Sawan 2026: सावन में घर लाएं तुलसी, लेकिन भूलकर भी न करें ये गलती, वरना बिगड़ सकते हैं बनते काम
Vastu Niyam: सावन में तुलसी का पौधा लगाना बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसके लिए कुछ खास नियम बताए गए हैं। सही दिशा, उचित गमला और पूजा से जुड़े इन नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सावन में है घर में नए पौधे लगाने की परंपरा
सावन का नाम आते ही मन में हरियाली, बारिश की ठंडी फुहारें और प्रकृति की ताजगी का एहसास होने लगता है। इस मौसम में वातावरण पूरी तरह बदल जाता है और पेड़-पौधे नई ऊर्जा से भर उठते हैं। यही कारण है कि इस पावन महीने में घर में नए पौधे लगाने की परंपरा भी विशेष महत्व रखती है। इनमें भी तुलसी का पौधा सबसे शुभ माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार सावन में तुलसी रोपने से घर की नेगेटिव एनर्जी दूर होती है और परिवार में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है।
इन वास्तु नियमों का रखें ध्यान
हालांकि तुलसी का पौधा लगाते समय कुछ वास्तु नियमों का पालन करना जरूरी बताया गया है। सबसे पहले इसकी दिशा का ध्यान रखें। तुलसी को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। इन दोनों दिशाओं में तुलसी का पौधा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और शुभ फल प्रदान करता है।
आजकल घरों की सजावट के लिए हैंगिंग पॉट का ट्रेंड बढ़ गया है, लेकिन तुलसी के पौधे को कभी भी लटका कर नहीं रखना चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और बनते हुए कार्यों में भी बाधाएं आ सकती हैं।
चौकोर आकार का गमला है सबसे अच्छा
गमले का चुनाव भी उतना ही महत्वपूर्ण माना गया है। तुलसी के लिए हमेशा चौकोर आकार का गमला उपयोग करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि चौकोर गमले में लगाया गया तुलसी का पौधा अधिक शुभ फल देता है। वहीं सावन में लगातार बारिश और नमी के कारण गमले में पानी जमा होने की संभावना रहती है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद अवश्य हो ताकि जड़ें सड़ने से बची रहें।