नवरात्रि में अगर आप इन मंत्रों का जाप करेंगे तो बड़ी परेशानियां दूर हो जाएंगी। लेकिन अगर मंत्र जाप में कोई गलती की जाए या पवित्रता का ध्यान न रखा जाए तो बुरा असर भी देखने को मिल सकता है।
{"_id":"5ab0aa214f1c1b690e8b577a","slug":"chaitra-navratri-2018-chanting-these-mantra-to-solve-problem","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"चैत्र नवरात्रि 2018: इस छोटे से मंत्र का करेंगे जाप तो बड़ी से बड़ी परेशानी होगी दूर","category":{"title":"Spirituality","title_hn":"आस्था","slug":"spirituality"}}
चैत्र नवरात्रि 2018: इस छोटे से मंत्र का करेंगे जाप तो बड़ी से बड़ी परेशानी होगी दूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 24 Mar 2018 09:11 AM IST
विज्ञापन
navratri
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
navratri
ज्योतिषाचार्य सतीश शर्मा ने बताया कि नवरात्रि में इन मंत्रों का जाप पूरी श्रद्धा और साफ-सफाई से किया जाए तो मां के आशीर्वाद के साथ ही कई मुश्किलों को हल किया जा सकता है। दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का सही उच्चारण के साथ जाप करना चाहिए। यदि आप मंत्रों का उच्चारण ठीक से नहीं कर सकते तो किसी योग्य ब्राह्मण से इन मंत्रों का जाप करवाएं, अन्यथा इसके दुष्परिणाम भी हो सकते हैं।
navratri
- फोटो : navratri
नवरात्रि में रोज सुबह जल्दी उठकर साफ वस्त्र पहनकर सबसे पहले माता दुर्गा की पूजा करें। इसके बाद घर के मंदिर में या किसी अन्य देवी मंदिर में आसन पर बैठकर मंत्रों का जाप करें। मंत्र जाप के लिए लाल चंदन के मोतियों की माला का उपयोग करना चाहिए। मंत्र जाप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
navratri
- फोटो : navratri
सभी परेशानियों को दूर करने के लिए इस मंत्र का जाप करें...
सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि।
एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वरिविनासनम्।।
सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि।
एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वरिविनासनम्।।
विज्ञापन
navratri
परिवार की सुख-समृद्धि के लिए इस मंत्र का जाप करें...
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या
निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या।
तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां
भकत्या नता: स्म विदधातु शुभानि सा न: ।।
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या
निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या।
तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां
भकत्या नता: स्म विदधातु शुभानि सा न: ।।