Lohri Shubh Muhurat And Puja Vidhi: लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी 2026 को पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इसे फसल का त्योहार भी कहते हैं, जो किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है। दरअसल, लोहड़ी के शुभ अवसर पर किसान वर्ग के लोग उनके द्वारा उगाई गई फसलों का कुछ हिस्सा अग्नि देवता को अर्पित करते हैं। इस दौरान सभी सुख-समृद्धि की कामना करते हुए अग्नि की परिक्रमा भी करते हैं। शास्त्रों के मुताबिक, लोहड़ी का पर्व सर्दियों की विदाई और वसंत ऋतु के स्वागत का प्रतीक होता है। इस दिन लोग आग जलाकर उसके चारों ओर परिक्रमा करते हैं और तिल, गुड़ और रेवड़ी-गज्जक अर्पित करते हैं। इसके प्रभाव से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में खुशहाली आती है। ऐसे में इस दिन के महत्व और पूजन विधि को जानते हैं।
Lohri 2026: शुभ योग में लोहड़ी आज, जानें क्या रहेगा अग्नि प्रज्वलित मुहूर्त और कैसे करें पूजा
Lohri Shubh Muhurat And Puja Vidhi: लोहड़ी पर अग्नि प्रज्वलित करने का विशेष महत्व होता है। इसके प्रभाव से सुख-समृद्धि का वास और नकारात्मकता दूर होती हैं। ऐसे में आइए लोहड़ी के महत्व और शुभ मुहूर्त को जानते हैं।
लोहड़ी पूजा मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, लोहड़ी की पूजा हमेशा शाम में की जाती है। इसलिए इस साल पूजा के लिए शुभ समय 13 जनवरी को शाम 5 बजकर 43 मिनट से प्रारंभ हो रहा है, जो 7.15 तक बना रहेगा। इस अवधि में आप लोहड़ी पूजन कर सकते हैं।
लोहड़ी शुभ संयोग
ज्योतिषियों के मुताबिक, लोहड़ी के दिन विशाखा नक्षत्र और शूल योग बन रहा है। इसके अलावा विलासिता के कारक शुक्रदेव भी 13 जनवरी 2026 को सुबह 3 बजकर 40 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं।
- लोहड़ी के दिन घर की साफ-सफाई का खास ख्याल रखें और शाम को घर के बाहर सभी लकड़ियों को मिलाकर एक ढेर सा बना लें।
- इसके बाद पूजा मुहूर्त के समय सभी के साथ एकजुट होकर दुल्ला भट्टी की कहानी का पाठ करें
- अब लोहड़ी पूजन के लिए लकड़ियों के ढेरे में आग लगाएं और इसमें मूंगफली, मक्का और तिल-गुड़ व रेवड़ी अर्पित करें।
- इस दौरान सुख-समृद्धि की कामना करते हुए लोहड़ी की अग्नि की 7 बार परिक्रमा करें।
- इसके बाद आप लोकगीत, भांगड़ा व गिद्दा करते हुए पर्व के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकते हैं।
- अंत में आप सभी को रेवड़ी और मूंगफली का प्रसाद बांटकर अपने बड़ों का आशीर्वाद लें।
- इस समय आप अपनी क्षमतानुसार अन्न दान भी कर सकते हैं, यह शुभ होता है।
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- गुड़ अर्पित करने से रिश्तों में मिठास आती है।
- रेवड़ी से मान-सम्मान और मेल-जोल बढ़ता है।
- काले तिल से सभी तरह के दुखों का अंत होता है।
- मूंगफली अर्पित करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
- मकई को नई फसल का प्रतीक माना जाता है, जो बेहद शुभ होता है।
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