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Hariyali Amavasya: कब है सावन अमावस्या? दान, स्नान और पितृकर्म का है महादिन

Thu, 06 Aug 2026 01:14 PM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Thu, 06 Aug 2026 01:14 PM IST
सार

Hariyali Amavasya: हरियाली अमावस्या इस साल 12 अगस्त 2026 को उदया तिथि के अनुसार मनाई जाएगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र, गौरी योग और गजकेसरी योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं। पवित्र नदी में स्नान, पितृ तर्पण, दान-पुण्य और भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना गया है।
 

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Hariyali Amavasya 2026 Date Shubh Muhurat Significance and Auspicious Yogas
सावन की सबसे शुभ अमावस्या - फोटो : AI

सावन का महीना आते ही धार्मिक वातावरण और भी भक्तिमय हो जाता है। इसी पवित्र मास में आने वाली हरियाली अमावस्या को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया गया है। यह तिथि सावन शिवरात्रि के अगले दिन पड़ती है और पितरों के तर्पण, नवग्रह शांति, दान-पुण्य तथा भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता लाते हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि हरियाली अमावस्या आखिर कब है?

Hariyali Amavasya 2026 Date Shubh Muhurat Significance and Auspicious Yogas
सावन की सबसे शुभ अमावस्या - फोटो : Amar Ujala

हरियाली अमावस्या कब है?
पंचांग के अनुसार सावन मास की अमावस्या तिथि की शुरुआत 11 अगस्त 2026, मंगलवार को रात 1 बजकर 54 मिनट पर होगी। यह तिथि 12 अगस्त 2026, बुधवार को रात 11 बजकर 7 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या का व्रत, पितृकर्म और पूजा-पाठ करना शास्त्र सम्मत माना गया है। इस दिन सुबह स्नान के बाद दोपहर में पितरों का तर्पण और पूजा करने की परंपरा है।

Hariyali Amavasya 2026 Date Shubh Muhurat Significance and Auspicious Yogas
सावन की सबसे शुभ अमावस्या - फोटो : अमर उजाला

इस बार बन रहे हैं कई शुभ संयोग
ज्योतिष मान्यता है कि इस साल हरियाली अमावस्या पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। अमावस्या से एक दिन पहले चतुर्दशी तिथि का संयोग रहेगा। अमावस्या के दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा और चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में स्थित होंगे। इससे गौरी योग बनेगा। साथ ही चंद्रमा की विशेष स्थिति के कारण गजकेसरी योग का भी निर्माण होगा। इन योगों को व्रत, दान और पितृ कर्म के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

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Hariyali Amavasya 2026 Date Shubh Muhurat Significance and Auspicious Yogas
सावन की सबसे शुभ अमावस्या - फोटो : adobe
हरियाली अमावस्या के शुभ मुहूर्त
  • सूर्योदय: सुबह 5:48 बजे
  • लाभ चौघड़िया: सुबह 5:48 से 7:27 बजे तक
  • अमृत चौघड़िया: सुबह 7:27 से 9:07 बजे तक
  • शुभ चौघड़िया: सुबह 10:46 से दोपहर 12:26 बजे तक
  • लाभ चौघड़िया: शाम 5:24 से 7:03 बजे तक
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Hariyali Amavasya 2026 Date Shubh Muhurat Significance and Auspicious Yogas
सावन की सबसे शुभ अमावस्या - फोटो : freepik

क्या है हरियाली अमावस्या का महत्व?
सावन की अमावस्या को हरियाली अमावस्या इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस समय प्रकृति हरियाली से भर जाती है। वर्षा ऋतु में पेड़-पौधे ताजगी और सुंदरता से खिल उठते हैं और वातावरण भी अत्यंत मनमोहक हो जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने, पितरों का तर्पण करने, दान देने और भगवान शिव की पूजा करने से पुण्य फल प्राप्त होता है। साथ ही पापों का नाश होता है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

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