आईटीआई दाड़ी (धर्मशाला) में इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण ले रहीं अनिता को करंट से डर नहीं लगता है। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में अकेली अनिता 42 लड़कों के बीच बिजली उपकरण बनाना और ठीक करना सीख रही हैं। बचपन से ही कुछ अलग करने के जज्बे ने ही अनिता को आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में पहुंचाया।
अनिता का सपना है कि वह बड़ी कंपनी में बतौर इलेक्ट्रीशियन करिअर बनाएं। उनके इंस्ट्रक्टर कुशल भी उन्हें किसी लड़के से कम नहीं आंकते हैं।
नगरोटा बगवां के मस्सल की रहने वाली अनिता के पिता प्रभात चौधरी कारपेंटर का काम करते हैं। माता रजनी देवी गृहिणि हैं। मस्सल स्कूल से जमा दो करने के बाद अनिता ने साल 2017 में आईटीआई दाड़ी में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रवेश पाया।
वर्तमान में चौथे सेमेस्टर में हैं। अनिता कहती हैं कि उन्हें बचपन से ही कुछ अलग करने की इच्छा थी। इसके लिए माता-पिता और भाई-बहनों ने भी सहयोग किया। आईटीआई में वह इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रवेश के लिए आईं तो अध्यापकों ने उन्हें खासा प्रोत्साहित किया।
हालांकि, शुरुआती दिनों में आईटीआई के कुछ लड़के उन्हें यह कहते थे कि तू लड़की है। तुझसे इलेक्ट्रीशियन ट्रेड नहीं चल पाएगा, लेकिन बाद में जब उन्होंने पढ़ाई शुरू की तो सभी चुप हो गए।
आईटीआई दाड़ी के प्रधानाचार्य मनीष राणा ने बताया कि अनिता देवी आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड की सबसे अच्छी इलेक्ट्रिशियन हैं। आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन से संबंधित अधिकतर काम अनिता से ही करवाए जाते हैं, जिससे उसे सीखने का मौका मिल सके।