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Sawan 2026 : 3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार, पूजा के लिए मिलेंगे 4 खास शुभ मुहूर्त

Thu, 30 Jul 2026 10:55 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा कुमारी Updated Thu, 30 Jul 2026 10:55 AM IST
सार

Sawan 2026: सावन के सोमवार का व्रत और विधिपूर्वक पूजा करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इससे जीवन की बाधाएं दूर होने से लेकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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sawan first somwar 2026 puja muhurat and jalabhishek vidhi in hindi
Sawan 2026 - फोटो : अमर उजाला

Sawan 2026: शुभ योग के साथ सावन महीने की शुरुआत हो चुकी है, जो महाकाल और उनके भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है। इस महीने की रौनक अगस्त तक बनी रहेगी और इस दौरान भक्तों को सावन सोमवार और शिवरात्रि जैसे पावन अवसर भी प्राप्त होंगे। धार्मिक मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख, शांति तथा स्थिरता बनी रहती है। इसके साथ ही वैवाहिक जीवन में भी मधुरता आती है। महिलाओं के लिए सावन सोमवार का व्रत विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान शिव के साथ माता पार्वती भी प्रसन्न होती हैं और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि सावन का पहला सोमवार कब है, इस दिन के शुभ मुहूर्त क्या हैं और पूजा की सही विधि क्या है।

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Sawan 2026 - फोटो : freepik

सावन का पहला सोमवार कब है?
पंचांग के अनुसार, सावन माह का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा। इस दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग का शुभ संयोग रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में सुकर्मा योग को अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि, इस योग में किए गए शुभ कार्य बिना किसी बाधा के पूरे होते हैं। इसलिए यह दिन भगवान शिव की पूजा, रुद्राभिषेक और व्रत के लिए विशेष फलदायी रहेगा।

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Sawan 2026 - फोटो : adobe

सावन सोमवार के 4 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:19 बजे से 05:01 बजे तक रहेगा। 
  • अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक रहेगा। 
  • प्रदोष काल शाम 06:26 बजे से 07:56 बजे तक रहेगा। यह भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है।
  • निशिता काल रात्रि 11:33 बजे से 12:21 बजे तक रहेगा। इस अवधि में भगवान शिव का ध्यान विशेष फलदायी माना जाता है।
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Sawan 2026 - फोटो : अमर उजाला
सावन सोमवार की पूजा विधि
  • सावन सोमवार की पूजा के लिए सबसे पहले सफेद या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।
  • अब सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल अर्पित करें।
  • इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से पंचामृत तैयार कर अभिषेक करें।
  • अब एक बार फिर साफ जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
  • शिवलिंग पर 11 या 21 बेलपत्र चढ़ाएं।
  • देवी पार्वती को सुहाग से जुड़ी सामग्रियां चढ़ाएं।
  • गणेश जी को दुर्वा चढ़ाएं और पूरे शिव परिवार की आराधना कर लें।
  • इसके बाद कुछ फूल और मिठाई रखें और महादेव के मंत्र का 108 बार जप करें।
  • घी का दीपक और धूप जलाकर भगवान शिव की आरती करें।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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