Makar Sankranti Shubh Muhurat: मकर संक्रांति 2026 14 जनवरी को मनाई जाएगी, जब सूर्य देव दोपहर 3:13 बजे धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे और उत्तरायण शुरू होगा। इसी समय से पुण्य काल माना जाएगा, जिसमें स्नान, दान और सूर्य पूजा करने से विशेष फल मिलता है। इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है और तिल-गुड़ व खिचड़ी का धार्मिक महत्व रहता है।
Makar Sankranti 2026: मकर संक्राति का पावन पर्व आज, जानें क्या है स्नान-दान और पूजा विधि का सही समय
Makar Sankranti Puja Samay
- मकर संक्रांति 2026 की सही तिथि और शुभ समय
- सूर्य देव की पूजा का आसान तरीका
- स्नान और दान का धार्मिक महत्व
- तिल-गुड़ और खिचड़ी से जुड़ी परंपराएं
- उत्तरायण का आध्यात्मिक महत्व
मकर संक्रांति 2026 कब है?
तिथि: 14 जनवरी 2026
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश: दोपहर 3:13 बजे
मकर संक्रांति पर स्नान क्यों किया जाता है?
• स्नान शरीर और मन की शुद्धि के लिए किया जाता है।
• यह पुराने दोष और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक माना जाता है।
• नदी में स्नान करना सबसे अधिक पुण्य देने वाला माना गया है।
• घर पर स्नान करते समय पानी में गंगाजल मिलाना भी धार्मिक रूप से मान्य होता है।
• स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
क्या 15 जनवरी को भी स्नान-दान हो सकता है?
• यदि 14 जनवरी को स्नान-दान न कर पाएं, तो 15 जनवरी को भी यह किया जा सकता है।
• 15 जनवरी की सुबह किया गया दान भी शास्त्रों में मान्य माना गया है।
• सूर्योदय के बाद स्नान और दान करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
• धार्मिक ग्रंथों में अगले दिन किए गए पुण्य कर्म को भी स्वीकार किया गया है।
• स्नान और दान मुख्य रूप से 14 जनवरी को करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
• यदि उस दिन संभव न हो, तो 15 जनवरी की सुबह भी इसे किया जा सकता है।
• तिल, गुड़ और अनाज का दान इस अवसर पर सबसे शुभ माना जाता है।
• इन सभी कर्मों में भाव और श्रद्धा का होना सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है।