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Shani Pradosh Vrat June 2026: कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shweta Singh Updated Tue, 16 Jun 2026 09:40 AM IST
सार

Shani Pradosh Vrat: शनि प्रदोष व्रत पर विधि-विधान से शिव पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। जानें सही तिथि और संपूर्ण पूजा-विधि।

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Shani Pradosh Vrat 2026 Date Puja Muhurat and vidhi to Please Lord Shiva
shani pradosh vrat - फोटो : amar ujala

Shani Pradosh Vrat June 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में महादेव की विधिपूर्वक पूजा करने से भक्तों के जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और सुख, समृद्धि तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। विशेष रूप से जब प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ता है, तब उसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह दिन इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इस अवसर पर भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव की भी कृपा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि प्रदोष व्रत रखने और श्रद्धापूर्वक पूजा करने से शनि दोषों के प्रभाव में कमी आती है तथा जीवन की अनेक समस्याओं से राहत मिल सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं जून 2026 में शनि प्रदोष व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि।


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Shani Pradosh Vrat 2026 Date Puja Muhurat and vidhi to Please Lord Shiva
जून में शनि प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? - फोटो : adobe stock

जून में शनि प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा?
वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 26 जून 2026 को रात 10:22 बजे होगा। यह तिथि 28 जून 2026 को रात 12:43 बजे तक रहेगी। चूंकि व्रत और पर्वों का निर्धारण प्रायः उदया तिथि के आधार पर किया जाता है, इसलिए शनि प्रदोष व्रत 27 जून 2026, शनिवार को मनाया जाएगा।
 

Shani Pradosh Vrat 2026 Date Puja Muhurat and vidhi to Please Lord Shiva
शनि प्रदोष व्रत - फोटो : freepik

शनि प्रदोष व्रत 2026 पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस वर्ष शनि प्रदोष व्रत पर शाम 07:20 बजे से रात 09:29 बजे तक का समय पूजा-अर्चना के लिए विशेष रूप से फलदायी रहेगा। मान्यता है कि इस अवधि में भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है तथा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं।

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शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि - फोटो : freepik.com

शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि

  • शनि प्रदोष व्रत के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ व हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।
  • दिन की शुरुआत भगवान शिव का स्मरण करते हुए करें और व्रत रखने का संकल्प लें।
  • इसके बाद तांबे के पात्र में जल भरकर सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करें।
  • पूरे दिन यथासंभव भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का जप करते रहें।
  • प्रदोष काल शुरू होने पर पूजा स्थल को साफ कर पूजा की तैयारी करें।
  • एक पवित्र चौकी पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • शिवलिंग या प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक करें और फिर शुद्ध जल से स्नान कराएं।
  • पूजा के दौरान रोली, अक्षत, धूप, दीप और पुष्प अर्पित कर विधिवत आराधना करें।
  • भगवान शिव को खीर, फल या अन्य सात्विक प्रसाद का भोग लगाएं।
  • पूजा के बाद शांत मन से आसन पर बैठकर 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
  • अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें तथा परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना करें।
  • आरती के बाद प्रसाद वितरित करें और श्रद्धा के साथ व्रत का पारण करें।
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शिव पूजा के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखें - फोटो : freepik.com

शिव पूजा के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखें

  • भगवान शिव की पूजा करते समय यथासंभव षोडशोपचार का उपयोग करें। इससे पूजा अधिक विधिपूर्वक और पूर्ण मानी जाती है।
  • भोलेनाथ को भोग के रूप में घी और शक्कर मिश्रित जौ के सत्तू अर्पित करना शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह भोग भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है।
  • पूजा के दौरान आठ दीपक जलाकर उन्हें आठों दिशाओं में स्थापित करें। यह सकारात्मक ऊर्जा और मंगलमय वातावरण का प्रतीक माना जाता है।
  • दीपक स्थापित करने के बाद प्रत्येक दिशा की ओर श्रद्धापूर्वक नमन करें और भगवान शिव से सुख, शांति तथा समृद्धि की प्रार्थना करें।
  • पूरे पूजन के दौरान मन को शांत रखें और श्रद्धा के साथ भगवान शिव का ध्यान करें, जिससे पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।
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