Do's and Don'ts on Sankranti 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने का संदेश देता है। इस दिन भगवान सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण हो जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कर्मों का फल अक्षय होता है। शास्त्रों में मकर संक्रांति के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। इसके अलावा कुछ कार्य ऐसे भी हैं, जो मकर संक्रांति के दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन किन कार्यों को करना शुभ माना जाता है और किन बातों से दूरी बनानी चाहिए।
Makar Sankranti: मकर संक्रांति के दिन क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए, जानें जरूरी नियम
Do's and Don'ts on Makar Sankranti 2026: शास्त्रों में मकर संक्रांति के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस दिन किन कार्यों को करना शुभ माना जाता है और किन बातों से दूरी बनानी चाहिए।
मकर संक्रांति पर क्या करें?
पवित्र स्नान करें
मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी में स्नान करना उत्तम माना गया है। यदि संभव न हो, तो घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इससे शरीर और मन दोनों की शुद्धि होती है।
सूर्य देव की आराधना करें
स्नान के बाद तांबे के पात्र में जल, लाल पुष्प, अक्षत और काले तिल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इस दौरान “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करने से स्वास्थ्य और आत्मबल में वृद्धि होती है।
तिल का विशेष प्रयोग करें
मकर संक्रांति पर तिल का सेवन, तिल से बने व्यंजन और तिल मिले जल से स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से शनि दोष शांत होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
खिचड़ी का दान और सेवन करें
उड़द की दाल और चावल से बनी खिचड़ी भगवान को अर्पित करें और जरूरतमंदों को दान दें। इसके बाद स्वयं भी खिचड़ी का सेवन करना पुण्यकारी माना जाता है।
गौ सेवा करें
इस दिन गाय को हरा चारा, गुड़ या तिल खिलाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
मकर संक्रांति पर क्या न करें?
देर तक सोने से बचें
मकर संक्रांति सूर्य उपासना का पर्व है। ऐसे में सूर्योदय के बाद तक सोते रहना शुभ नहीं माना जाता।
तामसिक भोजन का सेवन न करें
इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसी तामसिक वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। सात्विक और शुद्ध शाकाहारी भोजन ही ग्रहण करें।
मकर संक्रांति सौहार्द और मधुरता का पर्व है। इस दिन किसी से झगड़ा, अपशब्द या अपमान करने से बचना चाहिए।
प्रकृति को क्षति न पहुंचाएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संक्रांति के दिन पेड़ों की कटाई या प्रकृति को नुकसान पहुंचाना वर्जित माना गया है।