Saphala Ekadashi 2024: कब है सफला एकादशी? इस दिन भूलकर भी न करें ये तीन काम
सनातन धर्म में सफला एकादशी एक महत्वपूर्ण व्रत है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यह व्रत पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि इस दिन किन कार्यों को करने से बचना चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कब है सफला एकादशी?
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार पौष माह कि एकादशी तिथि 25 दिसंबर को रात 10 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगी और 27 दिसंबर रात 12 बजकर 43 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, सफला एकादशी का व्रत 26 दिसंबर को ही रखा जाएगा। अब आइए जानते हैं इस दिन कौन से तीन काम नहीं करना चाहिए।
मांस-मदिरा का सेवन न करें
एकादशी के पावन दिन मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों का सेवन वर्जित माना जाता है। इनका सेवन करने से भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं। इसलिए इस दिन सात्विक भोजन करना ही श्रेष्ठ होता है।
एकादशी के पावन दिन लहसुन और प्याज का सेवन भी वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि लहसुन और प्याज का सेवन करने से मन को अशांत रहता है। इनका सेवन करने से व्यक्ति के मन में क्रोध, लोभ और अहंकार जैसे विकार बढ़ सकते हैं। इसलिए एकादशी के दिन शांत मन से भगवान की आराधना करने के लिए इनसे परहेज करना चाहिए।
काले रंग के कपड़े न पहनें
एकादशी का दिन पवित्र और शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन काले रंग के कपड़े पहनना अशुभ माना जाता। इस दिन किसी भी इंसान को हल्के रंग का कपड़ा पहनना चाहिए, जैसे कि सफेद या पीला।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।