Ganga Dussehra 2022 Importance: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का पावन पर्व मनाया जाता है। हिंदू धर्म में गंगा को मां का दर्जा दिया गया है और गंगाजल को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना गया है। किसी भी शुभ कार्य और पूजा अनुष्ठान में गंगाजल का प्रयोग अवश्य किया जाता है। गंगाजल के बिना कोई भी मांगलिक कार्य पूरा नहीं होता है। साथ ही सभी पापों से मुक्ति पाने के लिए गंगा दशहरा के दिन गंगा के पवित्र जल में स्नान करना चाहिए। गंगा भवतारिणी हैं, इसलिए हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का विशेष महत्व माना जाता है। पौराणिक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां गंगा का अवतरण पृथ्वी पर हुआ था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगीरथ अपने पूर्वजों की आत्मा का उद्धार करने के लिए गंगा को पृथ्वी पर ले आए थे। इसी वजह से गंगा को भागीरथी भी कहा जाता है। ज्येष्ठ मास 17 मई, 2022 से प्रारंभ हो चुका है। इस माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। इस साल गंगा दशहरा 9 जून को मनाया जाएगा। अपने जीवन में आ रही समस्याओं से यदि आप निजात पाना चाहते हैं तो गंगा दशहरा के दिन कुछ उपायों को करने से आपको लाभ की प्राप्ति होगी। आइए जानते हैं क्या हैं उपाय।
Ganga Dussehra 2022: घर में सुख समृद्धि लाने के लिए इस दिन करें ये बेहद उपयोगी उपाय
गंगा दशहरा तिथि और शुभ मुहूर्त
गंगा दशहरा जून 9, 2022 दिन बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा।
दशमी तिथि प्रारम्भ: जून 09, 2022 प्रातः 08:21
दशमी तिथि समाप्त: जून 10, 2022 प्रातः 07:25
हस्त नक्षत्र प्रारम्भ: जून 09, 2022 प्रातः 04:31
हस्त नक्षत्र समाप्त: जून 10, 2022 प्रातः 04:26
व्यतीपात योग प्रारम्भ: जून 09, 2022 प्रातः 03:27
व्यतीपात योग समाप्त: जून 10, 2022 प्रातः 01:50
गंगा दशहरा पर जरूर करें इन चीजों का दान
- गंगा दशहरा पानी से भरा घड़ा दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
- छाता, जूता, चप्पल, टोपी आदि का दान करना भी पुण्यकारी होता है।
- मौसमी और पानीदार फल के साथ ही सत्तू और गुड़ का दान इस दिन जरूर करना चाहिए।
- सूती वस्त्र, गमच्छा और धोती आदि का दान करना भी शुभ माना गया है।
- इसके साथ कुछ दक्षिणा भी जरूर देना चाहिए।
- संभव हो तो प्याऊ की व्यवस्था जरूर करनी चाहिए।
- बेघर लोगों के लिए छांव की व्यस्था करना विशेष पुण्य देने वाला माना गया है।
कार्य में संतुष्टि के लिए करें ये उपाय
गंगा दशहरा के दिन मिट्टी से बना एक मटका लें और उसमें गले तक पानी भरें। अब इस पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे डालकर मटके को ढक दें और उस पर कुछ दक्षिणा रख दें। अब इस मटके को किसी शिव मन्दिर में दान करें। ऐसा करने से आपकी सारी उलझनें दूर हो जाएंगी। इसके साथ ही आपको काम में भी संतुष्टि मिलने लगेगी।