5 सितंबर शिक्षक दिवस के रूप मे मनाया जाता है। हर व्यक्ति के लिए शिक्षा ज़रूरी है और बिना शिक्षक शिक्षा का कोई अर्थ ही नहीं है। शिक्षक का हमारे जीवन में अहम योगदान होता है। जीवन के हर कदम पर शिक्षक की आवश्यकता होती हैं। इस बात का उल्लेख हमें प्राचीन कथाओं में भी मिलता है।
शिक्षक दिवस 2019ः शिक्षक का महत्व कबीरदास जी ने ऐसे समझाया
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कबीर का एक दोहा भी इस महत्त्व को उजागर करता हैं
गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष।
गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मैटैं न दोष।।
कबीर के अनुसार बिना गुरु के ज्ञान मिलना संभव ही नहीं है। जब तक गुरु ज्ञान नहीं मिलता हमारा जीवन अंधकार में ही डूबा रहता है। बिना गुरु ज्ञान के सत्य और असत्य का पता नहीं चलता है। उचित और अनुचित के भेद का ज्ञान नहीं होता हैं।