फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Vat Savitri Vrat 2022: आज वट वृक्ष की पूजा के दौरान पढ़ें ये कथा, अखंड सौभाग्य की होगी प्राप्ति

Mon, 30 May 2022 09:46 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Mon, 30 May 2022 09:46 AM IST
विज्ञापन
Vat Savitri Vrat Katha in Hindi Suhag Pitari or Bayna Significance and Vrat Rules of VAT Amavasya in Hindi
वट सावित्री व्रत के दिन पढ़ें ये कथा, अखंड सौभाग्य की होगी प्राप्ति - फोटो : amar ujala

Vat Savitri Vrat Katha in Hindi: आज यानी 30 मई 2022, दिन सोमवार को सुहागिन महिलाएं वट सावित्री व्रत रखेंगी और विधि-विधान से बरगद के पेड़ की पूजा करेंगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन ये व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत करती हैं। ये व्रत सावित्री को समर्पित किया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से बचाए थे, इसलिए इस दिन व्रत करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन विधि-विधान से पूजा अर्चना के साथ वट सावित्री व्रत कथा भी पढ़नी चलिए। आइए जानते हैं वट सावित्री की कथा के बारे में... 


 
Vat Savitri Vrat Katha in Hindi Suhag Pitari or Bayna Significance and Vrat Rules of VAT Amavasya in Hindi
वट सावित्री व्रत के दिन पढ़ें ये कथा, अखंड सौभाग्य की होगी प्राप्ति - फोटो : amar ujala

वट सावित्री व्रत कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार, मद्रदेश में अश्वपति नाम के धर्मात्मा राजा का राज था। उनकी कोई संतान नहीं थी। संतान प्राप्ति के लिए राजा ने यज्ञ करवाया, जिसके शुभ फल से कुछ समय बाद उन्हें एक कन्या की प्राप्ति हुई, इस कन्या का नाम सावित्री रखा गया। जब सावित्री विवाह योग्य हुई तो उन्होंने द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान को अपने पतिरूप में वरण किया। सत्यवान के पिता भी राजा थे परंतु उनका राज-पाट छिन गया था, जिसके कारण वे लोग बहुत ही द्ररिद्रता में जीवन व्यतीत कर रहे थे। सत्यवान के माता-पिता की भी आंखों की रोशनी चली गई थी। सत्यवान जंगल से लकड़ी काटकर लाते और उन्हें बेचकर जैसे-तैसे अपना गुजारा करते थे।

Vat Savitri Vrat Katha in Hindi Suhag Pitari or Bayna Significance and Vrat Rules of VAT Amavasya in Hindi
वट सावित्री व्रत के दिन पढ़ें ये कथा, अखंड सौभाग्य की होगी प्राप्ति - फोटो : iStock

जब सावित्री और सत्यवान के विवाह की बात चली तब नारद मुनि ने सावित्री के पिता राजा अश्वपति को बताया कि सत्यवान अल्पायु हैं और विवाह के एक वर्ष पश्चात ही उनकी मृत्यु हो जाएगी। जिसके बाद सावित्री के पिता नें उन्हें समझाने के बहुत प्रयास किए परंतु सावित्री यह सब जानने के बाद भी अपने निर्णय पर अडिग रही। अंततः सावित्री और सत्यवान का विवाह हो गया। इसके बाद सावित्री सास-ससुर और पति की सेवा में लग गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Vat Savitri Vrat Katha in Hindi Suhag Pitari or Bayna Significance and Vrat Rules of VAT Amavasya in Hindi
वट सावित्री व्रत के दिन पढ़ें ये कथा, अखंड सौभाग्य की होगी प्राप्ति - फोटो : amar ujala

समय बीतता गया और वह दिन भी आ गया जो नारद मुनि ने सत्यवान की मृत्यु के लिए बताया था। उसी दिन सावित्री भी सत्यवान के साथ वन को गई। वन में सत्यवान लकड़ी काटने के लिए जैसे ही पेड़ पर चढ़ने लगा कि उसके सिर में असहनीय पीड़ा होने लगी, कुछ वह सावित्री की गोद में सिर रखकर लेट गया। कुछ ही समय में उनके समक्ष अनेक दूतों के साथ स्वयं यमराज खड़े हुए थे। यमराज सत्यवान के जीवात्मा को लेकर दक्षिण दिशा की ओर चलने लगे, पतिव्रता सावित्री भी उनके पीछे चलने लगी। 

विज्ञापन
Vat Savitri Vrat Katha in Hindi Suhag Pitari or Bayna Significance and Vrat Rules of VAT Amavasya in Hindi
वट सावित्री व्रत के दिन पढ़ें ये कथा, अखंड सौभाग्य की होगी प्राप्ति - फोटो : iStock

आगे जाकर यमराज ने सावित्री से कहा, 'हे पतिव्रता नारी! जहां तक मनुष्य साथ दे सकता है, तुमने अपने पति का साथ दे दिया। अब तुम लौट जाओ' इस पर सावित्री ने कहा, 'जहां तक मेरे पति जाएंगे, वहां तक मुझे जाना चाहिए। यही सनातन सत्य है' यमराज सावित्री की वाणी सुनकर प्रसन्न हुए और उनसे तीन वर मांगने को कहा। सावित्री ने कहा, 'मेरे सास-ससुर अंधे हैं, उन्हें नेत्र-ज्योति दें' यमराज ने 'तथास्तु' कहकर उसे लौट जाने को कहा और आगे बढ़ने लगे किंतु सावित्री यम के पीछे ही चलती रही । यमराज ने प्रसन्न होकर पुन: वर मांगने को कहा। सावित्री ने वर मांगा, 'मेरे ससुर का खोया हुआ राज्य उन्हें वापस मिल जाए।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed