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Maha Kumbh Mela 2025: महाकुंभ का अगला अमृत स्नान आज, जानें महत्व
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Mon, 03 Feb 2025 06:38 AM IST
सार
महाकुंभ में वसंत पंचमी के दिन विशेष अमृत स्नान का आयोजन होगा, यह स्नान 3 फरवरी को ब्रह्म मुहूर्त में किया जाएगा। इस दिन पवित्र स्नान का शुभ समय सुबह 05:23 बजे से 06:16 बजे तक रहेगा।
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वसंत पंचमी पर महाकुंभ का अगला अमृत स्नान
- फोटो : Amar Ujala
Mahakumbh 2025 3rd Amrit Snan: प्रयागराज में महाकुंभ उत्सव जारी है, जिसमें लगातार देशभर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। श्रद्धालु और संतजन त्रिवेणी संगम में पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। महाकुंभ में पहला अमृत स्नान मकर संक्रांति पर संपन्न हुआ था, जबकि दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के अवसर पर हुआ। वहीं अब अगला अमृत स्नान वसंत पंचमी के दिन होगा। आइए जानते हैं कि वसंत पंचमी किस दिन है और इस दिन अमृत स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
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वसंत पंचमी पर अमृत स्नान का शुभ मुहूर्त
- फोटो : अमर उजाला।
वसंत पंचमी पर अमृत स्नान का शुभ मुहूर्त
महाकुंभ में वसंत पंचमी के दिन विशेष अमृत स्नान का आयोजन होगा, यह स्नान 3 फरवरी को ब्रह्म मुहूर्त में किया जाएगा। इस दिन पवित्र स्नान का शुभ समय सुबह 05:23 बजे से 06:16 बजे तक रहेगा। ऐसी मान्यता है कि इस शुभ समय में संगम में स्नान करने से पुण्य लाभ प्राप्त होता है और समस्त पापों का नाश हो जाता है।
महाकुंभ में वसंत पंचमी के दिन विशेष अमृत स्नान का आयोजन होगा, यह स्नान 3 फरवरी को ब्रह्म मुहूर्त में किया जाएगा। इस दिन पवित्र स्नान का शुभ समय सुबह 05:23 बजे से 06:16 बजे तक रहेगा। ऐसी मान्यता है कि इस शुभ समय में संगम में स्नान करने से पुण्य लाभ प्राप्त होता है और समस्त पापों का नाश हो जाता है।
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वसंत पंचमी पर अमृत स्नान का महत्व
- फोटो : अमर उजाला।
वसंत पंचमी पर अमृत स्नान का महत्व
वसंत पंचमी का दिन ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। इस दिन अमृत स्नान करने से मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता का संचार होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इस दिन को उनके जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करने से विद्या, संगीत और कला के क्षेत्र में अद्भुत सफलता प्राप्त होती है।
वसंत पंचमी का दिन ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। इस दिन अमृत स्नान करने से मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता का संचार होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इस दिन को उनके जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करने से विद्या, संगीत और कला के क्षेत्र में अद्भुत सफलता प्राप्त होती है।
वसंत पंचमी
- फोटो : Amar Ujala
वसंत पंचमी के दिन विशेष रूप से छात्र और कलाकार मां सरस्वती की आराधना करते हैं ताकि वे ज्ञान और कला में उन्नति कर सकें। वसंत पंचमी का यह पावन पर्व आध्यात्मिक रूप से समृद्धि प्रदान करने वाला है, और महाकुंभ के अमृत स्नान के साथ इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
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महाकुंभ 2025 शाही स्नान तिथियां
- फोटो : अमर उजाला।
महाकुंभ 2025 शाही स्नान तिथियां
13 जनवरी (सोमवार)- स्नान, पौष पूर्णिमा
14 जनवरी (मंगलवार)- अमृत स्नान, मकर सक्रांति
29 जनवरी (बुधवार)- अमृत स्नान, मौनी अमावस्या
3 फरवरी (सोमवार)- अमृत स्नान, वसंत पंचमी
12 फरवरी (बुधवार)- स्नान, माघी पूर्णिमा
26 फरवरी (बुधवार)- स्नान, महाशिवरात्रि
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
13 जनवरी (सोमवार)- स्नान, पौष पूर्णिमा
14 जनवरी (मंगलवार)- अमृत स्नान, मकर सक्रांति
29 जनवरी (बुधवार)- अमृत स्नान, मौनी अमावस्या
3 फरवरी (सोमवार)- अमृत स्नान, वसंत पंचमी
12 फरवरी (बुधवार)- स्नान, माघी पूर्णिमा
26 फरवरी (बुधवार)- स्नान, महाशिवरात्रि
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