत दी गई। दिसंबर 2025 में सामने आए 42 मामलों में सभी विद्यार्थियों को छह महीने के लिए परीक्षा से वंचित किया गया।
बहुतकनीकी सेमेस्टर परीक्षाओं में नकल को रोकने के लिए तकनीकी शिक्षा बोर्ड प्रयासरत है। आने वाले समय में परीक्षाओं में निगरानी और अधिक कड़ी की जाएगी। विद्यार्थियों से अपील है कि वह ईमानदारी और मेहनत के साथ परीक्षा दें।
-अशोक पाठक, सचिव, हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला
