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Krishna Janmashtami: क्यों किया जाता है दही-हांडी उत्सव का आयोजन, जानिए क्या है इसका महत्व

धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Thu, 18 Aug 2022 11:46 AM IST
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Krishna Janmashtami 2022 Dahi Handi Festival Date History Importance and Reason in Hindi
दही हांडी भगवान कृष्ण के बचपन के चंचल पक्ष 'बाल गोपाल' के रूप में सामने लाती है। - फोटो : अमर उजाला

Krishna Janmashtami 2022: श्री कृष्ण का जन्मोत्सव इस वर्ष 19 अगस्त को मनाया जाएगा।  कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जो हिंदुओं द्वारा पूजे जाने वाले सबसे लोकप्रिय देवताओं में से एक है। उनका जन्म 3228 ईसा पूर्व माना जाता है। उनका जन्मदिन रक्षा बंधन के आठ दिन बाद मनाया जाता है। यह श्रावण के हिंदू महीने में पड़ता है। भारत में जन्माष्टमी त्योहार जो भगवान कृष्ण के जन्म की याद दिलाता है, इसके उत्सव के कई दिलचस्प पहलू हैं। पारंपरिक रासलीला के अलावा, दही हांडी भगवान कृष्ण के बचपन के चंचल पक्ष 'बाल गोपाल' के रूप में सामने लाती है। जन्माष्टमी के दूसरे दिन दही हांडी का आयोजन होता है। इसे 'गोपाल कला' या 'दहिकला' भी कहा जाता है। यह भगवान कृष्ण के बचपन के  माखन चोरी के उस प्रसंग को दर्शाता है जब वे मक्खन और दही चुरा लेते थे। आइए जानते हैं आखिर दही हांडी उत्सव क्यों आयोजित किया जाता है और इसका महत्व क्या है। 

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Krishna Janmashtami 2022 Dahi Handi Festival Date History Importance and Reason in Hindi
दही हांडी भगवान कृष्ण के बचपन के चंचल पक्ष 'बाल गोपाल' के रूप में सामने लाती है।

दही हांडी की परंपरा
दही हांडी उत्सव कृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन मनाई जाती है। यह त्यौहार मुख्य रूप से गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों में मनाया जाता है । इसमें मिट्टी के बर्तन को दही या मक्खन से भरकर ऊंचाई पर लटका दिया जाता है। पुरुषों और महिलाओं का एक समूह, मिट्टी के मटकों को तोड़ने के लिए एक मानव पिरामिड बनाता है। यह मुख्य रूप से एक प्रतिस्पर्धी आयोजन  है। और जब यह किया जाता है, लोग समूह को घेर लेते हैं और प्रतियोगियों को खुश करने के लिए संगीत बजाते हैं। इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले गोविंदा कहलाते हैं। ऐसा माना जाता है दही हांडी उत्सव में जो पिरामिड बनाकर मटकी तोड़ता है, उस पर भगवान श्री कृष्ण द्वारा उसे विशेष कृपा प्राप्त होती है।  
 

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Krishna Janmashtami 2022 Dahi Handi Festival Date History Importance and Reason in Hindi
दही हांडी भगवान कृष्ण के बचपन के चंचल पक्ष 'बाल गोपाल' के रूप में सामने लाती है। - फोटो : पीटीआई

क्यों मनाते हैं दही हांडी 
दही हांडी उत्सव कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा हुआ माना जाता है। श्री कृष्ण को बाल काल में माखन इतना प्रिय था कि उन्होंने माखन चोरी के लिए एक टोली का निर्माण किया था। और मिलकर पूरे गोकुल में माखन चुराते थे। कान्हा की शरारतों से परेशान होकर जब गोकुल की गोपियों ने ऊंचे स्थान माखन के मटके रखने शुरू किए तब वह टोली के कंधों पर चढ़कर मटकी तक पहुंचते थे और माखन खाते थे। ऐसी मान्यता है कि दही-हांडी की शुरुआत यहीं से हुई। 

Krishna Janmashtami 2022 Dahi Handi Festival Date History Importance and Reason in Hindi
दही हांडी भगवान कृष्ण के बचपन के चंचल पक्ष 'बाल गोपाल' के रूप में सामने लाती है। - फोटो : अमर उजाला

दही हांडी का महत्व
दही हांडी कृष्ण जन्माष्टमी का एक विशेष उत्सव माना जाता है। यह उस समय के प्रतीकात्मक स्वरूप को दर्शाता है जब भगवान कृष्ण अपने बाल रूप में अपनी लीलाओं से सबका मन मोह रहे थे। माखन चोरी के प्रसंग आज के दही हांडी उत्सव को जोड़ते हैं। मान्यता है कि कान्हा ने जिस के घर में भी माखन चोरी के लिए मटकी फोड़ी उसका जीवन  खुशियों और सुख से भर गया। इसी मान्यता के कारण दही हांडी उत्सव मनाया जाता है।  

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