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Chanakya niti: ऐसे धन को भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए साथ, होती है सम्मान की हानि

धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: शशि सिंह Updated Fri, 15 Oct 2021 05:49 PM IST
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Chanakya niti quotes for money keep these things in mind for respectable life  niti shastra
Chanakya niti - फोटो : social media

आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान थे। वे एक कुशल रणनीतिकार, कूटनीतिज्ञ और अर्थशास्त्र के मर्मज्ञ थे। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी बुद्धिमत्ता के बल पर अपने शत्रु घनानंद को पराजित किया और चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाकर इतिहास की धारा को मोड़कर रख दिया था। उनकी विभिन्न विषयों का ज्ञान था व उनके द्वारा कई शास्त्र लिखें गए थे। इनमें से नीतिशास्त्र में मनुष्य के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में जिक्र किया गया है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि धन जीवन में आवश्यक होता है परंतु नीतिशास्त्र में ऐसे धन के बारे में भी बताया गया है, जिसको भूलकर भी हाथ नहीं लगाना चाहिए। ऐसे धन के कारण आपको मान-सम्मान की हानि उठानी पड़ती है।

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Chanakya niti quotes for money keep these things in mind for respectable life  niti shastra
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
जिसके लिए करना पड़े सदाचार का त्याग

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को कभी ऐसे धन को भूलकर भी हाथ नहीं लगाना चाहिए जिसके लिए आपको सदाचार का त्याग करना पड़े। जो लोग धन के लिए सदाचार का त्याग करते हैं समाज में कोई उनका सम्मान नहीं करता है। ऐसे धन के कारण आपको मान-सम्मान की हानि तो उठानी पड़ती है। 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
जिस धन के लिए करनी पड़े शत्रु की चापलूसी


आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मुझे वह दौलत नहीं चाहिए जिसके कारण मुझे शत्रु की चापलूसी करनी पड़े। जो धन शत्रु की चापलूसी करके प्राप्त हो उसके कारण सदैव अपमानित होना पड़ता हैैैै। इसके साथ ही व्यक्ति स्वयं भी भीतर ही भीतर आत्मग्लानि महसूस करता हैै, इसलिए ऐसे धन का त्याग करना ही उचित है।

 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
जिस धन के लिए सहनी पड़े यातनाएं


आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मुझे ऐसा धन नहीं चाहिए जिसके लिए यातनाएं सहनी पड़े। यहां तात्पर्य यह है कि ऐसे धन का त्याग करना ही बेहतर होता है जिसके कारण आपको किसी भी प्रकार से यातना सहनी पड़े। ये यातना शारीरिक या मानसिक दोनों तरह से आपको कष्ट पहुंचा सकती हैं।

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